छत्तीसगढ़ सामाजिक न्याय का मॉडल से किसान, आदिवासी, मजदूर, महिलाओं और युवाओं को मिला आर्थिक संबल...

Update: 2023-09-15 06:05 GMT

रायपुर 15 सिंतबर 2023। पूरे देश में छत्तीसगढ़ आज सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा मॉडल बनकर उभरा है। भूपेश बघेल की सरकार ने प्रदेश में सभी वर्गों के उत्थान के लिए योजनाएं बनाई है। किसानों, आदिवासियों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने का काम किया है। सरकार का दावा है कि प्रदेश में 40 लाख लोग गरीबी से बाहर आए हैं क्योंकि मेहनतकश को उसकी मेहनत के अनुरूप पैसा मिल रहा है और वह खुशी-खुशी प्रदेश को गढ़ने तथा आगे बढ़ाने में स्वतः स्फूर्त होकर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। आज नक्सलियों का दायरा सिमट गया है। बस्तर अंचल में बंद स्कूलों को खोलने की बड़ी पहल हुई है। जिससे भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हुआ है। उद्योग और व्यापार के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया गया। साथ ही इसके लिए अधोसंरचना निर्माण का काम हो रहा है। उद्योगों को बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए सरकार ने भरपूर सहयोग दिया है। सरकार के प्रयासों का ये सुखद परिणाम रहा कि इस सुदूर अंचल के जिले में लोग खुशहाली से जीवन व्यतीत कर रहे हैं और मुख्यधारा में जुड़कर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बीजापुर में ट्रेक्टरों की बिक्रियां बढ़ी है और वहां शोरूम खुलने लगे। खेती-किसानी में उन्नत तकनीक के उपयोग से सम्पन्नता आ रही है। बीजापुर में गारमेंट फैक्ट्री का लोकार्पण भी किया गया है। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं। महिलाओं के स्वावलंबन के लिए प्रदेश में वृहद स्तर पर काम हुआ है। छत्तीसगढ़ के पुरखों के सपनों को पूरा करने की यह शुरूआत है। महात्मा गांधी के सपने को साकार करने के लिए गांवों में सुराजी गांव योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, भूमिहीन मजदूर किसान न्याय योजना आदि का क्रियान्वयन किया जा रहा है। गांवों से पलायन न हो इसके लिए गांवों में ही उत्पादन और विपणन का केन्द्र बनाया गया है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और अस्मिता को पुष्पित एवं पल्लवित करने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है।

राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, कृषि, वन और रोजगार के क्षेत्र में योजनाएं संचालित की जा रही हैं। किसानों और मजदूरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं से हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। अभी कुछ दिनों पूर्व नवा रायपुर में 1100 एकड़ क्षेत्र में व्यापार के लिए होलसेल कारिडोर निर्माण करने शिलान्यास किया गया। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के ध्येय को पूरा करने के लिए सरकार को राज्य की जनता का पूरा सहयोग मिल रहा है। युवाओं और महिलाओं के सपने को रीपा और उपा के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। घर सम्पन्न होगा तो युवाओं के सपने को भी एक नई उड़ान मिलेगी। रीपा के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को अवसर मिलने के साथ-साथ युवाओं को नया अवसर मिलेगा। सरकार ने राज्य में कृषि और व्यापार का वातावरण सुखद बनाया है। उन्होंने कहा कि 2019-24 की नई औद्योगिक नीति लागू होने से राज्य में उद्योगों का विकास निरंतर हो रहा है। भूपेश बघेल की सरकार ने पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के किसानों, गरीबों और आदिवासियों सहित सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम किया है। किसानों को ऋण मुक्त करने के लिए सर्वप्रथम लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण माफ किया इसके साथ ही सिंचाई कर माफ कर किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध करने का काम किया है।

प्रदेश सरकार में प्रदेश के युवाओं के लिए बेहतर कार्य हुए हैं। प्रदेश में 750 से अधिक स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी-हिन्दी माध्यम स्कूल खोले गए है। इन स्कूलों के माध्यम से उन परिवारों को राहत मिली है जो अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाना चाहते हैं। राज्य में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बड़ी संख्या में शासकीय नौकरी के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। 40 हजार से अधिक शासकीय पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश के युवा, विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोटा, राजस्थान जाते है। वहां के सरकार से हमने कोटा में दो एकड़ जमीन की मांग की है, ताकि सुसज्जित और सुविधायुक्त छात्रावास तैयार कर यहां के विद्यार्थी को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए बजट में प्रावधान भी किया गया है। प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराये जा रहे है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के जरिए युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 13 हजार से अधिक राजीव युवा मितान क्लब बनाये गए है। इनके माध्यम से सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है।

देश में छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां हमने किसानों से सबसे ज्यादा दाम पर धान की खरीदी कर किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया। प्रदेश में 44 प्रतिशत वन क्षेत्र है। पहले मात्र 7 प्रकार के वनोपजों की खरीदी होता था। अब हम 67 प्रकार के वनोपजों को समर्थन मूल्य पर खरीद रहे हैं। तेन्दूपत्ता प्रति मानक बोरा 2500 से बढ़ाकर 4000 रूपए किया। सरकार ने लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की अधिग्रहित जमीन वापस की। वनाधिकार पट्टा, वन संसाधन अधिकार, पेसा कानून को लागू किया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम हुए हैं। कुपोषण को दूर करने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान लागू किया। वनांचल क्षेत्रों में पहले छोटी-छोटी बीमारियों के कारण भी लोगों की जान चली जाती थी। ऐसे में दूरस्थ वनांचल के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हाट-बाजार क्लीनिक योजना शुरू की। हाट बाजार क्लीनिक व्यवस्था का एक करोड़ से अधिक लोग लाभ ले चुके हैं। गोधन न्याय योजना के जरिए गौपालकों और किसानों से गोबर खरीदी कर उन्हें समृद्ध करने का काम कर रहे हैं। अब तक गोधन न्याय योजना के तहत 265 करोड़ रूपए का गोबर खरीद चुके हैं। पारदर्शिता के लिए राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में ट्रांसफर किया जाता है। मजदूरों, बेरोजगारों और किसानों को भी सीधे उनके खाते में राशि ट्रांसफर किए जा रहे हैं। प्रदेश के लोगों के आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ कला संस्कृति को भी संजोने और संवर्धन का कार्य सरकार कर रही है। इन पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा को संजोने, संवारने के साथ ही उन्हें पुनःस्थापित करने का काम किया। बस्तर में बादल नामक संस्था के माध्यम से यहां की आदिवासियों की कला-संस्कृति और परम्परा के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य किया जा रहा है।

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