इनसाइड स्टोरी: जालसाजों की भेंट चढ़ गया परिवार, मां की गिरफ्तारी के बाद बेटा झूला फांसी के फंदे पर, पति की लकवा से मौत को बताया सांप काटना...
CG Clame Scam: छत्तीसगढ़ बिलासपुर में एक भयावह व रोंगटे खड़ी करने देने वाली घटना सामने आई है। पति की लकवा से मौत को सांप काटना बताकर सरकारी खजाने से महिला के नाम पर चार लाख रुपये का चेक आया। चेक को बैंक में जमा कराया, राशि हािथ लगते ही बड़ा खेला हुआ।
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बिलासपुर।22 फरवरी 2026| बीमारी व स्वाभाविक मौत को सांप,बिच्छू काटना, दीवार गिरने से मौत बताने वाले संगठित गिरोह की तलाश में पुलिस जुट गई है। पुलिस को गिरोह में शामिल वकील से लेकर राजस्व महकमा और पोस्ट मार्टम करने वाली टीम के उस सदस्य की तलाश में जुट गई है, जो इस तरह के घिनौने खेल में गिरोह का साथ दे रहा है।
क्या है मामला?
छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र में चना डोंगरी गांव है। उर्वशी श्रीवास के पति पुरुषोत्तम की लकवा के कारण मौत हुई थी। सरकारी खजाने को लुटने के लिए एक वकील ने उर्वशी से संपर्क किया और आपदा प्रबंधन की तरफ से मिलने वाली चार लाख रुपये की राशि का लालच देते हुए पति की मौत सांप काटने से हाेना बताने कहा, बाकी पूरी जिम्मेदारी खूद पर ले ली। उर्वशी की रजामंदी के बाद फर्जी दस्तावेज बनाने से लेकर फर्जी पीएम रिपोर्ट और राजस्व अमले की रिपोर्ट में जमा करा दी गई। सरकारी खजाने से राशि भी निकल गई। अचरज की बात ये उर्वशी को चार लाख में से सिर्फ 50 हजार रुपये दिए, शेष राशि गिरोह के मेंबर से लेकर बिचौलियों ने हड़प ली।
फर्जीवाड़ा फूटा तो पुलिस ने उर्वशी को किया गिरफ्तार
जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद तखतपुर पुलिस ने उर्वशी को गिरफ्तार किया, यह सदमा कमलेश श्रीवास सहन नहीं कर पाया और फांसी के फंदे पर झूल गया। गिरोह के झांसे में आकर उर्वशी का पूरा परिवार तबाह हो गया। अब फर्जीवाड़ा के आरोप में उर्वशी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। गड़बड़ी करने वाले और उर्वशी को बड़ी राशि का लालच देने वाले गिरोह के सरगना से लेकर साथ और बिचौलिए अब भी पुलिस पकड़ से बाहर है।
कलेक्टर ने कराई जांच तो सामने आई गड़बड़ी
कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आदेश दिया था। कलेक्टर के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया था। जांच दल में तहसीलदार, थाना प्रभारी और चिकित्सा अधिकारी को शामिल किया गया था। जांच में फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। आवेदिका उर्वशी श्रीवास ने किसी शोभाराम कौशिक के नाम का इस्तेमाल किया था, जिसने फांसी लगाकर आत्महत्या क र ली थी। सरकारी दस्तावेजों में उर्वशी के पति पुरुषोत्तम श्रीवास का मृतक के रूप में नाम कहीं दर्ज ही नहीं है।
शासकीय दस्तावेज में तहसीलदार का फर्जी हस्ताक्षर
जांच में चौंकानी वाली बात सामने ये आई, मुआवजा प्रकरण में तहसीलदार का फर्जी हस्ताक्षर किया गया हहै। तहसीलदार शशांक शेखर शुक्ला ने हस्ताक्षर को अपना मानने से इंकार कर दिया है। फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी नाम के जरिए सरकारी खजाने को चूना लगाने का मामला सामने आया है।
परिजनों के बयान चौंकाने वाला
जांच दल ने जब परिजनों से पूछताछ की तब मृतक पुरुषोत्तम के ससुर व साले ने जो बात बताई वह उर्वशी के दावों को सफेद झूठ साबित कर दिया। मृतक के ससुर व साले ने जांच दल को बताया कि पुरुषोत्तम को सांप ने उसकी मृत्यु से तीन महीने पहले काटा था। पुरुषोत्त को लकवा मार दिया था और लकवाग्रस्त रहते घर पर ही उसकी मृत्यु हुई है। शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया था।
उर्वशी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर तखतपुर तहसीलदार ने उर्वशी श्रीवास के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने उर्वशी श्रीवास एवं अन्य के विरुद्ध धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (मूल्यवान सुरक्षा की कूटरचना), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करना) और 34 (समान मंशा) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
विधायक सुशांत ने विधानसभा में उठाया था मामलाNPG.NEWS में प्रदेश में चल रहे इस फर्जीवाड़े की रिपोर्ट प्रकाशित की थी।हमने बताया था, छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में स्वाभाविक मौत को कैसे दुर्घटना साबित कर सरकारी खजाने को लाखोंं रुपये की चपत लगाई जा रही है। एनपीजी की खबर के बाद बेलतरा के विधायक सुशांत शुक्ला ने विधानसभा में मामला उठाया था। विधायक के सवाल पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
बिलासपुर जिले में 527 से ज्यादा लोगों की मौत सांप काटने से
विधायक सुशांत शुक्ला ने सदन के सामने सर्पदंश से मौत का आंकड़ा पेश किया था। सबसे ज्यादा बिलासपुर जिले में 527 लोगों की मौत सांप काटने से हुई और इन सभी के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 17 करोड़ का मुआवजा दिया गया है। यह आंकड़ा चौंकाने वाला तो है साथ ही बिलासपुर जिले में संगठित गिरोह के भीतर ही भीतर सक्रिय होने का अंदेशा भी गहराने लगा है। अचरज की बात ये कि छत्तीसगढ़ के नागलोक के नाम से ख्याति प्राप्त जशपुर में सांप काटने से 96 लोगों की मौत हुई थी। बिलासपुर जिले का यह आंकड़ा चौकाने वाला है।
विधायक सुशांत शुक्ला ने राज्य सरकार की ओर से पेश आंकड़े पर चर्चा करते हुए कहा कि जशपुर को नागलोक कहा जाता है वहां सांपने काटने से 96 लोगों की मौत हुई है। बिलासपुर जिले में यह आंकड़ा आश्चर्यजनक ढंग से 527 से भी ज्यादा है। मुआवजा में 17 करोड़ से भी ज्यादा का फर्जीवाड़ा किया गया है।