इस देश में रेप करने वालों को बनाया जाएगा नपुंसक, आदतन रेपिस्टों को मिलेगी अब कठोर सजा, संसद ने पास किया कानून
पाकिस्तान में रेप करने वालों को बनाया जाएगा नपुंसक,
नईदिल्ली 18 नवम्बर 2021. पाकिस्तान की संसद ने देश में बढ़ रही बलात्कार की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून को मंजूरी दे दी है। इस कानून के अंतर्गत दुष्कर्म के दोषियों को दवा देकर बधिया (नपुंसक) भी बनाया जाएगा। इस कानून का उद्देश्य बलात्कार के दोषसिद्धि में तेजी लाना और कड़ी सजा देना है। पाकिस्तान में महिलाओं और बच्चों के साथ बलात्कार की घटनाओं में काफी बढ़ोत्तरी देखी गई है, जिसके बाद सरकार पर कड़े कानून लागू करने का दबाव बढ़ता जा रहा था।
बलात्कारियों को सख्त सजा देने की समाज में बढ़ती मांग के बाद पाकिस्तानी संसद की ओर से यह एक बड़ी पहल की गई है। करीब एक साल पहले राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने बलात्कार विरोधी अध्यादेश को मंजूरी दी थी। इस अध्यादेश को पाकिस्तानी कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। इस अध्यादेश में बलात्कारियों को दवा देकर नपुंसक बनाने एवं रेप के मामलों की जल्द सुनवाई की व्यवस्था बनाई गई थी। इस अध्यादेश के एक साल बाद संसद ने यह विधेयक पारित किया है।
राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के पाकिस्तानी मंत्रिमंडल द्वारा पारित अध्यादेश पर मुहर लगाने के लगभग एक साल बाद यह विधेयक पारित हुआ है। विधेयक में दोषी की सहमति से उसे रासायनिक तौर पर नपुंसक बनाने और त्वरित सुनवाई के लिये विशेष अदालतों के गठन का आह्वान किया गया है। 'डॉन' अखबार के मुताबिक आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक 2021 विधेयक को बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र में 33 अन्य विधेयकों के साथ पारित कर दिया गया। अखबार ने बताया कि यह पाकिस्तान दंड संहिता, 1860 और दंड प्रक्रिया संहिता, 1898 में संशोधन करना चाहता है।
विधेयक के मुताबिक, "रासायनिक तौर पर नपुंसक बनाना एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे प्रधानमंत्री द्वारा बनाए गए नियमों द्वारा विधिवत अधिसूचित किया जाता है, जिसके तहत एक व्यक्ति को अपने जीवन की किसी भी अवधि के लिए संभोग करने में असमर्थ बना दिया जाता है, जैसा कि अदालत द्वारा दवाओं के प्रशासन के माध्यम से निर्धारित किया जा सकता है जो एक अधिसूचित चिकित्सा बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा।" जमात-ए-इस्लामी के सांसद मुश्ताक अहमद ने इस विधेयक का विरोध किया और इसे गैर-इस्लामी और शरिया के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि दुष्कर्मी को सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी चाहिए लेकिन शरिया में कहीं नपुंसक बनाए जाने का उल्लेख नहीं है।
रासायनिक रूप से नपुंसक बनाना यौन क्रिया को कम करने के लिए दवाओं का उपयोग है। मीडिया की खबरों के मुताबिक, दक्षिण कोरिया, पोलैंड, चेक गणराज्य और अमेरिका के कुछ राज्यों में यह सजा का कानूनी रूप है। आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान में यौन उत्पीड़न या बलात्कार के चार प्रतिशत से भी कम मामलों में दोषसिद्धि होती है।
रासायनिक बधियाकरण के तहत ऐसी दवाएं दी जाती हैं, जिससे सेक्शुअल एक्टिविटी कम हो जाए। दक्षिण कोरिया, पोलैंड, चेक गणराज्य और अमेरिका के कुछ राज्यों में रासायनिक बधियाकरण कानूनी है। हालांकि, आलोचकों का यह भी कहना है कि पाकिस्तान में यौन हमलों और बलात्कार के सिर्फ 4 फीसदी मामलों में ही दोषी को सजा मिलती है।