Bihar News : बिहार का वो गांव जहां रातों-रात गायब हो गए सारे मर्द, घरों में बची सिर्फ सिसकियां और सन्नाटा, आखिर ऐसा क्या हुआ?

Bihar News : बिहार के दरभंगा जिले के हरिनगर गांव में हुई हिंसा के बाद  करीब 70 घरों के मर्द गांव छोड़कर चल गए हैं. और गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, लोग डर के साए में जी रहे हैं. सुरक्षा के लिहाज से गांव में अभी भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया हैं|

Update: 2026-02-05 07:23 GMT

Bihar News : बिहार का वो गांव जहां रातों-रात गायब हो गए सारे मर्द, घरों में बची सिर्फ सिसकियां और सन्नाटा, आखिर ऐसा क्या हुआ?

Bihar Darbhanga Hinsa : दरभंगा बिहार : दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पुलिस थाना एरिया के हरिनगर गांव में पैसो के लेन-देन के विवाद को लेकर हुई हिंसा के बाद 70 घरों के मर्दों ने गांव छोड़ दिया है. इन घरों में एक भी मर्द नहीं हैं. हिंसक झड़प के बाद गांव में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है. वहीं गाँव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया हैं|

इस मामले में 70 नामी  ब्राह्मणों सहित करीब 150 अनजान लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. गिरफ्तारी के डर से गांव के करीब 70 घरों में एक भी मर्द मौजूद नहीं है. वही गाँव वालो का कहना है कि. सामान्य जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सभी दुकानें बंद हैं और जरूरत का कोई सामान नहीं मिल रहा है. लोग डरे हुए हैं. हरिनगर गांव की रहने वाली एक महिला ने बताया कि इस गांव में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ. हम सब हमेशा अच्छे से रहते थे, लेकिन अचानक सब कुछ बदल गया. और पूरा गांव तनाव में हैं| 

पुलिस कार्रवाई पर सवाल

गाँव के सरपंच विमल चंद्र खान ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि 30 जनवरी को हुई घटना के बाद अगर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती, तो दुसरे दिन 31 जनवरी को इतनी बड़ी घटना नहीं घटती. वहीं SSP जगुनाथ रेड्डी ने कहा कि जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस किसी निर्दोष पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी|

कैसे हुई हिंसा

अशर्फी पासवान के द्वारा लिखाई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, मामला 2015 में घर के निर्माण कार्य से जुड़ा बकाया मजदूरी को लेकर शुरू हुआ था. पासवान ने बताया कि उनके बेटे विक्रम पासवान ने हेमकांत झा के घर के निर्माण की देखरेख की थी, लेकिन 2.5 लाख रुपये की मजदूरी का हिसाब नहीं किया गया था. 30 जनवरी को, जब हेमकांत झा का दामाद गांव आया था, तो पासवान ने फिर से पैसो की मांग की. इस बात पर बहस शुरू हो गई, और दुसरे दिन, 31 जनवरी को मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया|

पासवान ने बताया कि कई लोग लाठी और लोहे की छड़े लेकर उनके घर में घुस गए, उनके परिवारवालों पर हमला किया और मारपीट की. घर की महिलाओं के साथ गलत व्यवहार किया गया. और लूटपाट करने की कोशिश की. पुलिस के अनुसार पासवान की शिकायत के आधार पर गांव के 70 नामी ब्राह्मणों समेत 100-150 अनजान लोगों के खिलाफ SC/ST धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई हैं|

कितने लोग हुए अरेस्ट 

बिरौलिया डीएसपी प्रभाकर तिवारी ने बताया कि यह घटना 31 जनवरी की रात को पैसो के विवाद के कारण हुई. उन्होंने बताया कि झड़प में 10 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. और इसमें में 12 आरोपियों को हिरासत में लिया गया हैं. उन्होंने कहा की आगे की जांच जारी है. गांव में सुरक्षा बढ़ा दिया गाय है. हलाकि स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन काबू में हैं| 

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