CG बोर्ड बनाम CBSE संबद्धता, छत्तीसगढ़ में दो हजार के करीब फर्जी तरीके से चल रहे CBSE स्कूल, सीजी बोर्ड की मान्यता लेकर सीबीएसई के नाम पर पालकों से वसूल रहे प्रीमियम फीस

CG School News: छत्तीसगढ़ में सीजी बोर्ड से मान्यता लेकर फर्जी तरीके से सीबीएसई पाठ्यक्रम की स्कूलें धड़ल्ले से चलाई जा रही है। छत्तीसगढ़ में तकरीबन 1784 अंग्रेजी माध्यम की स्कूले हैं जो सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त है।

Update: 2026-03-26 07:45 GMT

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

रायपुर 26 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ में सीजी बोर्ड से मान्यता लेकर फर्जी तरीके से सीबीएसई पाठ्यक्रम की स्कूलें धड़ल्ले से चलाई जा रही है। छत्तीसगढ़ में तकरीबन 1784 अंग्रेजी माध्यम की स्कूले हैं जो सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। इन स्कूल प्रबंधकों द्वारा बच्चों,पालकों और स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों की आंखों में धूल झाेककर सीबीएसई पाठ्यक्रम के नाम पर स्कूलों का संचालन कर रहे हैं। पालकों से सीबीएसई के नाम पर मोटी फीस भी वसूल रहे हैं। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका में इस तरह का सनसनीखेज जानकारी याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में दी है।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्धता को लेकर नियमों पर गौर करें तो पहली से 10 वीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाले बच्चों को पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित किताबें मुफ्त में देना है। इसके अलावा सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलें किसी अन्य प्रकाशन की किताबें नहीं चला सकते। पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा दी जाने वाली किताबों से ही पढ़ाई करानी है और उसी सिलेबस के अनुसार परीक्षा आयोजित करनी है। छत्तीसगढ़ में इसके ठीक उलटा हो रहा है।

सीजी बोर्ड से अंग्रेजी माध्यम की मान्यता व संबद्धता लेने के बाद प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट मनमानी तो कर रही हैं, सीजी बोर्ड से सीधतेौर पर फर्जीवाड़ा भी कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन बोर्ड के नियमों व निर्देशों को धता बताते हुए निजी प्रकाशकों की किताबें चला रहे हैं। इसके पीछे का कारण भी साफ है, निजी प्रकाशकों की किताबें ऊंची दाम पर मिलती है और प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट को भारी भरकम कमीशन भी मिलता है। इनकी मनमानी का खामियाजा शिक्षा के अधिकार RTE के तहत पढ़ने वाले गरीब बच्च्चों को भुगतना पड़ रहा है। महंगी किताबें खरीदनी पड़ रही है।

छत्तीसगढ़ में सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त 6100

छत्तीसगढ़ में सीजी बोर्ड से हिंदी व अंग्रेजी माध्यम की स्कूल संचालित करने के लिए बोर्ड ने 6100 स्कूलों को मान्यता दी है। इन स्कूलों में पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा भेजे जाने वाली किताबों का नि:शुल्क वितरण छात्रों को करना है और इसी पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई करानी है। खास बात ये सीजी बोर्ड के मापदंड के अनुसार अपना कोई सिलेबस नहीं चला सकते।

1784 स्कूलों ने निगम से किताबें ही नहीं ली

छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में रायपुर निवासी विकास तिवारी ने हस्तक्षेप याचिका दायर की है। विकास तिवारी ने हाई कोर्ट को बताया कि शैक्षणिक वर्ष 2025 26 में 1784 ऐसे स्कूलें हैं जो सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त अंग्रेजी माध्यम की स्कूलें हैं। इन स्कूलों ने नि:शुल्क पुस्तकें नहीं उठाई। ये ऐसे स्कूलें हैं जहां सीजी बोर्ड अंग्रेजी माध्यम की मान्यता लेकर सीबीएसइ की पढ़ाई कराई जा रही है।

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