Budget 2026 का चुनावी असर: पांच चुनावी राज्यों पर खास फोकस, बंगाल से तमिलनाडु को BJP ने ऐसे साधा? जानिए किन राज्यों को क्या-क्या मिला?

Budget 2026 Impact on Upcoming West Bengal: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का Union Budget 2026-27 सिर्फ आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि राजनीतिक लिहाज़ से भी बेहद अहम माना जा रहा है। इसकी एक बड़ी वजह है...

Update: 2026-02-01 08:23 GMT

नई दिल्ली 1 फरवरी 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का Union Budget 2026-27 सिर्फ आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि राजनीतिक लिहाज़ से भी बेहद अहम माना जा रहा है। इसकी एक बड़ी वजह है आने वाले महीनों में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव हैं। बजट में इन राज्यों से जुड़ी घोषणाओं को इसी चुनावी कॉन्टेक्स्ट में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के लिए ये पांचों राज्य रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं। असम और पुडुचेरी में एनडीए पहले से सत्ता में है, जबकि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में पकड़ मजबूत करना पार्टी की बड़ी चुनौती मानी जाती है।

पश्चिम बंगाल पर खास फोकस

Budget 2026 में पश्चिम बंगाल को लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की गईं हैं। दानकुनी से लेकर पश्चिम भारत तक प्रस्तावित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और देश के सात शहरों को जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में सिलीगुड़ी को शामिल किया गया है।

इसके अलावा अगले पांच वर्षों में 20 नए नेशनल वाटरवेज शुरू करने की घोषणा भी की गई है, जिससे माल ढुलाई सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल होने की बात कही गई है। इन परियोजनाओं का सीधा लाभ बंगाल के व्यापार, लॉजिस्टिक्स और रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

असम: इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी

असम में BJP पहले से सत्ता में है और बजट घोषणाओं को मौजूदा विकास एजेंडे की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए कनेक्टिविटी, जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी योजनाओं का असर असम पर भी पड़ने की पूरी उम्मीद है।

केरल और तमिलनाडु को ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’

दक्षिण भारत के चुनावी राज्यों केरल और तमिलनाडु को लेकर बजट में रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा को अहम माना जा रहा है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के साथ इन दोनों राज्यों को इस योजना में शामिल किया गया है।

इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का कुल आउटले बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें ISM 2.0, रेयर अर्थ कॉरिडोर और डेडिकेटेड केमिकल पार्क शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इससे दक्षिण भारत में निवेश और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

कांजीवरम साड़ी का सांस्कृतिक संदेश

बजट के दिन वित्त मंत्री द्वारा पहनी गई कांजीवरम सिल्क साड़ी को भी राजनीतिक और सांस्कृतिक संकेत के तौर पर देखा गया। तमिलनाडु की पारंपरिक बुनाई कला से जुड़ी इस साड़ी के जरिए दक्षिण भारत के सांस्कृतिक सम्मान का संदेश देने की चर्चा रही।

नारियल, काजू और कोको पर फोकस

बजट में नारियल संवर्धन योजना (Coconut Promotion Scheme) की घोषणा की गई है, जिसका लाभ खास तौर पर केरल और तमिलनाडु जैसे नारियल उत्पादक राज्यों को मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा काजू और कोको के लिए भी समर्पित कार्यक्रमों का ऐलान हुआ है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक इन उत्पादों में भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाना बताया गया है।

पुडुचेरी भी चुनावी गणित में

पुडुचेरी में एनडीए सरकार सत्ता में है। बजट में घोषित औद्योगिक और कृषि से जुड़ी योजनाओं को यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे चुनावी माहौल में सरकार अपनी उपलब्धियां गिना सके।

Union Budget 2026 में की गई घोषणाएं यह संकेत देती हैं कि आर्थिक नीतियों के साथ-साथ चुनावी राज्यों की प्राथमिकताओं को भी ध्यान में रखा गया है। हालांकि इन योजनाओं का वास्तविक असर जमीन पर कितना और कैसे दिखेगा, यह आने वाले समय में साफ होगा। लेकिन इतना तय है कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों की सियासत से भी गहराई से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

Tags:    

Similar News