ट्रांसफर पर संशय: छत्तीसगढ़ में जिले के अंदर शिक्षकों के ट्रांसफर की पर भ्रम की स्थिति...आखिरकार शिक्षक का कौन करेगा ट्रांसफर?
रायपुर। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सहायक शिक्षकों की स्थानांतरण सूची जारी हो रही है और जिन्हें स्थानांतरण का लाभ मिल रहा है उनके चेहरे पर खुशी छाई हुई है। लेकिन एक तबका ऐसा भी है जिसके चेहरे पर खुशी तो इसी आदेश में मिलना था। लेकिन अब उसके चेहरे पर केवल और केवल प्रश्नचिन्ह के भाव नजर आ रहे हैं और वह तबका है माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षक। शासन के स्थानांतरण आदेश को पढ़ें तो यह साफ है की तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी का स्थानांतरण जिले के अंदर कलेक्टर द्वारा किया जाना है।
मगर शिक्षक के मामले में ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसकी शुरुआत हुई गरियाबंद जिले से, जहां पर शिक्षकों का नाम तबादला सूची में शामिल था। लेकिन बाद में इसे नियम विरुद्ध बता कर निरस्त कर दिया गया और यह कहा गया कि जिला शिक्षा अधिकारी को इसका अधिकार नहीं है और कलेक्टर को भ्रम में रखकर यह आदेश जारी करवाया गया। लेकिन शासन के स्थानांतरण आदेश को पढ़ें तो ऐसा ही होना था लेकिन पेंच फस गया जेडी की मौजूदगी और उसके अधिकार क्षेत्र को लेकर।
दरअसल, शिक्षक का नियोक्ता जेडी होता है और उसका कार्य क्षेत्र पूरा संभाग होता है अब इसी को लेकर सवाल खड़े हुए और सभी जिलों से जारी होने वाली सूची में शिक्षकों के नाम को फिलहाल रोक दिया गया है। आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ही जमा है लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिरकार आदेश कौन निकालेगा और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी कौन होगा बहरहाल विभाग के उच्च अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी करना चाहिए। ताकि भ्रम की स्थिति दूर हो सके और शिक्षकों को भी लाभ मिल सके