बड़ा स्कैम: मौत की बदल दी तारीख और सरकारी खजाने से हड़प लिया एक लाख रुपये! पढ़िए साजिश में कौन-कौन हैं शामिल

CG News: जरुरतमंदों को तय समय पर मदद पहुंचाने के लिए राज्य सराकर की बनाई योजना और कड़े नियमों का विभागीय अमला ही कुछ इस अंदाज में तोड़ निकाल ले रहे हैं, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। सरकारी खजाने को चपत लगाने के लिए एक मामले में एक महिला की मौत की तारीख ही बदल दी गई।

Update: 2026-03-28 07:53 GMT

इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

जांजगीर।28 मार्च 2026| जरुरतमंदों को तय समय पर मदद पहुंचाने के लिए राज्य सराकर की बनाई योजना और कड़े नियमों का विभागीय अमला ही कुछ इस अंदाज में तोड़ निकाल ले रहे हैं, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। सरकारी खजाने को चपत लगाने के लिए एक मामले में एक महिला की मौत की तारीख ही बदल दी गई। मौत की तारीख बदली और बेटे के खाते में सरकारी खजाने से एक लाख रुपये जमा हो गया। यह फर्जीवाड़ा छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले का है।

राज्य सरकार द्वारा जरुरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए श्रमिक योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन और संचालन को लेकर जांजगीर जिले में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दरअसल इस योजना में एक बड़ा घालमेल सामने आया है। लगातार मिल रही शिकायतों और वर्तमान में मिली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जांजगीर जन्मेजय महोबे ने बीते छह साल के दौरान योजना के तहत दी गई सहायता राशि के प्रकरणों की जांच करने और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।


पढ़िए क्या है मामला, जिसे लेकर मचा हड़कंप

जांजगीर जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता गगन जयपुरिया ने कलेक्टर को पत्र लिखकर श्रमिक कल्याण योजना में फर्जीवाड़ा की शिकायत करने के साथ ही जांच की मांग की है।

बम्हनीडीह ब्लॉक के सरवानी गांव की महिला श्रमिक तिल बाई साहू की मृत्यु के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक लाख रुपये की सहायता राशि निकाल ली गई। आरोप है कि योजना का लाभ लेने के लिए मृत्यु तिथि में जानबूझकर हेरफेर किया गया। तिल बाई साहू का श्रमिक पंजीयन 15 मई 2025 को हुआ था, जबकि उनकी वास्तविक मृत्यु 8 अगस्त 2025 को हो गई थी। योजना के नियमों के मुताबिक, पंजीयन के कम से कम तीन माह बाद मृत्यु होने पर ही सहायता राशि का लाभ मिलता है। ऐसे में पात्रता पूरी नहीं होने पर कथित तौर पर दलालों और संबंधित अधिकारियों ने मिलकर मृत्यु तिथि को बदलकर 13 अगस्त 2025 कर दिया। इसके आधार पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर एक लाख रुपये का आहरण कर लिया गया। जिला पंचायत के उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने आरोप लगाते हुए कहा, श्रम विभाग के कुछ अधिकारी गांव-गांव में दलालों के माध्यम से इस तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम हैं, जिससे शासन को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।


जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन ने कलेक्टर को पत्र लिखकर की शिकायत

स्व. तिलबाई साहू पति गौरीशंकर साहू निवासी मु.पो. सरवानी विकासखंड बम्हनीडीह जिला जांजगीर-चाम्पा के नाम पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में फर्जी पंजीयन कराकर मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना का अनुचित लाभ प्राप्त किया गया है। प्रकरण का विवरण :हितग्राही का नाम: स्व. श्रीमती तिलबाई साहू पति गौरीशंकर साहू निवासी मु.पो. सरवानी विकासखंड बम्हनीडीह जिला जांजगीर-चांपा

वास्तविक मृत्यु तिथि: 08 अगस्त 2025

फर्जी मृत्य तिथि: 13 अगस्त 2025

पंजीयन दिनांक: 11 मई 2025

पंजीयन क्रमांक: 541498133

फर्जीवाड़ा को ऐसे दिया अंजाम

मितानिन पंजी एवं वाट्सएप ग्रुप आदि में स्व तिलबाई साहू की मृत्यु तिथि 08 अगस्त 2025 दर्ज है। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु हितग्राही का पंजीयन उसकी मृत्यु तिथि से न्यूनतम 3 माह पहले का होना अनिवार्य है। चूंकि उक्त प्रकरण में हितग्राही के पंजीयन को 3 माह नहीं हो रहा था इसलिये फर्जी लाभ प्राप्त करने के उ‌द्देश्य से हितग्राही की मृत्यु तिथि को 5 दिन बाद का बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लाभ प्राप्त किया गया है। इस गलत दस्तावेज के आधार पर श्रम निरीक्षकं द्वारा 29 अगस्त 2025 आवेदन प्रमाणित कर स्वीकृत किया गया। योजना की राशि एक लाख रुपये UTR के माध्यम से सीधे उसके पुत्र जीवन लाल साहू के स्टेट बैंक सारागांव के खाता क्रमांक 20311792255 में भेजी गई ।

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