Raipur Police Cpmmissioner: IPS रामगोपाल गर्ग होंगे रायपुर के फर्स्ट पुलिस कमिश्नर, लाल उमेद सिंह होंगे कमिश्नरेट में सेकेंड लेफ्टिनेंट? जानिये कौन हैं रामगोपाल

Raipur Police Cpmmissioner: आईपीएस अधिकारी रामगोपाल गर्ग होंगे रायपुर के फर्स्ट पुलिस कमिश्नर और रायपुर के एसएसपी लाल उमेद सिंह को ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर बनाया जाएगा। खबर है, इन दोनों अधिकारियों का नाम लगभग अंतिम स्थिति में है। सूत्रों का कहना है कि ऐन वक्त पर कोई नया पेंच नहीं आया तो दो-तीन दिन के भीतर नोटिफिकेशन जारी होते ही इनका आदेश निकल जाएगा।

Update: 2026-01-14 15:54 GMT

Raipur Police Cpmmissioner: रायपुर। 23 जनवरी से रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू हो जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। दो-एक दिन में गृह विभाग से पुलिस कमिश्नर सिस्टम का नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। नोटिफिकेशन जारी होते ही राज्य सरकार सबसे पहले ओएसडी नियुक्त करेगी। ओएसडी को ही 23 जनवरी से पुलिस कमिश्नर अपग्रेड कर दिया जाएगा।

ओएसडी की नियुक्ति क्यों?

गृह विभाग के नोटिफिकेशन के बाद आईजी स्तर के आईपीएस अधिकारी को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अपाइंट किया जाएगा। पुलिस कमिश्नरेट प्रारंभ होने से पहले ओएसडी की नियुक्ति इसलिए की जाती है, ताकि पुलिस कमिश्नर ऑफिस के साथ सेटअप का पूरा ब्यौरा तैयार कर सकें। ऑफिस में फर्नीचर से लेकर प्यून, स्टॉफ जैसी व्यवस्थाएं करनी होगी। 23 जनवरी को पुलिस कमिश्नरेट शुरूआत के मौके पर एक बड़ा जलसा आयोजित किया जाएगा। उसका भी दायित्व ओएसडी के उपर होगी। 22 जनवरी को ओएसडी को ही पुलिस कमिश्नर में कंटिन्यू करने का आदेश निकल जाएगा।

फर्स्ट पुलिस कमिश्नर की अटकलें

रायपुर के प्रथम पुलिस कमिश्नर के लिए आईजी पुलिस मुख्यालय अजय यादव, बद्रीनारायण मीणा, रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा, बिलासपुर आईजी संजीव शुक्ला, राजनांदगांव आईजी अभिषेक शांडिल्य, सरगुजा आईजी दीपक झा के नामों की चर्चाएं पिछले महीने भर से पब्लिक डोमेन में है। इसी तरह पुलिस कमिश्नरेट के सेकेंड लेफ्टिनेंट के लिए कई डीआईजी के नाम गिनाए जा रहे हैं। इनमें अभी प्रमोट होकर डीआईजी बनने वाले कई एसएसपी के नाम भी शामिल हैं।

रामगोपाल फर्स्ट पुलिस कमिश्नर?

एनपीजी न्यूज के पास रायपुर के फर्स्ट पुलिस कमिश्नर को लेकर जो जानकारी है, उसके मुताबिक दुर्ग आईजी रामगोपाल गर्ग, बिलासपुर आईजी संजीव शुक्ला, राजनांदगांव आईजी अभिषेक शांडिल्य और सरगुजा आईजी दीपक झा के नाम पर सरकार के भीतर मंथन हुआ है। रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के लिए बेस्ट च्वाइस माने जा रहे थे। मगर उनके पास ईओडब्लू और एसीबी में कई अहम केसेज होने की वजह से सरकार उन्हें फिलहाल डिस्टर्ब नहीं करना चाह रही। ऐसे में, रामगोपाल गर्ग का पलड़ा काफी भारी हो गया है।

रामगोपाल का नाम क्यों?

पंजाब में पैदा हुए रामगोपाल गर्ग छत्तीसगढ़ कैडर के 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे करीब सात साल सीबीआई में रहे हैं। इसमें से ज्यादातर वक्त चंडीगढ़ में सीबीआई एसपी रहे। रामगोपाल की छबि साफ-सुथरी है, साथ ही पोलिसिंग के नियम-कायदों की उन्हें खासी जानकारी है। सरकार के साथ पुलिस मुख्यालय के साथ उनकी ट्यनिंग अच्छी है। ट्यूनिंग मतलब सिस्टम उन पर भरोसा करता है। सूत्रों ने एनपीजी से बातचीत में तस्दीक की है कि पुलिस कमिश्नर की दौड़ में रामगोपाल सबसे आगे हैं। एक तरह से कहा जाए तो सत्ता के अंदरखाने में उनके नाम पर सहमति बन चुकी है।

लाल उमेद को ज्वाइंट कमिश्नर क्यों?

ऐसी चर्चाएं हैं कि रायपुर के आखिरी एसएसपी लाल उमेद सिंह रायपुर कमिश्नरेट में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर बनाए जाएंगे। वे पिछले साल डीआईजी पदोन्नत हुए थे। हालांकि, उनका कार्यक्षेत्र कम हो जाएगा। पूरे जिले के कप्तान रहने के बाद उन्हें सिर्फ सिटी एरिया का दायित्व होगा। हालांकि, लाल उमेद सिंह को ट्रांसपोर्ट में जाने की अटकले चल रही थीं। मगर अब सुनने में आ रहा, वे पुलिस कमिश्नरेट में अपाइंट होंगे। लाल उमेद सिंह को ज्वाइंट पुलिस कमिश्नरेट बनाने का उद्ेदश्य यह है कि रायपुर के बारे में उन्हें काफी तजुर्बा है। रायपुर में वे एडिशनल एसपी रह चुके हैं और अब एसएसपी हैं। रामगोपाल गर्ग कभी रायपुर में पोस्ट नहीं रहे, इसलिए उन्हें साथ लाल उमेद सिंह को पोस्ट किया जा रहा है।

रामगोपाल का उतार-चढ़ाव वाला कैरियर

रामगोपाल गर्ग सीबीआई में रहने के दौरान कई बड़े खुलासे किए मगर छत्तीसगढ़ में उनकी पोस्टिंग उतार-चढ़ाव वाली रही। एसपी के तौर पर गरियाबंद उनका पहला जिला रहा। कोरिया में छह महीने और बालोद में तीन महीने एसपी रहे। पिछली सरकार में उन्हें सरगुजा पुलिस रेंज का प्रभारी आईजी बनाकर भेजा गया। फिर डिमोशन करके रायगढ़ के नए डीआईजी रेंज में भेज दिया गया। इसके बाद विधानसभा चुनाव के दौरान दुर्ग के एसएसपी बनाए गए। दुर्ग में वे डीआईजी रहते कप्तान रहे और अब वहीं पर आईजी हैं।

गुरमीत राम रहीम को भेजा जेल

सीबीआई में पोस्टिंग के दौरान उन्हें डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बताते हैं, रामगोपाल गर्ग ने ऐसे दबाकर जांच कराई कि राम रहीम को इस केस में सजा हो गई।

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