सेहत संवार रही है भूपेश सरकार
मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना से गांव के लोगों को मिल रही निशुल्क जांच और इलाज की सुविधा
रायपुर 27 अक्टूबर 2022 I गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के छत्तीसगढ़ के ग्रामाचंल एवं सुदूर वनाँचलों के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है। महात्मा गांधी जी के 150 वें जन्म दिवस के अवसर 2 अक्टूबर 2019 को इस योजना का शुभारंभ किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी के कारण बीमार लोगों को ईलाज के लिए कई बार आधारभूत स्वास्थ्य सेवाऐं भी समय पर नहीं मिल पाने के कारण बीमारी का पता नहीं चल पाता है तथा जटिलता की स्थिति में उच्च अस्पतालों को रिफर करना पड़ता है। हर हफ्ते हाट बाजार क्लिनिक में जांच और ईलाज की सुविधा से ऐसे मरीजों को त्वरित रूप से आधारभूत स्वास्थ्य सेवाऐं मिल रही है। ग्रामीण तथा शहरी स्लम क्षेत्रों में पैथोलॉजी प्रयोगशालाएं नहीं होने के कारण मरीजों को छोटी-छोटी जाँचों के लिए भी शहरी क्षेत्रों तक आना पड़ता है। अब हाट बाजार क्लिनिक में ही रक्तचाप, मधुमेंह, सिकलसेल, एनीमिया, हीमोग्लोबिन, मलेरिया, टायफाइड जैसी बीमारियों के लिए खून की जांच निःशुल्क हो रही है। जिससे लोगों का बीमारी की स्थिति में त्वरित ईलाज भी हो रही है।
हाट बाजार में आंखों का फ्री टेस्ट
हॉट बाजारों में होने वाले हेल्थ चेकअप कैंप में आई टेस्ट की सुविधा भी शुरू की गई है। हर कैंप में आंखों की जांच के लिए एक डॉक्टर भेजा जा रहा है। यानी इन शिविरों में आई क्लिनिक की भी सुविधा लोगों को मिल रही है। इस दौरान लोगों को निशुल्क चश्मा प्रदान किया जा रहा है। इन शिविरों में बीपी, शुगर जांच के अलावा हाट बाजारों में परिजन के साथ पहुंचने वाले बच्चों का वजन और लंबाई भी देखा जा रहा है। बच्चों के कुपोषित होने पर उन्हें तुरंत चिन्हित किया जा रहा है।
16 लैब टेक्नीशियनों की हुई नियुक्ति
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के 57 हाट बाजारों में हेल्थ चेकअप के लिए बनी कुल 14 टीमों में से प्रत्येक को एक लैब टेक्नीशियन मिल गया है। कलेक्टर डॉ पुष्पेंद्र मीणा से अनुमोदन लेकर सीएमएचओ ने 16 लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति कर दी है। हॉट बाजारों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है। जिसके तहत 2 अतिरिक्त लैब टेक्नीशियन नियुक्त किए गए हैं।
गंभीर बीमारियों की जांच के लिए सैंपल ले रहे
दुर्ग के सीएमएचओ डॉ जेपी मेश्राम ने बताया कि हाट बाजारों के हेल्थ चेकअप कैंप में पहले ANM नर्सों को ट्रेनिंग देकर जांच के लिए लगाया गया था। अब हर टीम के लिए सभी टीम के लिए लैब टेक्नीशियन मिल गए हैं। अब सैंपल लेने और जांच करने का काम एक्सपर्ट करेंगे। इसके अलावा मलेरिया सिकलिन, डेंगू, विड्रॉल, शुगर, कोरोना वायरस जैसे गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु सैंपल लिए जा रहे हैं। सामान्य मरीजों का तुरंत इलाज भी किया जा रहा है।
ग्रामीणों के पैसों की हो रही बचत
ग्रामीणों का कहना है कि हाट-बाजार क्लीनिक योजना से न सिर्फ स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा मिली है बल्कि उनके समय के साथ पैसों की भी बचत हो रही है। अब उन्हें इलाज के लिए मुखयालय से दूर-दूर जाना नहीं पड़ता। हाट-बाजार में खून जांच, बीपी-शुगर जांच, मलेरिया, टाइफाइड सहित अन्य बीमारियों की जांच आसानी से हो जाती है।
दुर्ग, जशपुर और सूरजपुर में लाखों मरीजों का फ्री इलाज
जशपुर जिले में अप्रैल से सितंबर के बीच छह माह में 1 लाख 69 हजार 651 लोगों का इलाज हुआ है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के तहत अप्रैल से सितंबर तक कुल 112 हाट बाजारों में 22 मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा कुल 2777 शिविर लगाकर 1,69,651 ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांच किया गया है। साथ ही 1,50,707 लोगों को निशुल्क दवा बांटी गई है। इसमें फरसाबहार में 448 शिविर में 22709 मरीज, पत्थलगांव में 459 शिविर में 31533 मरीज, कांसाबेल में 307 शिविर में 20119 मरीज, दुलदुला में 363 शिविर में 25257 मरीज, कुनकुरी मे 334 शिविर में 22245 मरीज, बगीचा में 561 शिविर में 31651 मरीज, जशपुर में 156 शिविर में 7829 मरीज एवं मनोरा में 149 शिविर लगाकर 8308 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर लाभान्वित किया गया है। सूरजपुर जिले में सितम्बर माह में जिले में प्रति शिविर औसतन 60 ओपीडी की गई वहीं इस माह अबतक 130 मरीजो को उन के गम्भीर स्थितियों के कारण अस्पताल रिफर किया गया। हाट-बाजार क्लिनिक में टीम द्वारा लोगो को वर्तमान में बदलते मौसम के साथ लोगो को मच्छरदानी के उपयोग जमीन में न सोने, आस-पास बरसात के पानी को जमा न होने देने सहित अन्य उपाय अपनाने के सुझाव दिए जाते रहे है। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के मोबाईल मेडिकल टीम में अनुभवी चिकित्सा, एएनएम, फार्मासिस्ट द्वारा मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ टीकारण, एनीमिया, कुपोषण से बचाव था सुरक्षित संस्थागत प्रसव के बारे मेें भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी जा रही है। दुर्ग जिले में 57 हाट बाजारों में हेल्थ चेकअप कैंप की फिर से शुरुआत की गई है। इन सभी हाट बाजारों में निशुल्क हेल्थ चेक कैंप लगाए जा रहे हैं। हाट बाजारों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जिले में अब तक लगभग 50,000 से अधिक लोगों को हाट बाजार क्लिनिक योजना के तहत लाभ मिल चुका है। इसके साथ ही अब जिले में लैब टेक्नीशियन की कमी को पूरा कर लिया गया है।