Bharat Ka Chini Ka Katora kise kahte hai: भारत का चीनी का कटोरा किस राज्य को कहते है? जानिए भारत में चीनी उद्योग का इतिहास।

Bharat Ka Chini Ka Katora kise kahte hai: भारत के सभी राज्यों की अपनी-अपनी संस्कृति और अलग पहचान है। जैसे छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहते हैं, केरल को मसालो का द्वीप कहते हैं, लेकिन क्या आपने शक्कर का कटोरा सुना है?

Update: 2026-01-01 13:21 GMT

Bharat Ka Chini Ka Katora kise kahte hai: भारत के सभी राज्यों की अपनी-अपनी संस्कृति और अलग पहचान है। जैसे छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहते हैं, केरल को मसालो का द्वीप कहते हैं, लेकिन क्या आपने शक्कर का कटोरा सुना है? भारत के इस राज्य को शक्कर का कटोरा कहा जाता है। शक्कर बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल इसी राज्य में सबसे ज्यादा उगाया जाता है इसलिए यहां शक्कर का उत्पादन भी सभी राज्यों की तुलना में अधिक है। यहां की कृषि खासकर गन्ने की मीठी फसल की वजह से यह राज्य शक्कर के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है। आइए जानते हैं की किस राज्य को कहते हैं भारत का शक्कर का कटोरा।

उत्तर प्रदेश को चीनी का कटोरा क्यों कहा जाता है?

भारत के उत्तर प्रदेश राज्य को चीनी का कटोरा कहा जाता है। क्योंकि यह राज्य अपने कुल कृषि भूमि के 45 से 50 प्रतिशत हिस्से में सिर्फ गन्ना ही उत्पादित करता है। शक्कर बनाने के लिए उचित कच्चा माल गन्ना ही होता है और जब राज्य के आधे भाग में गन्ने की खेती होती है, तो शक्कर भी यहां अधिक मात्रा में बनता है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश को चीनी केंद्र भी कहते है साथ ही यहां बने शक्कर कारखाने से लोगों को रोजगार की सुविधा भी प्राप्त होती है।

मुजफ्फरपुर में होता है चीनी का उत्पादन

उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना नदियों के बीच का दोआब क्षेत्र जलोढ़ मिट्टी से भरा हुआ है, जो गन्ने के पैदावार के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। गन्ने की खेती के लिए 21 से 27°C गर्म और आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है और उत्तर प्रदेश की जलवायु बिल्कुल इसी अनुकूल है। अगर उत्तर प्रदेश में भी सबसे ज्यादा चीनी उत्पादन की बात करें तो वह मुजफ्फरपुर में होता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि एशिया की सबसे बड़ी चीनी मिल त्रिवेणी चीनी मिल इसी जिले के खतौली कस्बे में स्थित है। यह मिल अपने उच्च उत्पादन क्षमता और भंडारण के लिए प्रसिद्ध है। गन्ने से गुड़ बनाने का भी काम किया जाता है, इसलिए मुजफ्फरनगर को गुड़ की मंडी भी कहते है। मुजफ्फरनगर के अलावा लखीमपुर खीरी, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर और बरेली जैसे जिले भी प्रसिद्ध है।

भारत में चीनी उद्योग की शुरुआत

भारत में चीनी उत्पादन की शुरुआत तो प्राचीन काल से ही हो गई थी, लेकिन आधुनिक चीनी उद्योग सन 1903 से प्रारंभ हुआ, जब उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में पहली चीनी मिल की स्थापना हुई थी। भारत में 1931 के आते तक 29 चीनी मिल बनाए जा चुके थे, लेकिन आजादी के बाद यह बढ़कर 139 मिल तक पहुंच गई थी।

उत्तर भारत राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश और बिहार में सबसे ज्यादा गन्ने की खेती होने की वजह से यहां चीनी मिल को अधिक बढ़ावा मिल पाया। भारत के संदर्भ में देखें तो जुट और कपास के बाद चीनी उद्योग सबसे बड़ा है। पूरे भारत में अभी लगभग 500 के आसपास चीनी मिल स्थापित है। भारत, चीनी का सबसे बड़ा उपभोक्ता और ब्राज़ील के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। विश्व में कुल चीनी उत्पादन का 19% केवल भारत का ही योगदान है। भारत में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात और तमिलनाडु में भी शक्कर का उत्पादन होता है।

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