Telegram Private Video Syndicate : इज्जत की ऑनलाइन नीलामी : टेलीग्राम पर चल रहा अश्लील वीडियो का खौफनाक बाजार, छत्तीसगढ़ी कपल्स के प्राइवेट मोमेंट्स की है भारी डिमांड

Telegram Private Video Syndicate : आज के इस डिजिटल युग में जहाँ तकनीक हमारे जीवन को आसान बना रही है, वहीं इसके पीछे एक ऐसा डार्क वर्ल्ड भी तैयार हो चुका है जहाँ लोगों की निजी जिंदगी को चंद रुपयों के लिए सरेआम बेचा जा रहा है।

Update: 2025-12-18 12:09 GMT

Telegram Private Video Syndicate : इज्जत की ऑनलाइन नीलामी : टेलीग्राम पर चल रहा अश्लील वीडियो का खौफनाक बाजार, छत्तीसगढ़ी कपल्स के प्राइवेट मोमेंट्स की है भारी डिमांड

Telegram Private Video Syndicate : आज के इस डिजिटल युग में जहाँ तकनीक हमारे जीवन को आसान बना रही है, वहीं इसके पीछे एक ऐसा डार्क वर्ल्ड भी तैयार हो चुका है जहाँ लोगों की निजी जिंदगी को चंद रुपयों के लिए सरेआम बेचा जा रहा है।हाल ही में सोशल मीडिया पर एक 19 मिनट 34 सेकेंड वाले वीडियो के वायरल होने के बाद टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील वीडियो का एक खौफनाक बाजार उभरकर सामने आया है। मीडिया संस्थानों के स्टिंग ऑपरेशन और साइबर विशेषज्ञों की पड़ताल में यह कड़वा सच सामने आया है कि टेलीग्राम पर ऐसे हजारों गुप्त ग्रुप्स चल रहे हैं, जहाँ कपल्स के प्राइवेट और इंटीमेट मोमेंट्स को बकायदा 'रेट कार्ड' के साथ बेचा जा रहा है। यहाँ प्राइवेसी का कोई मूल्य नहीं है, बल्कि वह महज एक बिकाऊ वस्तु बनकर रह गई है।

Telegram Private Video Syndicate : हैरानी की बात यह है कि इस अश्लील बाजार में छत्तीसगढ़ी कपल्स के वीडियो की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है। दलालों और ग्राहकों के बीच होने वाली बातचीत के जो अंश सामने आए हैं, उनसे पता चलता है कि लोग स्थानीय परिवेश और छत्तीसगढ़ी लहजे वाले वीडियो के लिए मोटी रकम चुकाने को तैयार रहते हैं। दलाल ग्राहकों की पसंद के हिसाब से राज्यों की कैटेगरी बनाकर वीडियो उपलब्ध कराते हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्यप्रदेश, बंगाल, यूपी और बिहार जैसे राज्यों के वीडियो भी शामिल हैं। यह सिंडिकेट इतना शातिर है कि वे पहले वीडियो के छोटे धुंधले क्लिप दिखाकर ग्राहकों को जाल में फंसाते हैं और फिर डिजिटल पेमेंट के जरिए पैसे लेकर पूरा वीडियो साझा करते हैं।

इस पूरे काले कारोबार का सबसे डरावना पहलू यह है कि ये वीडियो किसी हिडन कैमरे के बजाय अक्सर कपल्स के अपने निजी मोबाइल फोन से लीक होते हैं। अक्सर लोग अपना पुराना फोन बेचते समय या किसी अनजान दुकान पर मोबाइल रिपेयरिंग के लिए देते समय यह भूल जाते हैं कि उनका डिलीट किया गया डेटा भी रिकवर किया जा सकता है। इसके अलावा, क्लाउड स्टोरेज की हैकिंग और 'रिवेंज पोर्न' यानी बदले की भावना से वीडियो वायरल करना भी इस सिंडिकेट को फलने-फूलने में मदद कर रहा है। एक बार जब कोई वीडियो इन दलालों के हाथ लग जाता है, तो उसे इंटरनेट के इस अनंत जाल से हटाना लगभग नामुमकिन हो जाता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति की सामाजिक और मानसिक स्थिति पूरी तरह बिखर जाती है।

साइबर कानून के विशेषज्ञों और छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस दिशा में कड़ी चेतावनी जारी की है। कानून के मुताबिक, ऐसे अश्लील वीडियो को न केवल बेचना या प्रसारित करना, बल्कि उन्हें खोजना, डाउनलोड करना या अपने फोन में रखना भी आईटी एक्ट की धारा 67 और 67A के तहत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। यदि किसी वीडियो में कोई नाबालिग शामिल है, तो मामला पॉक्सो एक्ट के तहत और भी संगीन हो जाता है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस अब उन यूपीआई आईडी और बैंक खातों को ट्रैक कर रही है, जिनके जरिए इन वीडियो की खरीद-फरोख्त की जा रही है।

यह खबर हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि हम अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर रत्ती भर भी लापरवाही न बरतें। अपने निजी पलों को कैमरे में कैद करना या किसी अनजान लिंक पर भरोसा करना आपकी जिंदगी को इन दलालों के बाजार में पहुंचा सकता है। समाज को भी जागरूक होने की जरूरत है ताकि ऐसी सामग्री को देखने या शेयर करने के बजाय उसे रिपोर्ट किया जाए, क्योंकि आपका एक 'क्लिक' किसी की पूरी जिंदगी तबाह करने वाले सिंडिकेट को ऑक्सीजन दे सकता है। सजगता ही इस डिजिटल दलदल से बचने का एकमात्र रास्ता है।

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