CG विधानसभा बजट 2026: अमित शाह के ऑपरेशन को ओपी चौधरी का बैकअप, इन 8 टेम्पलेट से समझिए इसका मतलब

CG Vidhansabha Budget 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आदिवासी इलाकों के लिए समर्पित सरकार की दिशा दिखा दी है। माना जाता है कि छत्तीसगढ़ में बस्तर और सरगुजा इलाके की विधानसभा सीटों से ही सत्ता की चाबी खुलती है। चुनाव के ढाई साल पहले ही सरकार ने अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नक्सल ऑपरेशन को बड़ा बैकअप दे दिया है।

Update: 2026-02-24 09:57 GMT

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रायपुर। 24 फरवरी 2026| दो घंटे के बजट भाषण में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने करीब आधे घंटे का समय बस्तर और सरगुजा संभाग के लिए किए गए प्रावधान पर दिया। उन्होंने पहले साफ कर दिया कि सरकार आदिवासी इलाकों की विशेष चिंता कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर से नक्सलियों के सफाए के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय कर दी है। नक्सली उन्मूलन ऑपरेशन को साय सरकार की योजनाओं का भी तगड़ा बैकअप दे दिया गया है। चौधरी ने जिन योजनाओं की घोषणा की है, उसके जरिए नक्सलियों से निपटने और आदिवासियों को मुख्य धारा से जोड़ने में खासी मदद मिलेगी। साथ ही नक्सली उन्मूलन के तत्काल अगले वित्तीय वर्ष में बस्तर संभाग के विकास का भी रास्ता खुल जाएगा।

वित्त मंत्री ने बस्तर और सरगुजा को बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसे रणनीतिक बजट का नाम भी दिया जा सकता है, जो दूरगामी नतीजे देंगे। अब तक लावलीहुड कॉलेज के लिए पहचाने जा रहे दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की गई है, निश्चित रूप से इससे इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। वहां पर सिर पर गौर मुकुट पहनने वाले आदिवासी युवाओं के गले पर स्टेथिसकोप भी लटका मिलेगा। युवाओं को जोड़ने के लिए सरगुजा के साथ बस्तर में भी ओलंपिक जारी रहेगा और इसके लिए बजट में 22 करोड़ दे दिया गया है। यही नहीं अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी बनाने की ऐतिहासिक घोषणा की गई है। इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके बन जाने से पूरे इलाके में शैक्षणिक माहौल बनेगा और स्थानीय युवाओं की तरक्की के रास्ते खुल जाएंगे।

नक्सलियों से निपटने नई फौज

नक्सलियों के खात्मे के ऐलान के साथ ही बजट में इस बात का ख्याल रखा गया है कि बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ युवाओं की फौज खड़ी होती रहे। इसके लिए 1500 नए फाइटर्स मैदान में उतारे जाएंगे। खास बात यह है कि बस्तर के जंगलों में नेट कनेक्टिविटी को विशेष रूप से बढ़ाया जा रहा है। माना जा रहा है कि संचार के साधन बढ़ने से नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा किया जा सकेगा और विकास की गति में तेजी आएगी। बस्तर नेट परियोजना के लिए बजट में पांच करोड़ दिया गया है। सरगुजा के साथ बस्तर विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ा कर 75 करोड़ कर दिया गया है।


बस्तर के गांवों का ख्याल

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बस्तर के गांवों में पशुपालन का विशेष ध्यान रखा है। ज्ञात हो कि बस्तर में आदिवासियों में पशुपालन की संस्कृति बरकरार है। नक्सलियों के उन्मूलन के बाद अब गांवों में आदिवासी बसाहट सुव्यवस्थित हो रही है और ग्रामीणों में पशुपालन बढ़ता जा रहा है। इसे प्रोत्सहन देने के लिए बजट कें 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।


नदी बदलेगी तस्वीर

इंद्रावती नदी अब तक आतंक का पर्याय रहा है। समय के साथ वहां जनजीवन सामान्य होता जा रहा है। नक्सली दहशत के कारण अब तक इंद्रावती नदी को लेकर कोई बड़ी योजना नहीं बनाई जा सकी थी। अब वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट में इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज के निर्माण की ऐतिहासिक घोषणा की गई है। इसके लिए 2024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे गांवों को जोड़ने के लिए 68 किमी लंबी नहर भी बनाई जाएगी, जिससे फसलों को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।









 



 




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