अफसरों का कमालः सड़क के नाम पर पहाड़ी कोरवाओं से धोखा, मिट्टी पर बिछा दिया डामर, उंगली से उखड़ रही परत
CG News: सरगुजा संभाग में अति पिछड़े पहाड़ी कोरवाओं क इलाके में सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। हाल यह है कि मिट्टी पर बिछाया गया डामर उंगली से उखड़ रहा है। मैनपाट के बतौली विकासखंड में इस अति घटिया सड़क का निर्माण हुआ है।
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अंबिकापुर।18 मार्च 2026| नई सड़क का निर्माण होता देख कर पहाड़ी कोरवाओं के चेहरे खिल गए थे, मगर निर्माण का हाल देख कर उदास हो गए हैं। बतौली विकासखंड में बिजलहवा से मड़वासरई तक सड़क बनाई गई है। लंबे समय से यहां नई सड़क बनाने की मांग की जा रही थी। आदिवासियों को उम्मीद थी कि इससे राहत मिल जाएगी, मगर स्थिति विपरीत दिख रही है। ऐसी घटिया सड़क कितने साल चल पाएगी, यह भी सवाल खड़ा हो रहा है। जबकि तीन सप्ताह पहले ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सड़कों के निर्माण को गंभीरता से लेने को कहा था और उन्होंने खुद कहा था कि सड़कें दो- तीन साल में ही खराब हो जा रही हैं। यह सड़क तीन से छह माह भी टिक पाएगी, इस पर संदेह है।
सरगुजा संभाग में मैनपाट विकासखंड के ग्राम बिजलहवा से सेदम जाने वाले मार्ग पर ग्राम मड़वा सरई तक आठ किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है। बनते- बनते ही यह सड़क विवादों से घिर गई है। अधिकारियों के अनुसार इस सड़क का निर्माण पहाड़ी कोरवाओं को ध्यान में रख कर प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण योजना के तहत विशेष रूप से बनाई जा रही सड़क की हालत अभी से खस्ताहाल दिख रही है। प्रत्यक्षदर्शी आदिवासी ग्रामीणों का कहना है कि सड़क तो बनने के दूसरे- तीसरे दिन से ही उखड़ने लगी है। पैदल आना- जाना करने वाले आदिवासियों ने बताया कि उनके पैर के दबाव से ही सड़क की परत उखड़ रही है, फिर गाडि़यों के चलने पर क्या होगा? ग्रामीणों का आरोप है कि यहां पर ठेकेदार ने सीधे मिट्टी के ऊपर ही डामर की परत बिछा दी है, जिसके कारण सड़क की पकड़ कमजोर दिख रही है। खास बात यह है कि यह सड़क ग्राम पंचायत कुनिया और ग्राम पंचायत कोर्ट को जोड़ती है। इन दोनों पंचायतों में आदिवासी परिवारों की आबादी करीब पांच सौ होगी। सड़क बनने से पहले आदिवासियों को आने- जाने में परेशानी हो रही थी और विशेष कर बारिश में आना- जाना मुश्किल हो जाता था।
ग्राम पंचायत की ओर से ग्रामीणों ने सड़क बनाने की मांग काफी पहले ही रखी थी। इस पर ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से भी मुलाकात की थी। कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लिया और जनप्रतिनिधियों की पहल पर प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया था। आदिवासियों को निर्माण प्रारंभ होते ही उम्मीद थी कि अब समस्या से छुटकारा मिल जाएगा, मगर यदि यही सड़क कुछ माह में जर्जर हो गई तो फिर समस्या और गंभीर हो जाएगी।
वीडियो बना कर दिखाया घटिया निर्माण
इलाके के कुछ जागरुक पहाड़ी कोरवाओं ने इस घटिया निर्माण का वीडियो तक बना लिया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क पर केवल उंगली और पैर से फेरने पर परत निकल रही है। बताया गया है कि वीडियो ग्राम मुसाखोल में बनाया गया है। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि नीचे केवल मिट्टी है। इससे घटिया निर्माण की पोल खुल गई है।
अधिकारी अब जागे
पहाड़ी कोरवा आदिवासियों ने सड़क निर्माण का वीडियो बनाया तब जाकर अधिकारियों की नींद टूटी है। अभी तक किसी अधिकारी ने इस सड़क निर्माण का निरीक्षण नहीं किया था और इसी का नतीजा है कि सड़क बनाने में लापरवाही बरती गई है। मीडिया को दिए बयान में जिला पंचायत सीईओ विनय अग्रवाल का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग द्वारा इसका निर्माण करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच की जाएगी और जांच में मिले प्रमाण के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जबकि पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता विकास कौशिक ने ठेकेदार का बचाव किया है। उन्होंने खुद सड़क निर्माण का निरीक्षण करने का दावा करते हुए मीडिया से कहा है कि केवल पांच या छह मीटर तक की सड़क निर्माण के दौरान धूल की सफाई नहीं की गई थी। इसके कारण डामरीकरण के बाद सड़क उखड़ रही थी। उनका कहना है कि ठेकेदार को इस गड़बड़ी को ठीक करने का आदेश दिया जा चुका है।