CM Vishnudeo Sai: बस्तर के डेवलपमेंट पर CM मंत्रालय में ले रहे सचिवों की एक बड़ी बैठक, शाम को रायपुर जिले पर होगी हाई प्रोफाइल मीटिंग

CM Vishnudeo Sai: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रदेश का लगातार दौरे कर रहे हैं, उसके साथ स्टेट के डेवलपमेंट को लेकर भी वे गंभीर हैं। फिलवक्त वे मंत्रालय में बस्तर के कंप्लीट डेवलपमेंट को लेकर एक सभी सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक ले रहे हैं। बैठक में मुख्य सचिव से लेकर तमाम अफसर मौजूद हैं।

Update: 2026-01-13 07:17 GMT



CM Vishnudeo Sai: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर के विकास को लेकर मंत्रालय के पांचवे फ्लोर में नवनिर्मित ऑडिटोरियम में सचिवों की एक बड़ी बैठक ले रहे हैं। उनके साथ मुख्य सचिव विकास शील, एसीएस होम मनोज पिंगुआ और पीएस टू सीएम सुबोध सिंह भी हैं। मुख्यमंत्री सचिवों से बस्तर के डेवलमेंट को लेकर फीडबैक ले रहे कि वहां के विकास के लिए उनके पास क्या योजना है और वह किस तरह क्रियान्वित किया जाएगा।

बस्तर से नक्सलवाद की समाप्ति के साथ विष्णुदेव सरकार वहां के विकास को लेकर काफी संजीदा है। यह इससे पता चलता है कि दो साल के कार्यकाल में सीएम बस्तर के 100 से अधिक दौरे कर चुके हैं। वे पहले मुख्यमंत्री होंगे, जो खुद जगदलपुर जाकर वहां 24 घंटे रहे और विकास को लेकर विभिन्न वर्गों के लोगों से बात की। उन्होंने सचिवों को बस्तर के सभी जिलों के विकास को लेकर एक रोडमैप बनाने का निर्देश दिया था। आज की मीटिंग उसी मुद्दे पर बुलाई गई है कि सचिवों ने इस दिशा में क्या कार्य किया।

रायपुर जिले की बैठक

पिछले हफ्ते विष्णुदेव साय सरकार ने एक अनूठ पहल शुरू करते हुए जिलों और उसके आसपास के शहरी इलाकों के विकास के लिए बैठक शुरू की, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ वहां के प्रभारी मंत्री, वित्त मंत्री, मुख्य सचिव, पीएस टू सीएम, वित्त सचिव, सभी विधायक समेत संबंधित जिले के कलेक्टर, एसपी मौजूद रहे। पहली बैठक बिलासपुर जिले के विकास को लेकर हुई। इस बैइक में कई अहम फैसले लिए गए। बजट पूर्व यह बैठक इसलिए की जा रही कि कोई जरूरी कार्य अगर हुआ तो उसे अगले बजट में प्रावधान किया जा सके। इसीलिए बैठक में वित्त मंत्री और वित्त सचिव को भी बिठाया जा रहा है। मंत्रालय में इसी तरह की बैठक आज रायपुर जिले को लेकर हो रही है। इस बैठक में मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, वित्त मंत्री, मुख्य सचिव, पीएस टू सीएम, वित्त सचिव, सभी विधायक और कलेक्टर, एसपी मौजूद रहेंगे।

सभी जिलों की बैठक

जिलों के डेवलपमेंट के लिए हो रही इस बैठक को मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव कोआर्डिनेट कर रहे हैं। इसलिए, इन बैठकों की अहमियत समझी जा सकती है। बिलासपुर, रायपुर के बाद अन्य जिलों की बैठकें भी जल्दी बुलाई जाएगी।

रिटर्न गिफ्ट?

2023 के विधानसभा में शहरों से बीजेपी को अच्छी-खासी सीटें मिली तो नगरीय निकाय चुनाव में भी भाजपा का मामला एकतरफा रहा। उधर, कांग्रेस शासनकाल में शहरों के डेवलपमेंट पर अपेक्षित काम नहीं हुआ। विष्णुदेव सरकार अब शहरों पर अपना फोकस बढ़ाना चाह रही है। इसीलिए इस रूप में आज बैठक हुई। पहली बार किसी शहर के विकास के लिए अगल से बैठक हई। उसमें भी मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, वित्त मंत्री के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री को बुलाया गया। बिलासपुर के कलेक्टर, एसपी थे तो वित्त सचिव भी मौजूद थे।

पढ़िये बिलासपुर जिले की बैठक कैसी रही

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में स्वयं बिलासपुर के अगले 10-15 वर्षों के शहरी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने केवल वर्तमान समस्याओं पर नहीं, बल्कि भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और समग्र नगर नियोजन पर व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” कोई भी विषय चर्चा से बाहर नहीं छोड़ा गया। यही संदेश यह स्थापित करता है कि सरकार केवल घोषणाएँ नहीं कर रही, बल्कि बारीकी से जमीन पर लागू होने योग्य योजना बना रही है। इस दृष्टिकोण ने मुख्यमंत्री की छवि एक दूरदर्शी शहरी विकास नेता के रूप में और सुदृढ़ की है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी संकेत दिया कि बिलासपुर को सिर्फ एक बड़े शहर के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नए आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब विकसित किया जाएगा। लॉजिस्टिक सपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत का प्रमुख शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।आने वाले वर्षों में बिलासपुर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ आधुनिक नगरीय सुविधाएँ, स्वच्छता व्यवस्था, सस्टेनेबल शहरी ढांचा और रोजगार सृजन के नए अवसर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। इससे न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र को नई आर्थिक दिशा मिलेगी।

बैठक में जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी ने समावेशी राजनीति का स्पष्ट संदेश दिया। विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह स्थापित किया कि बिलासपुर का विकास किसी एक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि शहर के भविष्य का सामूहिक संकल्प है। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि विकास के प्रश्न पर दलगत राजनीति को पीछे छोड़ दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। इससे यह संदेश गया कि बिलासपुर विकास रोडमैप केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने आवश्यक बजट प्रावधान और दीर्घकालिक निवेश योजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

केंद्र-राज्य समन्वय के इस मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की शहरी विकास योजनाएँ अब सीधे राष्ट्रीय मिशनों से जुड़ चुकी हैं। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, हाउसिंग, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, जिससे बिलासपुर को विशेष लाभ मिलेगा।

बैठक के बाद प्रमुखता से यह संदेश उभरा कि बिलासपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा। औद्योगिक निवेश, शहरी रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से यहां विकास की नई लहर उत्पन्न होने जा रही है।

बिलासपुर के विकास का यह अभियान प्रदेश की समग्र राजनीति में भी महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। शहरी विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना पर केंद्रित यह एजेंडा डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी राजनीति की पहचान बनेगा। आज की बैठक ने यह स्थापित कर दिया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिलासपुर का विकास केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकल्प है। डबल इंजन सरकार की ताकत के साथ बिलासपुर अब राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर अपनी निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

Tags:    

Similar News