CG News: ऐसा फर्जीवाड़ा! सेक्रेट्री के पत्र के नाम पर प्राइवेट यूनिवर्सिटीज से वसूली कर रही इवेंट कंपनी, गंभीर आरोप

CG News: नोयडा की इवेंट कंपनी ने उच्च शिक्षा सचिव भारतीदासन से शिक्षा संवाद इवेंट करने कार्यक्रम का नॉलेज पार्टनर बनने पत्र लिखवाया और इसके नाम पर प्राइवेट विश्वविद्यालयों से वसूली शुरू कर दी। दो साल पहले इस इवेंट कंपनी ने इसी तरह का काम भोपाल में भी किया था। मगर शिकायतों के बाद सरकार ने आयोजन को निरस्त कर दिया था।

Update: 2026-02-14 15:22 GMT

CG News: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 17 फरवरी को होने जा रहे ‘शिक्षा संवाद छत्तीसगढ़ 2026’ विवादों से घिरने लगा है। कार्यक्रम के आयोजक नोएडा की इवेंट कंपनी इलेट्स टेक्नोमीडिया पर सरकारी अफसरों के पत्रों का जमकर दुरुपयोग करने और प्राइवेट कार्यक्रम को इसी पत्र के बिना पर सरकारी बता रहे हैं। मंशा साफ है, कार्यक्रम को सरकारी बताकर इवेंट कंपनी पर प्राइवेट यूनिवर्सिटीज से वसूली करने का गंभीर आरोप लग रहा है।

कंपनी पर छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एस. भारती दासन के नाम से जारी एक पत्र का इस्तेमाल करने का आरोप है, जिसमें कार्यक्रम को निःशुल्क बताकर सरकारी लोगो और लेटरहेड के उपयोग की अनुमति ली गई थी. आरोप है कि इसी पत्र के आधार पर छत्तीसगढ़ की कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज से स्पॉन्सरशिप के नाम पर भारी भरकम फंड कलेक्शन किया गया।

अचरज की बात है, प्राइवेट कार्यक्रम के इस कार्यक्रम का प्रमोशन छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर किया जा रहा है, इसी प्रमोशन के चलते या फिर भ्रम का फायदा उठाकर प्राइवेट इवेंट कंपनी प्राइवेट यूनिवर्सिटी से उगाही करने लगी है। एक और बड़ी गड़बड़ी ये कि इलेट्स टेक्नोमिडिया की वेबसाइट पर भी इसे विभाग के साथ सहयोग से आयोजित बताया गया है, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग को सह-आयोजक के रूप में दिखाया गया है।

इस तरह के एक फर्जीवड़ा का मामला मध्य प्रदेश में भी हुआ था। उसी का एक रूप छत्तीसगढ़ में नजर आ रहा है। मध्य प्रदेश की तर्ज पर इसी कंपनी ने छत्तीसगढ़ में भी फर्जीवाड़ा पर उतारु हो गई है। मध्य प्रदेश में इसी कंपनी पर सरकारी लेटर से फंड जुटाने का आरोप लगा था, जिसके बाद कार्यक्रम रद्द हो गया था। छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह के तरीके कंपनी ने अपनाया है। अब सवाल यह उठ रहा है, क्या सरकार समय रहते सचेत होगी और फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी पर नकेल कसते हुए कार्रवाई करेगी।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति महादेव कावरे ने कहा कि आयोजक उनके पास आए थे, और सचिव का लेटर दिखाकर इसे सरकारी कार्यक्रम बताया था।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने आरोप लगाते कहा उच्च शिक्षा सचिव भारतीय दासन द्वारा जारी पत्र को तत्काल निरस्त किया जाए और जहां-जहां से कंपनी ने वसूली की है, वह राशि वापस की जाए। उन्होंने कहा कि यह कंपनी मध्य प्रदेश में भी इसी तरह सचिव के लेटर से वसूली कर चुकी है। वहां प्रमुख सचिव निकुंज कुमार श्रीवास्तव को जानकारी मिलते ही कार्यक्रम तत्काल रद्द कर दिया गया था, और कंपनी के मालिक को फटकार लगाई गई थी।

उच्च शिक्षा मंत्री ने दिए जांच का निर्देश

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। उच्च शिक्षा मंत्री ने इस पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया है।

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