CG IPS Pramotion: तीन अधिकारियों के चलते रुका आईपीएस प्रमोशन, जानिये अब क्या होगा, क्या रहेगा सरकार का स्टैंड?

CG IPS Pramotion: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप्प केस में तीन आईपीएस अधिकारियों के नाम आने के बाद आईपीएस की डीपीसी बीच में ही रोक दी गई थी। मगर अब सुनने में आया है कि सरकार ने अपनी लाइन स्पष्ट कर दी है। जल्द ही डीपीवी कंप्लीट हो जाएगी।

Update: 2026-01-14 09:37 GMT

CG IPS Pramotion: रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत देश को हिला देने वाले 6000 करोड़ के महादेव सट्टा घोटाला आईपीएस प्रमोशन में रोड़ा बनता दिख रहा था। मगर सरकार के रुख से लगता है कि आजकल में कभी भी रुकी हुई डीपीसी कंप्लीट हो जाएगी। पता चला है, सरकार ने एक लाईन का मैसेज दिया है, नियमानुसार कार्य किया जाए। जानकारों का कहना है कि सरकार के अब दो साल हो गए हैं, इसलिए अब पूर्वाग्रह से फैसले नहीं होते। सरकार बनने के प्रारंभकाल में ये होते हैं कि पिछली सरकार के करीबी हैं तो भृकुटी टेढ़ी रखी जाए।

क्या कहता है नियम

सामान्य प्रशासन विभाग ने 17ए में केंद्रीय जांच एजेंसी को तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ पूछताछ के लिए अनुमति प्रदान कर दी है। जानकारों का कहना है कि भ्रष्टाचार विरोधी कानून की उप धारा 17ए में पूछताछ की अनुमति देने से प्रमोशन नहीं रोका जा सकता। प्रमोशन तभी रोका जाता है, जब किसी मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई हो या चार्ज शीट जारी कर दिया गया हो।

डीपीसी में विरोध नहीं

मंत्रालय में हुई एडिशनल डीजीपी की डीपीसी में सीएस विकास शील, सीनियर एसीएस ऋचा शर्मा, एसीएस होम मनोज पिंगुआ और डीजीपी अरुणदेव गौतम मौजूद थे। वहीं, आईजी, डीआईजी और सलेक्शन ग्रेड में सीनियर एसीएस की जरूरत नहीं होती, इसलिए उसमें ऋचा को छोड़ बाकी तीनों शामिल थे। डीपीसी में आप यह रही कि महादेव ऑनलाइन सट्टा काफी बड़ा मामला है, इसलिए सरकार की नोटिस में एक बार डाल दिया जाए। तभी शुक्रवार को डीपीसी बीच में ही खतम कर दी गई। सरकार ने अब नियम को पालन करने कहा है तो फिर तीनों आईपीएस की डीपीसी हो जाएगी।

लंबा लटक गया

तीन आईपीएस अधिकारियों के चलते बाकी आईपीएस के प्रमोशन रुक जाने से पुलिस महकमे में आशंका व्यक्त की जा रही थी कि अब प्रामोशन लंबा लटक जाएगा। मगर सरकार ने जल्दी ही रुख साफ कर दिया। इससे उन आईपीएस अधिकारियों में प्रसन्नता फैल जाएगी, जो डीपीसी में बेकर आने से मायूस हो गए थे।

क्या है मामला?

महादेव सट्टा घोटाले के एफआईआर में छत्तीसगढ़ के तीन आईपीएस अधिकारियों के भी नाम हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने सीबीआई को इन तीनों से पूछताछ करने के लिए 17ए में अनुमति प्रदान कर दी है। जाहिर है, सबसे पहले मार्च 2024 में छत्तीसगढ़ की एसीबी ने महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप में अपराध दर्ज किया था। मगर बाद में इसे ईडी को सौंप दिया गया। चूकि इसके तार दुबई तक जुड़़े हैं, इसलिए अब सीबीआई इसकी जांच कर रही है।

महिला आईपीएस का प्रमोशन नहीं

शराब घोटाले में 2008 बैच की महिला आईपीएस पारुल माथुर को सरकार ने चार्ज शीट दे दिया है। ईडी की जांच में उनका नाम कई जगहों पर आया था। व्हाट्सएप चैट भी उनका वायरल हुआ था। इसको देखते राज्य सरकार ने आरोप पत्र दे दिया है। विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। इस वजह से पारुल माथुर का प्रमोशन नहीं हो पाएगा। याने जांच कंप्लीट हुए बगैर वे डीआईजी नहीं बन पाएंगी।

इन आईपीएस अफसरों का प्रमोशन ड्यू

आईपीएस प्रमोशन में 2001 बैच के आईपीएस एडीजी, 2008 बैच के आईपीएस आईजी, 2012 बैच के आईपीएस डीआईजी और 2013 बैच के आईपीएस अधिकारियों को सलेक्शन ग्रेड मिलेगा। याने एसएसपी बनेंगे। 2001 बैच में एडीजी बनने वालों में डॉ0 आनंद छाबड़ा का सिंगल नाम है। वहीं, आईजी बनने वाले 2008 बैच में पारुल माथुर, प्रशांत अग्रवाल, नीतू कमल, डी0 श्रवण और मिलना कुर्रे हैं। इनमें पारुल माथुर को चार्जशीट इश्यू हो गया है। नीतू कमल और डी0 श्रवण डेपुटेशन पर हैं। उधर, 2012 बैच के सात आईपीएस डीआईजी प्रमोट होंगे। इनमें आशुतोष सिंह, विवेक शुक्ला, रजनेश सिंह, शशिमोहन सिंह, राजेश कुकरेजा, राजेश अग्रवाल, विजय अग्रवाल और रामकृष्ण साहू शामिल हैं। आशुतोश सीबीआई में चले गए हैं। इसके अलावा 2013 बैच के चार आईपीएस को सलेक्शन ग्रेड मिलेगा। सलेक्शन ग्रेड मिलने के बाद जिलों में पोस्टेड एसपी का पदनाम बदलकर एसएसपी हो जाएगा। इन चार में जितेंद्र शुक्ला, मोहित गर्ग, अभिषेक पल्लव और भोजराम पटेल हैं। भोजराम इस समय मुंगेली के एसपी है। प्रमोशन के बाद वे एसएसपी हो जाएंगे।

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