Bharat ki Pramukh khufiya agency: भारत की चार सबसे पावरफुल खुफिया एजेंसी, जानिए कौन है सबसे ज्यादा खतरनाक

Bharat ki Pramukh khufiya agency: आतंकवादी गतिविधियों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए अमेरिका जैसे बड़े देश ने सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA), फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) और इज़राइल ने मोसाद (Mossad) जैसी खुफिया एजेंसी का निर्माण किया है, लेकिन आपको जानकार खुशी होगी कि भारत में भी कई खुफिया एजेंसीज है, जो हमे प्रोटेक्ट करने का काम करती है ।आइए जानते है भारत की खुफिया एजेंसीज के बारे में।

Update: 2026-01-02 05:47 GMT

Bharat ki Pramukh khufiya agency: विश्व के सभी देश अपनी सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क रहते हैं और जब भारत जैसे बड़े जनसंख्या वाले देश की बात आती है तो हमें और भी सावधान रहना चाहिए क्योंकि आय दिन यहां आतंकवादी गतिविधियां होती रहती है। इसी आतंकवादी गतिविधियों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए अमेरिका जैसे बड़े देश ने सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA), फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) और इज़राइल ने मोसाद (Mossad) जैसी खुफिया एजेंसी का निर्माण किया है, लेकिन आपको जानकार खुशी होगी कि भारत में भी कई खुफिया एजेंसीज है, जो हमे प्रोटेक्ट करने का काम करती है ।आइए जानते है भारत की खुफिया एजेंसीज के बारे में।

1. एनआईए (NIA)

यह भारत सरकार की केंद्रीय आतंकवाद रोधी प्रवर्तन एजेंसी है। इसकी स्थापना सन 2008, 31 दिसंबर को मुंबई में हुए एक आतंकवादी हमले के बाद हुई थी। एनआईए का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपराधों की जांच करना है साथ ही यह हथियारों और ड्रग्स की तस्करी, भारत की मुद्रा का व्यापार, सीमा पार घुसपैठ जैसे मामलों की जांच करती है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के पास यह अधिकार होता है कि यह बिना किसी अनुमति के राज्यों के अंदर आतंकवाद संबंधी मामलों की जांच कर सकती हैं। इसका नेतृत्व एक महानिदेशक द्वारा किया जाता है जो एक आईपीएस अधिकारी होते हैं। एनआईए (National investigation agency) का मुख्यालय नई दिल्ली में है।

2. रॉ एजेंसी (RAW)

यह भारत की एक विदेशी खुफिया एजेंसी है जिसका फुल फॉर्म है रिसर्च एंड एनालिसिस विंग है। इसकी स्थापना 1968 में हुई थी जिसका मुख्य काम है भारत के बाहर से विदेशी खुफिया जानकारी इकट्ठा करना और आतंकवाद के खिलाफ भारत को सूचित करना। रॉ का नेतृत्व करने के लिए एक निदेशक की नियुक्ति की जाती है जो सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है।

3. आईबी (IB)

यह भारत की आंतरिक खुफिया एजेंसी है जिसे इंटेलिजेंस ब्यूरो भी कहा जाता है। इसका मुख्य कार्य देश के अंदर सुरक्षा से संबंधित जानकारी इकट्ठा करना और आंतरिक गैर–कानूनी गतिविधियों का पता लगाना है। आईबी, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है।

4. सीबीआई (CBI)

यह भी भारत की एक प्रमुख जांच एजेंसी है जिसे Central bureau of investigation (केंद्रीय जांच ब्यूरो) भी कहा जाता है। यह भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत काम करती है। इसकी स्थापना 1963 में दिल्ली विशेष पुलिस अधिनियम के तहत की गई थी इस एजेंसी के नेतृत्व के लिए भी भारत सरकार द्वारा एक निदेशक नियुक्त किया जाता है। इसका भी मुख्यालय नई दिल्ली में ही है।

सीबीआई को किसी भी राज्य में जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी होती है। यदि सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट जांच के आदेश देती है तो इस स्थिति में राज्य की अनुमति नहीं लेनी पड़ती। सीबीआई अब तक कई हाई प्रोफाइल केस हैंडल कर चुका है जैसे– 2G स्पेक्ट्रम घोटाला और विजय माल्या केस आदि।

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