District Consumer Commission: बीमा कंपनी मैक्स लाइफ को करना होगा एक करोड़ का भुगतान : जिला उपभोक्ता आयोग का फैसला
District Consumer Commission: जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनियों की मनमानी पर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए महत्वपूर्ण आदेश दिया है।
District Consumer Commission: बिलासपुर. जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनियों की मनमानी पर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए महत्वपूर्ण आदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि बीमा कंपनी ने पॉलिसी जारी करने से पहले स्वयं बीमित व्यक्ति के स्वास्थ्य जांच कराई है, तो बाद में उस आधार पर बीमा क्लेम को खारिज नहीं किया जा सकता।
इसी अहम टिप्पणी के साथ आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को ब्याज सहित एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपभोक्ता को देने का आदेश दिया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता आयोग बिलासपुर द्वारा अब तक दिया गया सबसे बड़ा भुगतान आदेश बताया जा रहा है।
मामला बिलासपुर निवासी 61 वर्षीय कौशल प्रसाद कौशिक से जुड़ा है। कौशल प्रसाद ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से बीमा पॉलिसी ली थी। कंपनी ने अपने सूची बद्ध दो अस्पतालो से उनकी पत्नी शैल कौशिक का मेडिकल टेस्ट कराया जिसके बाद पॉलिसी जारी की गई, लेकिन बाद में क्लेम के समय बीमा कंपनी ने टाल मटोल कर दावा खारिज कर दिया। प्रीमियम की राशि दस लाख लौटा दी.
बीमा कंपनी के इस फैसले से आहत होकर पीड़ित ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने उपभोक्ता के साथ सेवा में गंभीर कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार अपनाया है।
आयोग ने अपने फैसले में कहा कि बीमा कंपनियां उपभोक्ताओं के भरोसे के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकतीं। यदि कंपनी ने पूरी जांच-पड़ताल के बाद पॉलिसी जारी की है, तो बाद में करार से मुकर नही सकती।
इस फैसले को बीमा उपभोक्ताओं के हित में एक बड़ी जीत माना जा रहा है। साथ ही यह आदेश बीमा कंपनियों के लिए एक सख्त चेतावनी भी है कि वे नियमों और जिम्मेदारियों का पालन करें, अन्यथा उन्हें भारी आर्थिक दंड भुगतना पड़ सकता है। जैसा की इस फैसले मे 90 लाख 9 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने साथ मे 25 हजार क्षतिपूर्ति देने 45 दिन की मोहलत दी है.