गोधन न्याय योजना 2026: गोधन न्याय योजना क्या है? गोबर खरीदी रेट, आवेदन और भुगतान — पूरी जानकारी
Godhan Nyay Yojana 2026: छत्तीसगढ़ सरकार पशुपालको की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के के लिए गोधन न्याय योजना शुरू की है. जिसके तहत उनसे ₹2/किलो गोबर ख़रीदा जाता है. जिससे वर्मी कपोस्ट बनाकर उचित दामों पर बेचा जाता है. गोधन न्याय योजना का लाभ कोई भी पशुपालक ले सकता है. गोधन न्याय योजना क्या है, आयु सीमा, पात्रता, योजना की पूरी जानकारी पढ़ें.
Gaudhan Nyay Yojana
गोधन न्याय योजना 2026: छत्तीसगढ़ सरकार किसानों- पशुपालकों के लिए गोधन न्याय योजना चला रही है. जिसके अंतर्गत सरकार पशुपालकों से ₹2 प्रति किलो गोबर खरीदती है. पशुपालकों से गोबर खरीदने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है. गोबर खरीदी की राशि सीधा किसानों के खाते में DBT से जाती है. गोधन न्याय योजना की शुरुआत 20 जुलाई 2020 (हरेली पर्व) से की गयी थी. तब से लेकर अब तक 2,11,540 पशुपालकों को इसका लाभ मिला चूका है. अगर आप भी पशुपालक है और अब तक गोधन न्याय योजना का लाभ नहीं उठाया है तो आवेदन कर दें. आवेदन करने से पहले गोधन न्याय योजना के क्या है? गोधन न्याय योजना की पात्रता, जरुरी शर्तें, आवेदन प्रक्रिया जरुर समझ लें....
गोधन न्याय योजना क्या है
छत्तीसगढ़ सरकार ने गाय पालने वाले किसान और पशुपालकों को रोज़गार के नए अवसर देने और आय वृद्धि के लिए गोधन न्याय योजना शुरू की है. इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार पशुपालकों से 2 रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदती है. साथ ही हर पंचायत में गौठान बनाया गया है. किसान गोबर गाँव के गौठानों में बेचते हैं. खरीदी गयी गोबर का इस्तेमाल सरकार खाद बनाने के लिए करती हैं. इस गोबर से महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गौठान में वर्मी कम्पोस्ट (जैविक खाद) बनाती है. जिसे किसानों को कम कीमत में बेचा जाता है. गोधन न्याय योजना से पशुपालक, किसान, महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सभी के आय में वृद्धि और रोजगार का मौका मिल रहा है.
गोधन न्याय योजना की शुरुआत
छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन से गोधन न्याय योजना की शुरुआत की थी. अब गोधन न्याय योजना को वर्तमान सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय चला रहे हैं. गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक खास पहल सुराजी गांव योजना के अंतर्गत शुरू की गयी है.
गोधन न्याय योजना का उद्देश्य
छत्तीसगढ़ सरकार गोधन न्याय योजना किसानों, पशुपालकों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, आर्थिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की है. जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था बढे. आय में वृद्धि के साथ इस योजना गोधन न्याय योजना का उद्देश्य रासनायिक के कह जैविक खेती को बढ़ावा देना है. योजना के तहत बनाये गए गौठानों में आवारा पशुओं की रहने, खाने और चिकित्सा की व्यवस्था करना है.
गोबर खरीदी का रेट और भुगतान प्रक्रिया
गोबर खरीदी की कीमत
गोधन न्याय योजना के अन्तर्गत गाय के गोबर की कीमत 2 रुपये प्रति किलोग्राम है. भैंस का गोबर भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम बेचा जाता है. गोमूत्र की कीमत है 4 रुपये प्रति लीटर है.
गाय की गोबर - 2 रुपये प्रति किलो
भैंस का गोबर- 2 रुपये प्रति किलो
गोमूत्र- 4 रुपये प्रति लीटर
गोधन न्याय योजना की भुगतान प्रक्रिया
सबसे पहले पशुपालक को खुद को स्थानीय गोठान में रजिस्टर करना होता है. जहाँ वो गोबर बेचेंगे.
पंजीकृत गोठान में जाकर 2 रूपए किलो की दर से गोबर बेचना होता है.
गोठान में कार्यरत महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं या गोठान समिति के लोग उस गोबर के वजन और मात्रा की जांच करती है.
इसके बाद गौठान समिति गोबर खरीदी की 2 रिसप्ट देती है जिसमे गोबर की मात्रा और राशि लिखी होती है.
इस प्रक्रिया के बाद रसीद की तारीख से लेकर 15 दिन या 1 महीने के भीतर पैसे पशुपालक बैंक खाते में DBT से ट्रांसफर कर दिए जाते हैं.
Online tracking
गोबर बिक्री का पैसा आया या नहीं, या फिर तक आएगा, इसे पशुपालक ऑनलाइन आधिकारिक पोर्टल godhannyay.cgstate.gov.in पर जाकर चेक कर सकते हैं. जिसमे गोबर खरीदी, पेमेंट सभी लेनदेन की सभी जानकारी से मिल जायेगी.
भुगतान स्टेटस ऑनलाइन चेक
- सबसे पहले गोधन न्याय योजना के पोर्टल godhannyay.cgstate.gov.in पर जाएँ.
- “Payment Status या भुगतान स्थिति” पर क्लीक करें.
- मोबाइल नंबर, पंजीयन आईडी समेत मांगी गयी सभी जानकारी दर्ज करें.
- रजिस्टर्ड मोबाइल पर आया OTP भर दें.
- अब आपके स्टेटस आपके स्क्रीन पर दिखाई देगा.
- अगर ऑनलाइन जानकारी न मिले, तो ग्राम पंचायत या गोठान समिति से पता कर सकते हैं.
गोधन न्याय योजना पात्रता
कौन पशुपालक है eligible
गोधन न्याय योजना का लाभ राज्य के सभी गाय और भैंसवंशीय पालने वालों पशुपालको को मिल रहा है. लेकिन इसके लिए पात्रता और शर्तें तय की गयी है. जैसे गोधन न्याय योजना के लिए पात्र वहीँ हैं जो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं, उनकी उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए. साथ ही उनके पास खुद का बैंक अकाउंट, आईडी प्रूफ, मोबाइल नंबर होना जरुरी है. योजना के तहत पैसे सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किये जाते हैं, इसलिए आवेदक का बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है.
गोधन न्याय योजना के तहत गौठान से जुड़े समूहों की पात्रता
गोधन न्याय योजना योजना के तहत गौठान में स्थानीय ग्रामीण/ स्व-सहायता समूह को काम दिया जाता है. ये वर्मी कम्पोस्ट, गोबर प्रबंधन और अन्य काम करते हैं. इसके लिए स्व-सहायता समूह का ग्राम पंचायत/NRLM में पंजीकृत, सक्रिय होना जरूरी है. समूह के सभी सदस्य छत्तीसगढ़ के मूल निवासी और स्थानीय पंचायत- गौठान से जुड़े होने चाहिए. समूह के पास संयुक्त बैंक खाता भी होना जरुरी है.
ज़रूरी दस्तावेज़
- गोधन न्याय योजना के लिए ये डॉक्यूमेंट जरूरी है.
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
- पहचान पत्र
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र
गोधन न्याय योजना के लिये आवेदन कैसे करें
गोधन न्याय योजना के लिए किसानों और पशुपालकों सबसे पंजीकरण करना होगा, पंजीकरण के लिए अलग से कोई ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब् नहीं नहीं है. आपको ग्राम पंचायत/गौठान या नजदीकी किसी काउंटर में जाकर रजिस्टर करना पड़ेगा, इसके लिए इन स्टेप को फॉलो करना होगा.
Step 1: नज़दीकी गौठान या ग्राम पंचायत जाएँ.
Step 2: आवेदन फॉर्म भरें, जिसमे नाम, पता, आधार, बैंक खाता, पशुओं, गोबर की मात्रा की जानकारी दें.
Step 3: गौठान समिति पंजीकरण की पुष्टि करेगी.
Step 4: जांच के बाद प्रभारी वार्ड पशुपालक का पंजीकरण करेगा.
Step 5: पंजीकरण की प्रक्रिया होने के बाद पशुपालक गोबर की बिक्री कर सकता है.
गोधन न्याय योजना हेल्पलाइन नंबर
गोधन न्याय योजना से जुड़ी किसी जानकारी या शिकायत के लिए पशुपालक छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना हेल्पलाइन नंबर 07712221614 या छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना हेल्पडेस्क ईमेल- dprcgh@gmail.com. से संपर्क कर सकते हैं. पशुपालक स्थानीय गौठान में जाकर भी अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं.
गौठान क्या है और कहाँ बना है
गौठान वह जगह है जहाँ पशुपालक गोबर बेचते हैं और सरकार खरीदती है. गोधन न्याय योजना के तहत गांव- पंचायत क्षेत्र में गौठान बनाया गया है. गौठान में गोबर बिक्री से लेकर पशुओं के रहने, जैविक खाद बनाने और बेचने तक का काम किया जाता है.
गौठान की परिभाषा
गोधन न्याय योजना के तहत गौठान सरकार द्वारा बनाई गयी एक ऐसी जगह है जहां पशुओं की देखभाल, गोबर संग्रह करने, जैविक खाद बनाने का काम किया जाता है.
गौठान हर ग्राम पंचायत में बनाये जाते हैं. छत्तीसगढ़ में 11000 ग्राम पंचायत है. सरकार द्वारा सभी 11000 ग्राम पंचायत में गौठानो के लिए से 5 एकड़ की जमींन दी गयी है.
छत्तीसगढ़ में गौठानों की संख्या
सरकारी वेबसाइट के अनुसार, 30.4.2022 तक 7 हजार से ज्यादा गौठान बनाये गए हैं. सरकार का लक्ष्य सभी 11000 ग्राम पंचायत में गौठानों का निर्माण करना है. वहीं, गौठान परिसर का निर्माण, वर्मी कम्पोस्ट पिट बना, चारा भंडारण शेड, सभी काम मनरेगा के तहत किये जा रहे हैं.
गौठान में क्या होता है
गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक गौठान में गोबर बेचते हैं. साथ ही आवारा पशुओं को आश्रय दिया जाता है. उनके रहने, खाने, इलाज सभी सुविधा उपलब्ध होते हैं. इसके अलावा, यहाँ गोबर इकठ्ठा किया जाता है. सहायता समूह की महिलाएं गौठान में ही काम करती हैं. वे गौठान में जमा इस्तेमाल कर महिला स्व- सहायता समूह वर्मी कम्पोस्ट बनाती हैं.
वर्मी कम्पोस्ट- गोबर से खाद बनाने की प्रक्रिया
पशुपालकों से खरीदी गोबर गौठान में इकट्ठा किया जाता है. इस गोबर से महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट यानी जैविक खाद बनाती हैं. वर्मी कम्पोस्ट केंचुओं की मदद से गोबर और जैविक कचरे जैसे सूखी पत्तियाँ, घास,सब्जियों और फलों के छिलके, को सड़ाकर तैयार बनाया जाता है. जिसमे 45-60 दिन का समय लगता है.
बिक्री + लाभ
वर्मी कम्पोस्ट 10 रूपये प्रति किलो की दर से बिकता है. सुपर कम्पोस्ट की कीमत 6 रूपये प्रति किलो और सुपर कम्पोस्ट प्लस की 6.50 रूपये प्रति किलो है. यानी 2 रुपए में खरीदे गए गोबर से 10 रुपए में बिकने वाली खाद तैयार हो जाती है.
गोधन न्याय योजना की उपलब्धियां
गौधन न्याय योजना से किसान, पशुपालकों और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक लाभ के साथ रोजगार के अवसर मिले हैं. जब से शुरू हुई तब से लेकर अब तक 2,11,540 पशुपालकों को लाभ मिला, 9 हज़ार 211 महिला समूह को रोजगार मिला है.
70.36 लाख क्विंटल गोबर खरीदा गया है, 7 लाख 17 हज़ार 839 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार हुआ है, जिसमे 5 लाख 12 हज़ार 309 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट की बेचे गए हैं. 3 लाख क्विंटल सुपर कम्पोस्ट बनाये गए और 1 लाख 25 हज़ार क्विंटल की बिक्री हुई है.
योजना से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी
योजना से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी के लिए गौधन न्याय योजना की आधिकारिक वेबसाइट godhannyay.cgstate.gov.in विजिट कर सकते हैं.
छत्तीसगढ़ सरकार की अन्य संबंधित सरकारी योजनाएं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
FAQ 1: गोधन न्याय योजना में गोबर का रेट कितना है?
छत्तीसगढ़ सरकार ₹2 प्रति किलो गोबर खरीदती है. गोमूत्र का रेट ₹2 प्रति लीटर है. भुगतान 15 दिन के भीतर DBT से बैंक खाते में होता है.
FAQ 2: गोधन न्याय योजना में गोबर कहाँ बेचें?
अपने नज़दीकी गौठान में. पहले गौठान समिति में पंजीकरण कराएँ, फिर नियमित रूप से गोबर बेच सकते हैं. पूरे CG में 7,000+ गौठान बने हैं.
FAQ 3: गोधन न्याय योजना के लिए क्या दस्तावेज़ चाहिए?
आधार कार्ड, बैंक पासबुक (आधार लिंक), पहचान पत्र और पशुओं की जानकारी. आवेदन गौठान या ग्राम पंचायत में होता है.
FAQ 4: गौठान में वर्मी कम्पोस्ट कैसे बनता है?
गौठान में खरीदे गोबर से महिला स्व-सहायता समूह केंचुओं की मदद से वर्मी कम्पोस्ट बनाती हैं. तैयार खाद ₹8/किलो में किसानों और विभागों को बेची जाती है.
FAQ 5: गोधन न्याय योजना की शिकायत कहाँ करें?
हेल्पलाइन नंबर 0771-2221614 पर कॉल करें या dprcgh@gmail.com पर ईमेल करें. godhannyay.cgstate.gov.in पर भी जानकारी मिलती है.
नोट: इस लेख को सरकारी दिशा- निर्देशानुसार समय-समय पर अपडेट किया जाता है.