80 हजार शिक्षकों को पास करनी होगी टेट परीक्षा, टेट नहीं तो नौकरी पर मंडराएगा खतरा, प्राइमरी व मिडिल स्कूल के शिक्षकों के लिए है जरुरी
CG Teacher News: छत्तीसगढ़ के सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूल में कार्यरत 80 हजार शिक्षकों को टेट की परीक्षा दिलानी होगी और पास करना भी जरुरी है। टेट परीक्षा पास ना करने की स्थिति में नौकरी जाने का खतरा बना रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देशभर में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए टेट परीक्षा पास करने की अनिवार्यता रख दी है।

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बिलासपुर।31 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ के सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूल में कार्यरत 80 हजार शिक्षकों को टेट की परीक्षा दिलानी होगी और पास करना भी जरुरी है। टेट परीक्षा पास ना करने की स्थिति में नौकरी जाने का खतरा बना रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देशभर में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए टेट परीक्षा पास करने की अनिवार्यता रख दी है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 80 हजार शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा TET पास करना अनिवार्य हो गया है। टेट पास करने की स्थिति में ही उनकी नौकरी बच सकेगी। बीते साल एक याचिका पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी पास करना अनिवार्य हो गया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो, राज्य के प्राइमरी और मिडिल सरकारी स्कूलों में तकरीबन 1.93 लाख शिक्षक हैं। इनमें से 42 प्रतिशत शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने टीईटी क्वालिफाई नहीं किया है। इनके सामने सबसे बड़ी चुनौती नौकरी बचाने की है। शिक्षक संगठनों द्वारा लगातार मांग की जा रही थी, आरटीई से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जाए। इसके लिए सरकार प्रावधान लाए। इसी तरह विभागीय परीक्षा आयोजित करने को लेकर भी चर्चा थी। शिक्षक संगठनों की मांग के बीच स्कूल शिक्षा विभाग से इस संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। प्रदेश में 80 हजार से अधिक सहायक शिक्षक और शिक्षक अब सीधतौर पर टेट के दायरे में आ गए हैं। जानकारीके अनुसार कोंडागांव, महासमुंद, बलौदाबाजार और सरगुजा जिलों में सबसे ज्यादा शिक्षक हैं जो टेट के दायरे में हैं।
फरवरी में कई शिक्षकों ने दिया था टीईटी, पास नहीं हुए
व्यापमं ने फरवरी में सीजी टीईटी का आयोजन किया था। सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक इसमें शामिल हुए थे, लेकिन कुछ हीशिक्षक टेट पास कर पाए। शिक्षकों ने कहा है, बरसों से स्कूल में पढ़ाने के बाद फिर परीक्षा की तैयारी करके पास करना मुश्किल हो गया है। स्कूल शिक्षा विभाग टीईटी से राहत दिलाने कोई व्यवस्था करे या फिर विभागीय परीक्षा ले।
लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टेट से रखा जाए मुक्त
छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन का कहना है, शिक्षक साथी बीते 20- 30 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। हमारी योग्यता पहले ही प्रमाणित हो चुकी है। 20-25 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त किया जाए।
इन जिलों के शिक्षकों को TET पास करना जरुरी
रायपुर 376 महासमुंद - 4486, धमतरी 3053, बलौदाबाजार-भाटापारा 4535, रायगढ़ 4207, सरगुजा - 4328 कोंडागांव - 5334, बलरामपुर- 3830, बिलासपुर 1020, दुर्ग - 2756, गरियाबंद 3340, जांजगीर-चांपा 3164 व सूरजपुर - 4151.
