LPG Crisis: ईरान जंग का असर! बेंगलुरु-मुंबई में LPG गैस का संकट, एक्शन में PM मोदी, जानें क्या है सरकार का 'इमरजेंसी प्लान'
LPG Crisis India: मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते भारत में LPG की भरी किल्लत। PM मोदी ने तलब की हाई-लेवल मीटिंग। बेंगलुरु-मुंबई के होटल ठप। घरों के लिए रिफिल बुकिंग साइकिल 21 से 25 दिन की गई।
नई दिल्ली 10 मार्च 2026: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब डायरेक्ट भारतीय रसोइयों और रेस्टोरेंट्स तक पहुंच गया है। मिडिल ईस्ट में मिलिट्री एक्शन और जवाबी हमलों के बाद 'होर्मुज स्ट्रेट' के बंद होने से देश में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी की भारी किल्लत हो गई है। इस क्राइसिस से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग कर रणनीतिक प्लान तैयार किया है।
इम्पोर्ट पर ब्रेक और बेंगलुरु-मुंबई में कामकाज ठप
भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरतों का करीब 62 प्रतिशत हिस्सा इम्पोर्ट करता है। देश में सालाना 31.3 लाख टन एलपीजी की खपत होती है जिसमें 87 प्रतिशत घरेलू और 13 प्रतिशत कमर्शियल गैस का हिस्सा होता है। सप्लाई चेन रुकने से कमर्शियल सेक्टर को गैस की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा संकट में सरकार की टॉप प्रायोरिटी आम घरों की कुकिंग गैस को स्मूथ रखना है। कमर्शियल सप्लाई में कटौती की वजह से मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े मेट्रो हब्स में होटल और रेस्टोरेंट्स का कामकाज लगभग ठप हो गया है और इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने इस हालत पर गहरी चिंता जताई है।
ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए 25 दिन का नया रिफिल रूल लागू
इस क्राइसिस से निपटने और जमाखोरी के साथ-साथ ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने कई सख्त 'इमरजेंसी मेजर्स' लागू किए हैं। घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग साइकिल को पहले के 21 दिनों से बढ़ाकर अब 25 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा सभी रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि वे पेट्रोकेमिकल स्ट्रीम को कम करके ज्यादा से ज्यादा एलपीजी का प्रोडक्शन करें। जो
कमर्शियल गैस का अलॉटमेंट करेगा नया पैनल
होटल और रेस्टोरेंट्स में मचे हाहाकार को कंट्रोल करने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की एक स्पेशल कमिटी भी बनाई गई है। अब यही कमिटी होटल, रेस्टोरेंट और दूसरी इंडस्ट्रीज की अर्जेंसी, मेरिट और मार्केट में गैस की अवेलेबिलिटी के आधार पर रिव्यू करेगी और उसी हिसाब से कमर्शियल गैस बांटी जाएगी।