PM Modi Visit in Chhattisgarh- 23 साल पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखी थी सीपत NTPC की आधारशीला, एनटीपीसी और प्रधानमंत्रियों का अजब संयोग
PM Modi Visit in Chhattisgarh: आज से 23 साल पहले 28 जनवरी 2002 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नेसीपत एनटीपीसी पावर प्लांट (Sipat NTPC Power Plant) की आधारशिला रखी थी। लोकार्पण करने प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह सीपत आए थे। बिजली के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने अहम भूमिका निभाई है। मौजूदा परिवेश में इन सब बातों का जिक्र इसलिए कि आज रविवार 30 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना के तीसरे चरण (1x800एमडब्ल्यू) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपये से अधिक है। यह पिट हेड परियोजना उच्च बिजली उत्पादन दक्षता के साथ अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। सीपत एनटीपीसी पावर प्लांट और देश के प्रधानमंत्रियों का अजब संयोग है। यह संयोग आजतलक जारी है।

PM Modi Visit in Chhattisgarh: बिलासपुर। 30 मार्च 2025 का दिन सीपत एनटीपीसी पावर प्लांट और छत्तीसगढ़ के लिए बेहद खास है। जैसा कि जिक्र कर रहे हैं कि सीपत एनटीपीसी पावर प्लांट की स्थापना से लेकर विस्तारित परियोजनाओं की आधारशीला रखनी हो या फिर इसे छत्तीसगढ़ सहित देश की जनता को समर्पित करने की बात हो, देश के प्रधानमंत्रियों की भूमिका और उनकी माैजूदगी बेहद खास रही है। इसे संयोग ही कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश के प्रधानमंत्रियों ने खास भूमिका निभाई है। जिसकी झलक अब से कुछ देर बिल्हा के मोहभट्टा सभा स्थल से दिखाई देगी, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ,790 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना के तीसरे चरण (1x800एमडब्ल्यू) की आधारशिला रखेंगे।
सीपत एनटीपीसी पावर प्लांट (Sipat NTPC Power Plant) की आधारशिला तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 28 जनवरी 2002 को रखी थी। पीएम वाजपेयी ने प्रथम चरण में 500 मेगावाट की पहली इकाई के लिए भूमिपूजन किया था। इसकी लागत 8323 करोड़ रुपये थीञ प्रथम चरण की आधारशीला रखने के साथ ही दूसरे चरण के लिए 4039 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था। सीपत एनटीपीसी के पांचों इकाइयों से 2980 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना बनाई गई है। एनटीपीसी सीपत में सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित बॉयलर से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट को पूरा होने के साथ ही पावर प्लांट से बिजली उत्पादन में काफी लंबा समय लगा। तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी के भूमिपूजन के तकरीबन 11 साल बाद सीपत एनटीपीसी पावर प्लांट बनकर तैयार हुआ। प्रथम चरण में 500 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए प्राेजेक्ट पूरा हुआ। इसे छत्तीसगढ़ व देश की जनता को तत्कालीन प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह से समर्पित किया। 20 सितंबर, 2013 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सीपत थर्मल पावर प्लांट का उद्घाटन किया।
परियोजना की स्थापित क्षमता 2980 मेगावाट है, जिसमें दो चरण शामिल हैं, पहला चरण जो देर से चालू हुआ, वह 660 मेगावाट की 3 इकाइयों का था, जिसमें सुपर-क्रिटिकल बॉयलर तकनीक शामिल थी और दूसरे चरण में 500 मेगावाट की 2 इकाइयां शामिल थीं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 20 सितंबर, 2013 को सीपत थर्मल पावर प्लांट का उद्घाटन किया व सीपत से ही लारा थर्मल पावर प्रोजेक्ट के प्रथम चरण का रिमोट कंट्रोल से शिलान्यास किया।
0 20 जनवरी 2007 को उर्जा मंत्री शिंदे का हुआ था प्रवास
20 जनवरी 2007 को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बिलासपुर जिले में एनटीपीसी की सीपत परियोजना से बिजली निकालने के लिए छत्तीसगढ़ में देश की पहली 765 केवी विद्युत पारेषण प्रणाली का उद्घाटन किया।
0 उर्जा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण- III (1x800एमडब्ल्यू) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपये से अधिक है। यह पिट हेड परियोजना उच्च बिजली उत्पादन दक्षता के साथ अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660एमडब्ल्यू) के कार्य की शुरुआत करेंगे। वह पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) के तहत 560 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।