Bilaspur High Court: अवमानना नोटिस पर कोर्ट में हाजिर हुए उच्च शिक्षा सचिव, हाई कोर्ट को दी ये जानकारी....

Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ के रविशंकर विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफेसरों ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एस भारतीदासन के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट के आदेश पर उच्च शिक्षा सचिव कोर्ट में उपस्थित हुए और जानकारी दी। पढ़िए सचिव की जानकारी के बाद कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया।

Update: 2026-01-21 09:26 GMT

Bilaspur High Court: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के रविशंकर विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफेसरों ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एस भारतीदासन के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट के आदेश पर उच्च शिक्षा सचिव कोर्ट में उपस्थित हुए और जानकारी दी। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव ने कोर्ट को बताया कि सभी रिटायर्ड प्रोफेसर्स के लिए सातवें वेतनमान के तहत पेंशन मंजूर हो गया है। उच्च शिक्षा सचिव ने कोर्ट को जानकारी दी कि वित्त विभाग ने इसकी अनुमति दे दी है। उच्च शिक्षा सचिव की जानकारी के बाद हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका को निराकृत कर दिया है।

रविशंकर विवि रायपुर के अंतर्गत सेवा से रिटायर हुए तकरीबन 20 प्रोफेसरों को सेवाकाल के दौरान सातवें वेतनमान मिल रहा था। रिटायरमेंट के बाद जब पेंशन का निर्धारण किया गया तब छठवें वेतनमान के तहत पेंशन जारी किया। उच्च शिक्षा विभाग के पेंशन निर्धारण पॉलिसी के खिलाफ प्रोफेसर्स ने अपने अधिवक्ता मनीष उपाध्याय के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय के सिंगल बेंच में हुई। मामले की सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता प्रोफेसरों को निर्धारित वेतनमान से ही पेंशन देने का आदेश जारी किया था। इसके लिए कोर्ट ने 120 दिन की अवधि तय कर दी थी। हाई कोर्ट द्वारा तय समयावधि में सातवें वेतनमान के आधार पर पेंशन का निर्धारण ना करने पर प्रोफेसरों ने अधिवक्ता मनीष उपाध्याय के जरिए न्यायालयीन आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एस भारतीदासन के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी। अवमानना याचिका की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय के सिंगल बेंच में हुई। अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पांडेय ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एस भारतीदासन को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। कोर्ट केआदेश पर उच्च शिक्षा सचिव उपस्थित हुए और जानकारी दी। उच्च शिक्षा सचिव ने कोर्ट को बताया कि राज्य शासन ने रिटायर्ड प्रोफेसरों को सातवें वेतनमान के अनुसार पेंशन देना मंजूर कर लिया है। वित्त विभाग ने इसकी अनुमति भी दे दी है। उच्च शिक्षा सचिव की इस जानकारी के बाद कोर्ट ने अवमानना याचिका को निराकृत कर दिया है।

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