बाल्को कर्मी ने कुते की अंतिम यात्रा निकाल किया रीति रिवाज से अंतिम संस्कार, मुंडन करवा दशगात्र के बाद करवाया डेढ़ सौ लोगो को मृत्यु भोज

Update: 2022-08-10 11:08 GMT

कोरबा । कोरबा में एक बाल्को कर्मी ने कुत्ते का विधि विधान से अंतिम संस्कार किया। इसके लिए बकायदा मुंडन करवा विधि विधान से पूजन कर दशगात्र का आयोजन किया गया। फिर डेढ़ सौ लोगो को मृत्यु भोज भी करवाया गया।

मामला कोरबा के ढोढ़ीपारा बस्ती का है। यहां रहने वाले कन्हैया चौहान बाल्को के संयंत्र में ठेका श्रमिक हैं। उनके घर मे उनके साथ 17 सालों से एक कुत्ता रहता था। कन्हैया चौहान ने बताया कि उनके राज्य विद्युत वितरण निगम कंपनी में कार्यरत मित्र के पास कुत्ता था। उनसे उन्होंने 17 साल पहले कुत्ते का पिल्ला लिया था। उस वक्त उनके बच्चे भी छोटे छोटे थे और कुत्ते का पिल्ला भी छोटा था। वे अपने बच्चो के साथ ही कुत्ते के पिल्ले को भी अपने बच्चे के समान मानते थे। उनके बच्चो के साथ ही साथ कुत्ते का बच्चा भी बड़ा हुआ। वे उसे अपना तीसरा बच्चा मानते थे। उन्होंने उसका नाम विनीत रखा था और हमेशा उसे विनीत चौहान के नाम से ही पुकारते थे।

कन्हैया की बेटी मेघा अब कलेक्ट्रेट में डाटा एंट्री ऑपरेटर हैं। कन्हैया के अनुसार उनके बच्चो को भी विनीत चौहान( कुत्ते ) से काफी लगाव था। यही वजह हैं कि उसका अंतिम संस्कार उन्होंने उसी तरह किया, जिस तरह परिवार के किसी सदस्य के न रहने पर किया जाता है। उन्होंने न केवल कुत्ते की अंतिम यात्रा निकाली, बल्कि उसका परिवार के सदस्य की तरह समाजिक रीति रिवाज से कफ़न दफन भी किया। दस दिन पूरे होने पर दशगात्र का आयोजन किया। इस दौरान बकायदा मुंडन करवा के पिंडदान भी किया। फिर कुत्ते की तस्वीर में माल्यार्पण कर उसकी आत्मा की शांति के लिए पिंड दान कर पूजा पाठ भी किया। फिर बस्ती के डेढ़ सौ लोगों को मृत्यु भोज भी करवाया गया।

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