गंगोत्री वाटर प्लांट में फर्जीवाड़े का खेल: पानी की 3030 बोतलें और 29,100 पाउच सीज, महामाया मंदिर भोगाशाला पहुंची जांच टीम, लिया नमूना
CG News: गंगोत्री वाटर प्लांट में जांच टीम को बड़ी गड़बड़ी मिली है। फर्जीवाड़े के आरोप में टीम ने प्लांट से पानी की 3030 बोतलें और 29,100 पाउच की जब्ती बनाई है। इसे सीज कर दिया गया है। पानी भरे बोतलों और पाउच में भ्रामक लेबलिंग की बात जांच टीम ने बताई है।
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बिलासपुर।21 मार्च 2026| गंगोत्री वाटर प्लांट में जांच टीम को बड़ी गड़बड़ी मिली है। फर्जीवाड़े के आरोप में टीम ने प्लांट से पानी की 3030 बोतलें और 29,100 पाउच की जब्ती बनाई है। इसे सीज कर दिया गया है। पानी भरे बोतलों और पाउच में भ्रामक लेबलिंग की बात जांच टीम ने बताई है। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम छत्तीसगढ़ रतनपुर महामाया मंदिर के भोगशाला का निरीक्षण किया। यहां श्रद्धालुओं को बांटे जाने वाले प्रसाद का सैम्पल लिया है।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सीपत के गंगोत्री मिनरल वाटर प्लांट पर छापा मारा। जांच के दौरान भ्रामक लेबलिंग मिलने के आरोप में पानी की 32 हजार से अधिक पानी बोतलें और पाउच की जब्ती बनाई है। नवरात्र पर्व और गर्मी के मौसम में लोगोंं की जानमाल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और नियंत्रक खाद्य सुरक्षा के निर्देश पर छापामार कार्रवाई की गई है। विभाग की तरफ से नवरात्रि और बढ़ती गर्मी के मद्देनजर जांच अभियान चलाया जा रहा है।
पानी बोतलों की सैंपल, लेबलिंग में फर्जीवाड़ा
गंगोत्री मिनरल एंड वाटर प्लांट से पानी की बोतलों के सैंपल भी लिए गए। भ्रामक लेबलिंग के कारण 1 लीटर की 210 पेटियां (प्रत्येक में 12 बोतल), 250 एमएल की 3030 पानी की बोतलें और 250 एमएल के 29,100 पानी पाउच सीज कर दिया है।
दो फर्मों को नोटिस जारी
विभााग की टीम ने दो अन्य फर्मों को सुधार के लिए नोटिस जारी किया है। जांच टीम ने सेवई, साबूदाना, अरहर दाल और चना दाल के नमूने भी एकत्र किए। रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण प्रसाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रसाद कक्ष का भी जायजा लिया।
मंदिर में भोग प्रमाणन (भोग सर्टिफिकेट) के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। मंदिर परिसर के बाहर लगे ठेलों और गुमटियों की भी जांच की गई। यहां अखाद्य रंग से तैयार चाट को नष्ट कराया गया और संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों के बारे में जानकारी दी गई।