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चीफ सिकरेट्री से हटने के बाद भी IAS अलपन की मुश्किलें बरकरार…..शो-कॉज नोटिस IAS नियमों के मुताबिक नहीं, आपदा कानून के तहत दिया गया ….. 2 साल की सजा का है प्रावधान

चीफ सिकरेट्री से हटने के बाद भी IAS अलपन की मुश्किलें बरकरार…..शो-कॉज नोटिस IAS नियमों के मुताबिक नहीं, आपदा कानून के तहत दिया गया ….. 2 साल की सजा का है प्रावधान
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By NPG News

कोलकाता 1 जून 2021। पश्चिम बंगाल के पूर्व सचिव अलपन बंदोपाध्याय के रिटायर होने से महज कुछ घंटे पहले आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के तहत केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसमें 2 साल तक की सजा या जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं.सरकार में सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी सरकार द्वारा सोमवार को उनकी सेवानिवृत्ति की घोषणा करने से पहले ही केंद्र ने अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी थी. कार्यवाही पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में चक्रवात यास समीक्षा बैठक से खुद को दूर रखने के लिए की गई है. इसलिए कार्यवाही होगी जारी रखें.

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केन्द्र सरकार के दिशा निर्देश को ना मानने के लिए यह नोटिस भेजा गया है. अलपन बंदोपाध्याय से कहा गया है कि वे तीन दिन के भीतर इस बात का लिखित में स्पष्टीकरण दें कि उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून की धारा 51 के तहत क्यों नहीं कार्रवाई की जाए.

यह नोटिस 31 मई को रिटायर होने से महज कुछ घंटे पहले भेजा गया. उन्होंने तीन महीनें के कार्यकाल का विस्तार केन्द्र और राज्य सरकार की तरफ से स्वीकृत होने के बावजूद इससे इनकार कर दिया.

31 मई को डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) ने भी उन्हें पत्र भेजते हुए पूछा था कि 28 मई के आदेश का पालन करने के लिए कहा था, जिसमें उनसे दिल्ली स्थित केन्द्र सरकार के ऑफिस में आकर रिपोर्ट करने को कहा गया था.

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केंद्र ने अब आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 (बी) को लागू करते हुए बंदोपाध्याय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसके अनुसार, ‘जो कोई भी उचित कारण बताए बिना केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा या उसकी ओर से दिए गए किसी भी निर्देश या अधिनियम के तहत राष्ट्रीय कार्यकारी समिति या राज्य कार्यकारी समिति या जिला प्राधिकरण का पालन करने से इनकार करता है.’

जबकि केंद्र अखिल भारतीय सेवा (एआईएस) नियमों के तहत राज्य सरकार के साथ तैनात एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ एक तरफा अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू नहीं कर सकता है, इसलिए सरकार ने सामान्य एनडीएमए का उपयोग किया है जिसके तहत किसी पर भी आदेशों का पालन न करने के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है.

गौरतलब है कि 1987 बैच के, पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी बंदोपाध्याय को साठ साल की उम्र पूरी होने के बाद सोमवार को सेवानिवृत्त होना था. लेकिन पिछले दिनों केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद बंगाल के मुख्य सचिव के तौर पर तीन माह का सेवा विस्तार दिया गया था. अलपन बंदोपाध्याय के सोमवार को रिटायर होने के बाद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें बंगाल सरकार और सीएम का सलाहकार नियुक्त करने का सोमवार को ऐलान किया.

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