कोरोना से 135 शिक्षकों की मौत, पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान हुए थे संक्रमित…. हाईकोर्ट की फटकार, जिम्मेदार कौन?

Update: 2021-04-28 06:50 GMT

लखनऊ 28 अप्रैल 2021. कोरोना का संक्रमण उत्तर प्रदेश में घातक हो चला है. इस क्रम में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने कहा है कि महामारी के इस दौर में पंचायत चुनावों में ड्यूटी करते हुए 135 शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की मृत्यु हो गई. शिक्षकों की मौत पर संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है. साथ ही हाईकोर्ट ने आयोग से कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल्स लागू नहीं करवाने पर आपके और आपके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए?

दरअसल, एक हिंदी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले 135 शिक्षक, शिक्षा मित्र और अनुदेशकों की मृत्यु हो गई है. इसके अलावा पंचायत चुनाव में प्रथम चरण के प्रशिक्षण से लेकर तीसरे चरण के मतदान तक हजारों शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. सूबे में अभी तक जहां-जहां चुनाव हो चुके हैं वहां कोरोना संक्रमण के मामले कई गुना बढ़े हैं.

महासंघ ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर पंचायत के चुनाव स्थगित करने के साथ ही मृतकों के घर वालों को 50 लाख रुपये की मदद और उनके आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री को भेजी चिट्ठी में महासंघ के प्रवक्ता वीरेंद्र मिश्र ने कहा है कि कोविड-19 संक्रमण की भयावहता के बीच हो रहे पंचायत चुनावों में सरकारी गाइडलाइंस का पालन बिल्कुल नहीं हो रहा हैं. निर्वाचन के काम में लगे अफ़सर, कर्मचारी, शिक्षक और सुरक्षा कर्मचारी बेतहाशा संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं और कालकवलित भी हो रहे हैं.

सोमवार को ही पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में बीस ज़िलों में मतदान हुआ है. मिश्र के मुताबिक चुनाव प्रशिक्षण और दो चरणों में मतदान की ड्यूटी के बाद हरदोई में दस, लखीमपुर में दस, बुलंदशहर, हाथरस, सीतापुर और शाहजहांपुर में आठ-आठ, भदोही, लखनऊ तथा प्रतापगढ़ में सात-सात, सोनभद्र, गाज़ियाबाद और गोंडा में 6-6, कुशीनगर, जौनपुर, देवरिया, महाराजगंज और मथुरा में 5-5, बहराइच, उन्नाव, बलरामपुर और गोरखपुर में 4-4 तथा श्रावस्ती में तीन शिक्षक, शिक्षा मित्र या अनुदेशकों की अब तक आकस्मिक मृत्यु हो चुकी है.

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