IAS Dr. Sanjay Alang: कमिश्नर की पोस्टिंग पर तलवार! एक कमिश्नर को दो डिवीजन का दायित्व, मंडरा रहा निर्वाचन आयोग का खतरा

IAS Dr. Sanjay Alang: छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकसभा चुनाव से एक दिन पहले किया चार आईएएस अफसरों की नई पदास्थापना। इनमें रायपुर संभाग संभाग के कमिश्नर डॉ0 संजय अलंग को बिलासपुर कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। कमिश्नर चुनाव में रोल आब्जर्बर होता है। नीचे पढ़िये आचार संहिता में इस पोस्टिंग से क्या दिक्कतें आएंगी।

Update: 2024-03-18 06:59 GMT

IAS Dr. Sanjay Alang: रायपुर। राज्य सरकार ने लोकसभा चुनाव की घोषणा से एक दिन पहले 12 मार्च की आधी रात चार आईएफएस अफसरों की पोस्टिंग का आदेश निकाला था, उनमें बिलासपुर कमिश्नर शिखा राजपूत को हटाकर वन विभाग का सचिव बनाया गया। बिलासपुर शिखा का गृह जिला है, इसलिए समझा जाता है उन्हें शिफ्थ किया गया। वैसे, बताते हैं खुद भी वे रायपुर लौटना चाहती थीं। बहरहाल, बिलासपुर में कोई पूर्णकालिक संभागायुक्त पोस्ट करने की बजाए सरकार ने रायपुर कमिश्नर डॉ. संजय अलंग को बिलासपुर का अतिरिक्त प्रभार दे दिया। आदेश निकलने के बाद अगले दिन अलंग ने बिलासपुर में ज्वाईन भी कर लिया।

मगर बिलासपुर डिवीजनल कमिश्नर की पोस्टिंग में आचार संहिता का मामला फंस रहा है। दरअसल, पहले चुनाव में कमिश्नरों का सीधा कोई रोल नहीं होता था। मगर कुछ साल से चुनाव आयोग डिवीजनल कमिश्नर को रोल आब्जर्बर बना दिया है। याने संभाग में चुनाव की निगरानी करना। निर्वाचन कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि इलेक्शन के दौरान कलेक्टरों की कोई शिकायत मिलती है तो निर्वाचन आयोग कमिश्नरों से रिपोर्ट मांगता है। यही नहीं, कमिश्नर ही उसकी जांच करते हैं। और जांच रिपोर्ट आयोग को भेजते हैं। ऐसे में, रोल आब्जर्बर के तौर पर कमिश्नरों की अहम भूमिका को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

फिर आचार संहिता के दौरान डबल चार्ज या प्रभार को आयोग स्वीकार नहीं करता। फिर एरिया भी काफी बड़ा है। रायपुर और बिलासपुर को मिला दिया जाएं तो धमतरी, महासमुंद से लेकर कोरबा, धर्मजयगढ़ तक। हालांकि, अलंग सुलझे हुए अफसर हैं, इसलिए उनकी कार्यक्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। मगर आयोग के नार्म को फॉलो तो करना होगा। फिर बिलासपुर कमिश्नर की पोस्टिंग में दूसरी दिक्कत यह भी आएगी कि डॉ. संजय अलंग पिछली सरकार के पांच साल में करीब साढ़े चार साल बिलासपुर में ही पोस्टेड रहे। दो साल कलेक्टर और उसके बाद वहीं कमिश्नर।

Tags:    

Similar News