CG: Strike News: हड़ताल न्यूज, फेडरेशन की हड़ताल का सभी शिक्षक संगठनों का समर्थन नहीं, स्कूलों में हड़ताल का दिखेगा मिला-जुला प्रभाव
CG: Strike News: छत्तीसगढ़ में कल से कर्मचारी अधिकारी तीन दिनों तक हड़ताल पर रहेंगे। फेडरेशन के आंदोलन को प्रदेश के कई शिक्षक संगठनों ने सिर्फ नैतिक समर्थन दिया हैं।
CG: Strike News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में कल से प्रदेश के 40 हजार स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होगी...यह इसलिए क्योंकि 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने 29 से 31 दिसंबर तक काम बंद, कलम बंद हड़ताल का आह्वान किया है। आंदोलन का समर्थन शिक्षक संगठनों ने भी किया है। ऐसे में जो बच्चे स्कूल पहुंचेगे उन्हें शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ेगा। हालाँकि शिक्षक संगठनों ने आंदोलन का सिर्फ नैतिक समर्थन किया है। इसका मतलब यह है कि प्रदेश के कई बड़े शिक्षक संगठन इस प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, सिर्फ नैतिक समर्थन देंगे... वहीँ केदार जैन संयुक्त शिक्षक संघ ने इस प्रदर्शन को समर्थन दिया हैं।
छत्तीसगढ़ के शिक्षक संगठनों का सिर्फ नैतिक समर्थन
फेडरेशन के हड़ताल में शालेय शिक्षक संघ वीरेंद्र दुबे, छतीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन संजय शर्मा, समग्र सहायक शिक्षक फेडरेशन, रविन्द्र राठौर समेत संयुक्त शिक्षक मोर्चा के छोटे बड़े 25 से ज्यादा संगठन इस आंदोलन में शामिल नहीं होंगे। सभी संगठनों का सिर्फ नैतिक समर्थन रहेगा।
जानिए शिक्षक संगठन ने क्या कहा
दरअसल, शिक्षक संगठनों का कहना है कि शिक्षकों की सिर्फ डीए की ही मांग नहीं हैं, बल्की और भी बहुत सारी मांगे है, जिन्हें समय समय पर शिक्षक संगठन सरकार तक पहुंचाता रहा है।
संगठन ने यह भी कहा कि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को आने वाले समय में सरकार के सामने रखेगें और मांग पूरी नहीं होने पर उनके द्वारा आंदोलन भी किया जाएगा।
आंदोलन में शामिल नहीं होने का कारण
संगठनों ने कहा कि जब से वे फेडरेशन के आंदोलन में शामिल होना शुरू किये हैं, तब से शिक्षकों की मांगों को फेडरेशन द्वारा नजर अंदाज किया जा रहा है। फेडरेशन का आंदोलन अंमिम समय पर कमजोर रहता है। फेडरेशन आंदोलन को कभी भी समाप्त कर देते हैं।
सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि
"इतिहास गवाह है कि आम शिक्षक संगठन के प्रांत अध्यक्ष का चेहरा देखकर नहीं बल्कि अपने मुद्दों को लेकर हड़ताल में शामिल होता है और यही शाश्वत सत्य है । यह पहली बार नहीं है कि कुछ संगठन हड़ताल से बाहर हैं , जो बाहर है वह अक्सर बाहर ही रहते हैं लेकिन आम शिक्षक हड़ताल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और इस बार भी ऐसा ही होगा। वैचारिक असहमति सभी संगठनों में होना आम बात है और यह कोई नई बात नहीं है लेकिन मूल विषय यह है कि शिक्षक अपने मुद्दों को लेकर हमेशा से जागरूक रहा है और उसकी जागरूकता प्रदेश में एक बार नहीं बल्कि बारंबार नजर आती है। हमारा सर्व शिक्षक संघ फेडरेशन के साथ है और हड़ताल में पूरी तरह शामिल है।''
पढ़ाई होगी प्रभावित
जानकारी मिली हैं कि स्कूल में अगर 4 शिक्षक पदस्थ हैं तो सिर्फ दो शिक्षक आंदोलन में शामिल होंगे और दो शिक्षक स्कूलों में बच्चों को संभालेंगे। मालूम हो कि राज्य सरकार ने 21 से 27 दिसंबर तक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश जारी किया था। बच्चों की शीतकालीन छुट्टियाँ आज समाप्त हो गई। बच्चे 29 दिसंबर से स्कूल पहुंचेगे और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसकों भी ध्यान में रखा गया है।
आंदोलन को लेकर डिप्टी सीएम का बयान
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कर्मचारियों के आंदोलन पर कहा कि, राज्य सरकार कर्मचारियों की हित में लगातार कार्य कर रही है। वहीं कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान हो रहा है एवं नई भर्तियां भी हो रही है। साथ ही कर्मचारी हित के काम लगातार हो रहे हैं। उन्हें आंदोलन की बजाय बातचीत का रास्ता अपनना चाहिए।