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विधानसभा बजट सत्र 2026: क्या हैं विदेशी बैंकों से लोन लेने के नियम, जानिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कितना लिया है लोन

CG Vidhansbha Budget Session 2026: विधानसभा में आज विदेशी बैंकों से लिए गए लोन के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। राज्य सरकार द्वारा किन नियमों के तहत विदेशी बैंकों से लोन लिया जाता है और पिछले दो सालों में कितना लोन लिया गया है यह भी वित्त मंत्री ने बताया है।

विधानसभा बजट सत्र 2026: क्या हैं विदेशी बैंकों से लोन लेने के नियम, जानिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कितना लिया है लोन
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Radhakishan Sharma

रायपुर।13 मार्च 2026| विधानसभा के बजट सत्र में आज छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा विदेशी बैंकों से लिए गए लोन के संबंध में प्रश्न पूछा गया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किन नियमों के तहत विदेशी बैंकों से लोन लिया जा सकता है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आने के बाद कितना विदेशी लोन लिया गया है,यह भी पूछा गया था।

कांग्रेस विधायक अनिला भेंडिया ने पूछा था कि जनवरी, 2024 से 17 फरवरी 2026 तक राज्य सरकार ने किन-किन विदेशी बैंको या अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से कितना कर्ज लिया है? विदेशी बैंकों से लिए गए इन ऋणों पर ब्याज की दर क्या है? क्या यह निश्चित दर पर है या फ्लोटिंग दर पर है? वर्षवार जानकारी देवें? विदेशी बैंकों से प्राप्त इस राशि का उपयोग किन-किन विशिष्ट विकास परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है? क्या इन परियोजनाओं के लिए विदेशी बैंकों द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को कितने समय-सीमा में पूरा कर लिया जावेगा? विभागवार विवरण देवें? विदेशी ऋण लेने के लिए केन्द्र सरकार से प्राप्त अनुमति का विवरण क्या है? क्या राज्य सरकार ने इन ऋणों के लिए कोई शासकीय गारंटी दी है? क्या विदेशी ऋण की बढ़ती मात्रा से राज्य के ऋण-जीएसडीपी अनुपात पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है? आगामी 05 वर्षों में इन ऋण वापसी के लिए सरकार की क्या योजना है?

इसके जवाब में वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने बताया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 293 (3) के तहत, राज्य सरकार को बाहय ऋण लेने के लिए वित्त मंत्रालय, भारत सरकार से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए सभी विदेशी ऋण बहुपक्षीय विकास बैंकों के माध्यम से 'बैक-टू-बैक' आधार पर प्राप्त किए जाते हैं। राज्य शासन ने इन ऋणों के लिये कोई शासकीय गारंटी नहीं दी है। राज्य सरकार ने कितना लोन लिया है, यह भी वित्त मंत्री ने बताया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के द्वारा प्रस्तुत जवाब के अनुसार विदेशी ऋण की मात्रा में गत वर्ष की तुलना में कमी आई है। मूलधन एवं ब्याज की अदायगी संचित निधि पर भारित होती है, अतः आगामी 5 वर्षों के वार्षिक बजट में भी मूलधन और ब्याज की अदायगी हेतु आवश्यक प्रावधान किया जाएगा।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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