Gold-Silver Price Today: जियो-पॉलिटिकल झटके से सोना-चांदी में तूफानी तेजी, चांदी ने लगाई 8000 की छलांग, सोना 2000 रूपये हुए महंगा, अमेरिका-वेनेजुएला तनाव का सीधा असर
Gold-Silver Price Today: अमेरिका-वेनेजुएला तनाव से सोना ₹2000 और चांदी ₹8000 उछली। MCX, सर्राफा और इंटरनेशनल मार्केट के ताज़ा भाव और एक्सपर्ट आउटलुक पढ़ें।
Gold-Silver Price Today: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने सोमवार 5 जनवरी को बुलियन बाजार में तेज हलचल पैदा कर दी। अनिश्चितता बढ़ते ही निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया, जिसका सीधा फायदा सोने-चांदी को मिला। नतीजतन कीमतों में एक साथ तेज उछाल आ गया है।
MCX और सर्राफा बाजार के ताज़ा भाव
MCX पर दोपहर 3:10 बजे तक गोल्ड 2,060 रुपये यानी 1.52% की बढ़त के साथ 1,37,821 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता रहा। वहीँ चांदी तूफानी तेजी के साथ 8,046 रुपये यानी 3.40% उछलकर 2,44,362 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुँच।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 1,37,550 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा (GST और मेकिंग चार्ज अलग), जबकि चांदी 2,47,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई।
इंटरनेशनल मार्केट का हाल
अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में भी मजबूती बनी रही। चांदी करीब 7% उछलकर 75 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड हुई, वहीं सोना 2.38% की बढ़त के साथ 4,435 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
क्यों बढ़े दाम अमेरिका-वेनेजुएला फैक्टर
हालिया टकराव से समुद्री सप्लाई रूट्स पर असर की आशंका बढ़ी है जिनका इस्तेमाल पेरू और चाड जैसे बड़े चांदी निर्यातक देश करते हैं। सप्लाई-साइड चिंता के साथ-साथ सेफ-हेवन डिमांड बढ़ी जिसने चांदी को तेज उछाल दिया और सोने को भी मजबूती दी। आप को बता दें भू-राजनीतिक तनाव के समय निवेशक जोखिमभरे एसेट्स से निकलकर बुलियन की ओर शिफ्ट करते हैं, यही ट्रिगर इस रैली के पीछे दिखा।
एक्सपर्ट की राय आगे क्या
स्मॉलकेस मैनेजर और Smart Wealth AI के फाउंडर-प्रिंसिपल रिसर्चर पंकज सिंह के मुताबिक मौद्रिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक जोखिम और कैपिटल री-एलोकेशन अभी खत्म नहीं हुए हैं। ऐसे माहौल में सोने की मांग आगे भी मजबूत रह सकती है। उनका आकलन है कि 2026 में सोने में 10% से 60% तक की तेजी संभव है, हालांकि इस दौरान करीब 20% तक करेक्शन का जोखिम बना रहेगा।
चांदी पर उनका कहना है कि इसमें 5% से 30% तक का डाउनसाइड रिस्क मौजूद है, लेकिन तेजी से बढ़ती औद्योगिक मांग इसकी ताकत है। यदि सप्लाई टाइट रहती है, तो मौजूदा स्तरों से चांदी 40% तक उछाल दिखा सकती है।