Employee News: DA, मोदी की गारंटी, वेतन विसंगतियों सहित 11 सूत्रीय मांगों को बजट में शामिल करने की मांग, फेडरेशन ने कहा-कर्मचारी-अधिकारी ही शासन की रीढ़
Employee News: छत्तीसगढ़ में बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने बजट में फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांगों को शामिल करने की मांग की है।
Employee News: रायपुर। कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने आगमी बजट में डीए, मोदी की गारंटी, वेतन विसंगतियों सहित 11 सूत्रीय मांगों को शामिल करने की मांग की है। फेडरेशन ने कर्मचारी अधिकारी वर्ग को शासन की रीढ़ बताया है।
नीचे पढ़ें फेडरेशन का पत्र
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्व आंदोलन कर रहा है। अधिकतर मांगें मोदी की गारंटी में शामिल है।हम कोई विशेष सुविधा नहीं, बल्कि कर्मचारियों का वैधानिक और नैतिक अधिकार की बात कह रहे हैं। हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि आगामी बजट में इन सभी मांगों को प्राथमिकता से शामिल किया जाए। कर्मचारी और अधिकारी वर्ग ही शासन की रीढ़ हैं - यदि उनका सम्मान और हित सुरक्षित रहेगा, तभी प्रदेश की विकास योजनाएं प्रभावी ढंग से धरातल पर उतरेंगी।
प्रमुख मांगे
1. मोदी की गारंटी अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत(DR) दिया जाए।
2. मोदी की गारंटी अनुसार वर्ष 2019 से लंबित क्। एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।
3. प्रदेश के लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग,महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
4. प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान क्रमशः 8,16,24,32 वर्ष में दिया जाए।
5. सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाय।
6. प्रदेश में अन्य भाजपा शासित राज्यों की भांति प्रदेश में कैशलेस सुविधा लागू की जाए।
7. प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करने स्थायी आदेश जारी जारी किया जाये। वर्तमान में 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दिया जाए।
8. मध्यप्रदेश की भांति प्रदेश में अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
9. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ दिया जाय।साथ ही प्रदेश के पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाये।
10. प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे।
11. प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी,अनियमित,संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जाये।
हम सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा करते हैं। यदि बजट में हमारी मांगों को शामिल नहीं किया गया तो फेडरेशन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।