Onion Price Hike: प्याज की कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानिए कैसे
Onion Price Hike: देश के कुछ हिस्सों में प्याज की बढ़ती कीमतों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रमुख सब्जी की कीमत कंट्रोल में रहे इसके लिए सरकार अपने बफर स्टॉक (Buffer Stock) से 3 लाख मीट्रिक टन प्याज (Onion Prices in delhi) खुले बाजार में जारी करेगी।
Onion Price Hike: देश के कुछ हिस्सों में प्याज की बढ़ती कीमतों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रमुख सब्जी की कीमत कंट्रोल में रहे इसके लिए सरकार अपने बफर स्टॉक (Buffer Stock) से 3 लाख मीट्रिक टन प्याज (Onion Prices in delhi) खुले बाजार में जारी करेगी। केंद्र ने प्याज की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए ये फैसला लिया है। नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) के जरिए ये प्याज बाजार में लाया जाएगा। सरकार ने 2.51 लाख टन प्याज बफर स्टॉक के तौर पर रखी है। पिछले चार वर्षों में प्याज का बफर स्टॉक तीन गुना हो गया है।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, 10 अगस्त को उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने NAFED और NCCF के मैनेजिंग डायरेक्टर के साथ प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर एक अहम बैठक की थी। इस दौरान बफर स्टॉक से प्याज बेचे जाने के तौर-तरीकों पर चर्चा की गई। ई-ऑक्शन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी प्याज बेचने के विकल्प पर सरकार विचार कर रही है। बैठक के बाद जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि बाजार डिस्पोजल के अलावा राज्यों को उनके उपभोक्ता सहकारी समितियों और निगमों के खुदरा दुकानों के माध्यम से भी बिक्री के लिए रियायती दरों पर पेशकश करने का भी निर्णय लिया गया।
बयान में कहा गया है कि उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर प्याज उपलब्ध कराने के लिए प्याज बेचने की मात्रा और गति को प्याज की कीमतों और उपलब्धता का ख्याल रखा जाएगा। खुदरा बाजार में प्याज बेचने के अलावा केंद्र सरकार राज्यों को भी सस्ती कीमतों पर प्याज उपलब्ध कराएगी, जिससे वे कंज्यूमर कॉपरेटिव और कॉरपोरेशन के रिटेल स्टोर्स के जरिए प्याज बेच सकें। कम आपूर्ति के कारण प्याज की कीमत इस माह के अंत में खुदरा बाजार में बढ़ने की आशंका व्यक्त की गई थी। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अगले महीने यह लगभग 60-70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। हालांकि, अक्टूबर से खरीफ की आवक शुरू होने पर प्याज की आपूर्ति बेहतर होगी, जिससे कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है।
क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, "मांग-आपूर्ति में असंतुलन का असर अगस्त के अंत में प्याज की कीमतों पर दिखने की आशंका है। जमीनी स्तर पर बातचीत से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार खुदरा बाजार में सितंबर की शुरुआत से कीमतों में अच्छी-खासी वृद्धि होने की आशंका है और यह 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। हालांकि, कीमत 2020 के उच्चतम स्तर से नीचे रहेगी।"
रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर से खरीफ की आवक शुरू होने पर प्याज की आपूर्ति बेहतर होगी, जिससे कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है। इसमें कहा गया है कि त्योहारी महीनों (अक्टूबर-दिसंबर) में कीमतों में उतार-चढ़ाव दूर होने की उम्मीद है। सरकार ने 3 लाख टन प्याज खरीदा है, जो पिछले साल के बफर स्टॉक (Buffer Stock) से 20 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2022-23 में सरकार ने बफर स्टॉक के तौर पर 2.51 लाख टन प्याज रखा था।