ये आंकड़ा भयावह: छत्तीसगढ़ में संचालित हो रहे 625 खतरनाक उद्योग! फैला रहे हैं जानलेवा प्रदूषण....

ये आंकड़ा भयावह: छत्तीसगढ़ में संचालित हो रहे 625 खतरनाक उद्योग! फैला रहे हैं जानलेवा प्रदूषण....
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इमेज सोर्स- NPG News

CG Vidhansabha Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ में 625 ऐसे उद्योग हैं जो खतरनाक अपशिष्ट प्रदूषण फैला रहे हैं। यह लोगों के साथ मवेशियों के लिए खतरनाक है। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत के सवाल के जवाब में मंत्री ओपी चौधरी ने ऐसे उद्योगाें की जानकारी दी है जो खतरनाक अपशिष्ट प्रदूषण फैला रहे हैं।

रायपुर। 20 मार्च 2026|छत्तीसगढ़ में 625 ऐसे उद्योग हैं जो खतरनाक अपशिष्ट प्रदूषण फैला रहे हैं। यह लोगों के साथ मवेशियों के लिए खतरनाक है। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत के सवाल के जवाब में मंत्री ओपी चौधरी ने ऐसे उद्योगाें की जानकारी दी है जो खतरनाक अपशिष्ट प्रदूषण फैला रहे हैं।

मंत्री के जवाब पर नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने कहा मेरा पूरा सवाल प्रदेश के स्वास्थ्य , पर्यावरण व प्रदूषण पर आधारित है। मुझे भरोसा नहीं था, मंत्री जी प्रश्न का उत्तर देंगे। बड़ी हिम्मत से मंत्रीजी ने जवाब देने का प्रयास किया है। डा महंत ने मंत्री ओपी चौधरी को संबाेधित करते हुए कहा, आपने स्वीकार किया है, 625 खतरनाक औद्योगिक इकाइयां खतरनाक स्तर पर हैं, जिनके द्वारा अपशिष्ट प्रदूषण फैलाया जा रहा है। बीते सत्र के दौरान दी गई जानकारी का उल्लेख करते हुए डा महंत ने कहा, फरवरी 23 को बताया था, 163 उद्योग ऐसे हैं जो प्रदूषण फैलाते हैं। आज बता रहे हैं 665 है, इतनी गति कैसे बढ़ गई।

मंत्री चौधरी ने बताया, चिमनी से धुआं निकल रहा है, पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए कारखानों की चिमनी में प्रास्पिरेटर लगाया जाता है, उद्योगों में इस बात की शिकायत मिल रही है, बिजली बचाने के लिए पीएसपी को बंद कर दिया जाता है।19 उद्योगों में आनलाइन एमीशन मानिटरिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके लिए निगरानी पोर्टल बनाकर आईओटी तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। 146 में से 124 उद्योगों में आईओटी सिस्टम लगाया है। पर्यावरण बोर्ड के खर्चे पर बोर्ड यह तकनीक लगा रहा है। मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि पूरे उद्योग को इसके दायरे में लाया जाएगा।

मत्री के इस जवाब पर डा महंत ने पूछा, बोर्ड को कितनी राशि दी गई है, बजट प्रावधान किया गया है या नहीं। मंत्री चौधरी ने बताया चार से पांच लाख रुपये की मशीन रहती है। विभागीय प्रक्रिया के तहत क्रय किया जाएगा, प्रदूषणकारी उद्योगों और फ्लाई एश पर जो जुर्माना लगाते हैं उस राशि से इस मशीन को लगा रहे हैं।

डॉ. महंत ने पूछा, 665 इकाइयों में से कितने का दो साल में भौतिक सत्यापन कराया और कितने पर मानकों के उल्लंघन का आरोप पाया है। मंत्री चौधरी ने बताया, मानदंडों के अनुसार भौतिक निरीक्षण अधिकारी कर रहे हैं। लगातार कार्रवाई की जा रही है।

मंत्री ने कहा, एक विषय लाना चाहूंगा। कई जगह पर्यावरण विभाग का सेटअप कम होता है, आरओ नहीं बैठते थे सेटअप का रिवाइज किया है नए पोस्ट भी क्रिएट किए हैं। एक साल के भीतर आरओ भी बैठेंगे। और अच्छे मानिटरिंग होगी।

डॉ. महंत ने बालको का उठाया मुद्दा

नेता प्रतिपक्ष डॉ महंत ने पूछा कि कोरबा के बालको में में किस-किस प्रकार के अपशिष्ट उत्सर्जित होते हैं। कौन-कौन अधिकारी, कब-कब निरीक्षण में गए थे। मंत्री ओपी चौधरी ने कहा,बालको का वेस्ट अत्यंत ध्यान देने वाला विषय है। वेस्ट मटेरियल के निपटान के संंबंध में बड़ा काम बीते साल हुआ, 50 एकड़ में पीपीपी मॉडल में सीएसआईडीसी ने विकसित किया है। लैंड फिल में डंप करने के लिए साइट विकसित किया गया है। 30 साल के लिए यहां डिपाजिट किया जा सकता है। 23 मई 2025 से प्रांरभ हुई है। मंत्री ने साफ किया और बताया, दूसरे राज्यों के डिस्पोजल को हम यहां नहीं लेंगे।

सदन में गूंजा ये मुद्दा

डॉ महंत ने पूछा, बालको में निकलने वाले अपशिष्ट के रूप में चारो मेटल स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है, एनटीपीसी एसईसीएल से कितना राखड़ उत्पन्न होता है, खतरनाक कचरा किस पैमाने पर निकल रहा है। रायगढ़ ,कोरबा व रायपुर, इन तीनों जगहों में हेल्थ इंपेक्ट एसेसमेंट के लिए योजना बनाया है। स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है, परीक्षण कराएंगे क्या। मंत्री ने कहा, सुधार के लिए सकारात्मक प्रयास किए गए हैं। पर्यावरण की दृष्टि से जो जो कदम उठना है, प्रतिबद्धता के साथ करते रहेंगे।

पढ़िए डॉ.महंत के सवाल पर मंत्री ओपी चौधरी का लिखित जवाब

ये है डॉ. चरण दास महंत के सवाल

प्रदेश में खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाली कुल कितनी औद्योगिक इकाईयां (लघु, मध्यम, बड़े उद्योग) प्रचलन में है? औद्योगिक इकाई का नाम, पता उसके अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक के विवरण सहित जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश क के अनुसार पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य की रक्षा करते हुए सुरक्षित अपशिष्ट प्रबंधन करना, अपशिष्ट की रोकथाम करना पुनर्चक्रण, प्रसंस्करण करने की क्या व्यवस्था किन-किन प्रक्रियाओं के माध्यम की जा रही है? सम्पूर्ण विवरण ईकाईवार देवें? (ग) वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में प्रदेश के कितने हानिकारक प्रदूषण उत्सर्जन करने वाले उद्योगों में आनलाईन एमिशन मानीटरिंग सिस्टम की स्थापना की गई है? इस हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई थी? कितनी व्यप हुई? कितनी शेष है?

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दिया लिखित जवाब

प्रदेश में खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाली कुल 665 औद्योगिक इकाईया (लघु, मध्यम बड़े उद्योग) प्रचलन में है औद्योगिक इकाई का नाम, पता उसके अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक के विवरण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र अनुसार है। (ग) वर्ष 2024-2025 एवं 2025-2026 में प्रदेश के कुल 19 उद्योगों में ऑनलाइन एमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना की गई है। एमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना हेतु छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राशि स्वीकृत नहीं की गई है। उद्योगों को जारी जल, वायु सम्मति में ऑनलाइन एमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापना का शर्त निहित होता है। तदानुसार उद्योगों द्वारा स्वयं के व्यय से चिमनियों में ऑनलाइन एमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना की जाती है।

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