CG Vidhansabha Budget Session 2026: सक्ती जिले में चूहा खा गया 30 करोड़ का धान! डॉ महंत ने पूछा- ये जादू आखिर हुआ कैसे?
CG Vidhansabha Budget Session 2026: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में 30 करोड़ रुपये का धान चूहा खा गया है। विधायक रामकुमार वर्मा ने इस तरह का आरोप लगाते सदन में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से पूछा, रिसाइक्लिंग की आशंका में खरीदी बंद कर दी गई थी क्या, मंत्री ने हां में जवाब दिया। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने पूछा, इस तरह की शिकायत किस-किस जिले में मिली। डा महंत के सवालों का मंत्री के पास जवाब नहीं था।

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रायपुर।15 मार्च 2026| समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में 30 करोड़ रुपये का धान चूहा खा गया है। विधायक रामकुमार यादव ने कहा अगर ऐसा है तो लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे क्या। सदन में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से पूछा, रिसाइक्लिंग की आशंका में खरीदी बंद कर दी गई थी क्या, मंत्री ने हां में जवाब दिया। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने पूछा, इस तरह की शिकायत किस-किस जिले में मिली। डा महंत के सवालों का मंत्री के पास जवाब नहीं था।
विधायक रामकुमार यादव के सवाल के जवाब में खाद्य मंत्री ने बताया, रिसाइक्लिंग की आशंका के चलते धान का उठाव 17 जनवरी से रोक दिया गया था। उठाव बंद होने के कारण सूखत की स्थिति बनेगी, मंत्री सदन में आश्वस्त करें, सूखत की स्थिति में संबंधित समितियों से रिकवरी नहीं की जाएगी। 30 करोड़ का धान चूहा खा गया है। गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे क्या। मंत्री ने कहा, सक्ती जिले में मात्र 3.16 लाख क्विंटल का उठाव शेष है। मार्च से पहले धान का उठाव कर लेंगे।
डाॅ. महंत के सवालों का मंत्री बघेल नहीं दे पाए जवाब
नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा, मंत्री ने अपने जवाब में बताया है, रिसाइक्लिंग की आशंका में धान का उठाव रोका गया था। जाहिरतौर पर विभाग ने ऐसा मान लिया है, रिसाइक्लिंग होता है। डा महंत ने मंत्री से पूछा, विभाग के संज्ञान में ऐसी कोई जानकारी है क्या, किस-किस जिले में इस तरह की गड़बड़ी होती है या पहले कभी हुई है। डा महंत के इस सवाल का मंत्री दयालदास बघेल सीधेतौर पर जवाब नहीं दे पाए।
नेता प्रतिपक्ष डॉ महंत ने मंत्री से कहा, आपने 17 को आपने धान खरीदी बंद करा दी। 31 तक धान खरीदी होनी थी, जिनके पास टोकन था, वह किसान भी धान नहीं बेच पाए। 600 करोड़ का धान नहीं बेचा गया, इसके लिए जवाबदार कौन होगा। डाॅ महंत के इस सवाल का मंत्री जवाब नहीं दे पाए।
डाॅ. महंत ने मंत्री से पूछा बेमेतरा से आईडी जशपुर कैसे पहुंच गया, ये जादू कैसे हुआ
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से डॉ महंत ने पूछा, बेमेतरा,जशपुर और बालौद से आईडी कोरबा कैसे पहुंच गया। आईडी पहुंचाने हेलिकाफ्टर की व्यवस्था की थी, बस से मंगाए थे, बताइए ना ये जादू सरकार ने कैसे किया। डाॅ महंत के सवाल पर मंत्री दयालदास बघेल निरुत्तर हो गए। अमानक चावल की खरीदी के मामले में जब मंत्री बघेल सदन को जानकारी दे रहे थे, नान के एमडी को सस्पेंड कर दिया गया है। डॉ महंत से मंत्री से पूछा, कल रविवार था, रविवार के दिन कितने बजे यह कार्रवाई जरा बता दीजिए। मंत्री ने चुप्पी साध ली। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भी खाद्य मंत्री से कुछ इस तरह के सवाल किए, जिसका जवाब नहीं आया।
पढ़िए विधायकों के सवाल, जिस पर गरमाया सदन
विधायक रामकुमार यादव ने पूछे ये सवाल
क्या जिला सक्ती के अंतर्गत सेवा सहकारी एवं प्राथमिक कृषि साख समितियों के प्रासंगिक व्यय की राशि को 18 फरवरी 2026 तक की स्थिति में रोका गया है? यदि हां तो क्यों? विवरण देवें? (ख) क्या जिला सक्ती अंतर्गत उपार्जन केन्द्रों में 16 जनवरी, 2026 के पश्चात् धान उठाव रोक दिया गया है? यदि हां तो कारण बतावें? (ग) प्रश्नांक "क" एवं "ख" के अनुसार उक्त समस्या समाधान हेतु शासन द्वारा कोई योजना बनाई गई है? यदि हां तो जानकारी दें ?
विधायक व्यास कश्यप ने पूछा अमानक चावल की खरीदी हुई है क्या?
क्या कोरबा जिले में नागरिक आपूर्ति निगम के अंतर्गत संचालित संग्रहण केन्द्रों/गोदामों में दूसरे जिले की आईडी एवं ओटीपी का उपयोग कर अमानक (सब स्टेंडर्ड) चावल की खरीदी की गई? यदि हां, तो संबंधित प्रकरण में किन-किन जिलों के अधिकारियों/कर्मचारियों की आईडी का उपयोग किया गया ? (ख) कुल कितनी मात्रा में अमानक/घटिया चावल की खरीदी की गई? उसकी अनुमानित वित्तीय राशि कितनी है? क्या गुणवत्ता परीक्षण (क्वालिटी इंस्पेक्शन) नियमानुसार किया गया था? यदि किया गया तो अमानक चावल कैसे स्वीकार हुआ? (ग) प्रकरण में अब तक किन अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित/हटाया गया है? क्या किसी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है? विवरण प्रदान करें?
अमानक बारदाना खरीदी का उठा मुद्दा
राज्य में किसानों से क्रय की गई धान के भंडारण हेतु वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिये कुल कितनी संख्या में बारदानों की खरीदी की गई? क्रय नियमों, प्रदायकर्ता संस्थान का नाम व राशि का जिलावार विवरण देवें? (ख) क्या राज्य के अलग-अलग जिलों में बारदाना की साईज व गुणवत्ता में अंतर होना पाया गया है एवं समय सीमा पर बारदाना की उपलब्धता नहीं थी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई है?
कस्टम मिलिंग व मिलर्स के भुगतान और बारदाना को लेकर सवाल
खरीफ वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक कस्टम मिलिंग, धान परिवहन एवं बारदाना उपयोगिता शुल्क तथा राइस मिलर्स को भुगतान के संबंध में सरकार द्वारा क्या-क्या नियम-शर्ते लागू किए गए थे? वर्षवार बतायें? (ख) उक्त वर्षों में कस्टम मिलिंग, धान परिवहन एवं बारदाना उपयोगिता शुल्क अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा राईसमिलर्स को कितनी राशि का भुगतान, कितनी अवधि में किया गया था? कितने राईस मिलर्स को तय सीमा में भुगतान कर दिया गया है और कितना शेष है? उसका कारण क्या है तथा कब तक कर दिया जायेगा? वर्षवार बतायें? (ख) उक्त वर्षों में कितने राईसमिल पंजीकृत हैं? कितने राईस मिलरों के खिलाफ, किन-किन कारणों से विभागीय प्रकरण दर्ज किये गये हैं? उनमें से कितने का निराकरण निर्धारित समयावधि में कर दिया गया है?
