CG High Court Bar Association: 30% महिला आरक्षण: स्टेट बार कौंसिल में 30% महिला पदाधिकारियों के आरक्षण को लेकर सचिव ने प्रशासकों को लिखी चिट्ठी..
CG High Court Bar Association: छत्तीसगढ़ स्टेट बार कौंसिल के सचिव अमित कुमार वर्मा ने स्टेट बार काैंसिल चुनाव के लिए नियुक्त प्रशासकों को पत्र लिखकर स्टेट बार कौंसिल में 30 प्रतिशत महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है। सचिव ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है। पढ़िए छत्तीसगढ़ स्टेट बार कौंसिल के सचिव ने पत्र में क्या लिखा है।
CG High Court Bar Association: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट बार कौंसिल के सचिव अमित कुमार वर्मा ने स्टेट बार काैंसिल चुनाव के लिए नियुक्त प्रशासकों को पत्र लिखकर स्टेट बार कौंसिल में 30 प्रतिशत महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है। सचिव ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है।
छत्तीसगढ़ स्टेट बार कौंसिल के सचिव अमित कुमार वर्मा ने एचबी अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता, राज अवस्थी अधिवक्ता, राजेश कुमार केशरवानी, अधिवक्ता प्रशासकगण, छग उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ को पत्र में लिखा है, उच्चतम न्यायालय ने 24 मार्च 2025 पक्षकार "दीक्षा एन अमृतेश विरूद्ध स्टेट ऑफ कर्नाटक व अन्य एसएलपी में दिए गए आदेश का परिपालन सुनश्चित कराने की मांग की है। पत्र के अनुसार उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने आदेश में जिला, तालुका व अन्य अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी समिति के निर्वाचन हेतु महिला अधिवक्ताओं का 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किये जाने का आदेश पारित किया गया है।
बता दें कि स्टेट बार कौंसिल चुनाव कराने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति की गई है। एसोसिएशन के सचिव ने प्रशासकों कोा पत्र लिखकर महिला आरक्षण की व्यवस्था की मांग की है।
ये है सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्देश दिया कि स्टेट बार काउंसिल में 30% सीटों पर - जहां चुनाव अभी नोटिफ़ाई नहीं हुए - महिला वकीलों को रिप्रेज़ेंट किया जाना चाहिए। इस साल के लिए कोर्ट ने आदेश दिया कि 20% सीटें महिला सदस्यों के चुनाव से और 10% को-ऑप्शन से भरी जानी चाहिए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि उन काउंसिल के संबंध में को-ऑप्शन का प्रस्ताव उसके सामने रखा जाए, जहां महिलाओं की संख्या काफ़ी नहीं हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 30% सीटों पर बार एसोसिएशन की महिला सदस्य रिप्रेजेंट करेंगी, जिसमें से 20% सीटें चुनाव से और 10% को-ऑप्शन से भरी जाएंगी। को-ऑप्शन के बारे में एक प्रस्ताव इस कोर्ट के सामने रखा जाएगा। जहां भी बार की महिला सदस्य 20% सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए आगे आने में हिचकिचा रही हैं, ऐसी बार काउंसिल में भी को-ऑप्शन का प्रोसेस शुरू किया जाएगा ताकि आखिर में महिलाओं को 30% रिप्रेजेंटेशन मिल सके। याचिका में बार काउंसिल में महिलाओं के लिए रिज़र्वेशन की मांग की गई थी। पिछले हफ्ते, कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से कहा था कि वह स्टेट बार काउंसिल में 30% महिलाओं का रिप्रेजेंटेशन पक्का करने के लिए कदम उठाए। कोर्ट ने BCI से आज तक एक प्रपोज़ल लाने को कहा था।