77वां गणतंत्र दिवस: कलिंगा विश्वविद्यालय में उत्साह के साथ मनाया गया, छात्रों ने पेश की देशभक्ति की झलक
Kalinga University: रायपुर: कलिंगा विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय परिसर में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस गहन राष्ट्रभक्ति, उत्साह और राष्ट्रीय गर्व के साथ बड़े धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रध्वज फहराने के साथ हुई, इसके बाद राष्ट्रगान ने उपस्थित शिक्षकगण, कर्मचारी और छात्रों के बीच एक गंभीर और प्रेरणादायक वातावरण उत्पन्न किया।
Kalinga University: रायपुर: कलिंगा विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय परिसर में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस गहन राष्ट्रभक्ति, उत्साह और राष्ट्रीय गर्व के साथ बड़े धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रध्वज फहराने के साथ हुई, इसके बाद राष्ट्रगान ने उपस्थित शिक्षकगण, कर्मचारी और छात्रों के बीच एक गंभीर और प्रेरणादायक वातावरण उत्पन्न किया।
इस समारोह में एकता, अनुशासन और संवैधानिक मूल्यों की भावना झलकती रही, जिसमें छात्रों, स्वयंसेवकों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस कार्यक्रम में भारतीय संविधान के महत्व और लोकतंत्र, समानता एवं न्याय के आदर्शों को उजागर किया गया।
डॉ. आर. श्रीधर – कुलपति, कलिंगा विश्वविद्यालय ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और छात्रों में जिम्मेदारी, ईमानदारी और राष्ट्र निर्माण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि वे राष्ट्र को मजबूत बनाने और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
समारोह में छात्रों द्वारा आयोजित औपचारिक गतिविधियाँ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल थीं, जिन्होंने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और देशभक्ति की भावना को उजागर किया। विश्वविद्यालय परिसर में जीवंत सहभागिता देखने को मिली, जिसने समारोह की गरिमा और भव्यता को और बढ़ाया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. ए. विजयानंद – कुलानुशासक, डॉ. संजीव कुमार यादव – खेल अधिकारी, डॉ. हर्षा शर्मा – एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, छात्र कल्याण टीम, शिक्षा संकाय और एनसीसी प्रतिनिधि उपस्थित थे। समारोह का धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. हर्षा शर्मा – एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी ने प्रस्तुत किया।
कलिंगा विश्वविद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह संस्थान की उस प्रतिबद्धता को पुनः प्रमाणित करता है, जो छात्रों में राष्ट्रीय मूल्यों, नागरिक जिम्मेदारी और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने की है।