कौन हैं 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' IPS अजय पाल शर्मा? जिनके पीछे पड़ गए शंकराचार्य, फोटो जारी कर लगाया आरोप
IPS Ajay Pal Sharma: आईपीएस अजय पाल शर्मा पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है. आईपीएस अजय पाल शर्मा 2011 बैच के उत्तरप्रदेश कैडर के अफसर हैं. इन्हे 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट', सिंघम जैसे नामों से भी जाना जाता है. उन्हने 15 साल में 500 से ज्यादा एनकाउंटर किया है.
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IPS Ajay Pal Sharma: आईपीएस अजय पाल शर्मा एक बार फिर सुखियों में है. वजह है शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के यौन शोषण से जुड़ा विवाद. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज पुलिस के एडिशनल पुलिस कमिश्नर आईपीएस अजय पाल शर्मा चर्चा पर आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया है. कुछ दिनों पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ आईपीएस अजय पाल शर्मा की बर्थडे सेलिब्रेशन की फोटो दिखाई थी. जिसे आशुतोष ब्रह्मचारी ने AI जनरेटेड बताया था.
वहीँ, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आईपीएस की एक फोटो दिखाई है. उन्होंने दावा किया है यह फोटो आशुतोष ब्रह्मचारी के फेसबुक आईडी पर पोस्ट किया हुआ है. उनका आरोप है, आईपीएस अजय पाल शर्मा उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं. वो आशुतोष महाराज के साथ जन्मदिन मना रहे हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच कैसे होगी? बता दें, आईपीएस अजय का पहले भी कई विवादों में नाम आ चुका है. साथ ही ये यूपी के तेज तर्रार अफसरों में गिने जाते है. अपराधी इनके नाम से ही डरते हैं तो चलिए जानते हैं आईपीएस अजय पाल शर्मा कौन है?
कौन है आईपीएस अजय पाल शर्मा
नाम: अजय पाल शर्मा (Ajay Pal Sharma)
बैच: 2011 बैच, उत्तरप्रदेश कैडर
मूल निवास: लुधियाना, पंजाब
करियर: डेंटिस्ट
वर्तमान पद: प्रयागराज एडिशनल पुलिस कमिश्नर
अचीवमेंट- 15 साल में 500 से ज्यादा एनकाउंटर
आईपीएस अजय पाल शर्मा 2011 बैच के उत्तरप्रदेश कैडर के अफसर हैं. इन्हे 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट', सिंघम जैसे नामों से भी जाना जाता है. वे मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं. वे शुरू से ही पढ़ाई में तेज थे. स्कूल में वो स्टेट टॉपर थे. हिंदी, अंग्रेजी और मैथ तीनों विषयों में उन्होंने 100 में 100 नंबर हासिल किए थे. आईपीएस बनने से से पहले वो डेंटिस्ट थे. जी हाँ, स्कूल की पढाई के बाद उन्होंने, डेंटिस्ट की डिग्री ली.
डेंटिस्ट से IPS कैसे बने अजय पाल शर्मा
कुछ साल तक डेंटिस्ट की जॉब की और फिर जॉब छोड़ कर 2008 में यूपीएससी की तैयारी करने लगे. 2009 में यूपीएससी की परीक्षा दी लेकिन सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. 2011 में 17 रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा पास की और आईपीएस बन गए. आईपीएस अजय पाल शर्मा को यूपी कैडर मिला.
आईपीएस अजय पाल को क्यों मिला सिंघम नाम
अजय पाल शर्मा यूपी में कई बड़े पदों पर रहे और कुछ ही समय में नाम बना लिया. उन्हें महाकुंभ का नोडल अधिकारी भी बनाया गया. अपने कार्यकाल में एक के बाद एक कई एनकाउंटर किए हैं. आईपीएस अजय पाल ने 15 साल में 500 से ज्यादा एनकाउंटर किया है. 63 से ज्यादा भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया है. उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर हुई. इसके बाद मथुरा,शामली, गाजियाबाद, हाथरस और नोएडा जिलों के कप्तान रह चुके हैं. गौतमबुद्ध नगर में एसएसपी के पद पर रहे.
रामपुर के पुलिस अधीक्षक रहने के दौरान वो एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से काफी चर्चा में आये थे. छह साल की बच्ची से रेप के बाद हत्या के आरोपी नाजिल को एनकाउंटर कर मार डाला था. शामली के कैराना पलायन के आरोपी को भी गिरफ्तार किया था.
अजय पाल का विवादों से पुराना नाता
साल 2020 में वो विवादों में भी आये थे. उस दौरान वो नोएडा SSP थे. दीप्ति शर्मा नाम की एक महिला ने उन पर शोषण का आरोप लगाया था. महिला ने आरोप लगाया था कि 2016 में आईपीएस गाजियाबाद में एसपी सिटी रहने के दौरान उसकी महिला से शादी हुई थी. लेकिन बाद में वो शादी से मुकर गए. इतना ही नहीं अपनी पोस्ट का इस्तेमाल करते हुए फर्जीवाड़ा कर महिला को जेल भिजवा दिया था. इस मामले में दीप्ति शर्मा ने महिला आयोग, पुलिस विभाग, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक शिकायत की थी. जिसके बाद जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन हुआ था. हालाँकि बाद में उन्हें क्लीन चीट मिल गयी थी.
रामपुर में भी भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें पद से हटाया गया था.
इसके बाद अब वो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष महाराज विवाद में चर्चा में हैं.