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CG के इस जिले में युक्तियुक्तकरण में हुआ जमकर खेला, चीफ सिकरेट्री तक पहुंची शिकायत, पहले युक्तियुक्तकरण के तहत जारी किया आदेश...

CG Teacher News: युक्तियुक्तकरण के दौरान राज्य शासन के निर्देशों और मानदंडों का खुलकर उल्लंघन करने का बड़ा मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सामने आया है। डीईओ विजय तांडे के खिलाफ चीफ सिकरेट्री को शिकायत कर युक्तियुक्तकरण में बड़े पैमाने पर की गई गड़बड़ी की जांच की मांग की गई है।

CG के इस जिले में युक्तियुक्तकरण में हुआ जमकर खेला, चीफ सिकरेट्री तक पहुंची शिकायत, पहले युक्तियुक्तकरण के तहत जारी किया आदेश...
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इमेज सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर। 23 मार्च 2026|युक्तियुक्तकरण के दौरान राज्य शासन के निर्देशों और मानदंडों का खुलकर उल्लंघन करने का बड़ा मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सामने आया है। डीईओ विजय तांडे के खिलाफ चीफ सिकरेट्री को शिकायत कर युक्तियुक्तकरण में बड़े पैमाने पर की गई गड़बड़ी की जांच की मांग की गई है। कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने डीईओ विजय तांडे और क्लर्क सुनील यादव के खिलाफ दस्तावेजी प्रमाण सौंपा है।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में युक्तियुक्तकरण के नाम पर जमकर खेला किया गया है। राज्य शासन के आदेश के तहत युक्तियुक्तकरण के तहत बड़े पैमाने पर शिक्षकों का तबादला आदेश जारी कर दिया गया। इसके बाद शुरू हुआ संशोधन का बड़ा खेल। कांग्रेस नेता अंकित गौराहा ने दस्तावेजी प्रमाण के साथ मुख्य सचिव को शिकायत करते हुए गड़बड़ी की जांच करने और दोषी डीईओ व क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अंकित गौराहा ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है, जिला स्तरीय समिति के अनुशंसा के बिना बड़े पैमाने पर युक्तियुक्तकरण के बाद संशोधन आदेश जारी किया गया है।


डीईओ व क्लर्क सुनील यादव ने कुछ इस तरह किया खेला

. जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर बिलासपुर के बिना अनुमोदन के ही सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर द्वारा शिक्षक संवर्ग के लगभग 200 प्रकरण संशोधित किए गये हैं।

. जारी आदेशों में किसी खण्ड प्रभारी/खण्ड प्रभारी लिपिक के न हस्ताक्षर हैं न नोटशीट और न ही वास्तविक खण्ड प्रभारी के संज्ञान में है। विकासखण्ड स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के पुनःपरीक्षण के बिना ही सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर द्वारा शिक्षक संवर्ग के प्रकरण संशोधित किए गये है।

. कुछ ही प्रकरण में न्यायालयीन निर्देश का हवाला देकर संशोधित किया गया है, जबकि अधिकांश संशोधित, मान्य प्रकरण गोपनीय रूप से जारी कर प्राचार्यों व विकास खण्ड शिक्षा अधिकारियों का बोल कर शिक्षक संवर्ग को कार्यभार ग्रहण कराये जा रहे हैं।

. जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर बिलासपुर के बिना अनुमोदन के ही सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर द्वारा शिक्षक संवर्ग के प्रकरण संशोधित किए गये हैं तो क्या जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति एवं विकासखण्ड स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति अस्तित्व में नहीं है/ भंग कर दी गई है।

. वास्तव में यह षडयंत्र विजय टाण्डे (मूल पद प्राचार्य) वर्तमान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर एवं अपने विश्वास पात्र जूनियर आडिटर सुनील यादव के द्वारा शिक्षक संवर्ग के युक्तियुक्तकरण में संशोधन घोटाला एवं अनियमितता के साथ किया गया है। वर्तमान में सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर द्वारा शिक्षक संवर्ग के अधिकांश प्रकरण संशोधित किए गये हैं जो सचिव स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण के लिए जारी नियमों के विपरीत है ।

नियुक्ति, अटैचमेंट और प्रमोशन में गंभीर आरोप

अंकित गौराहा ने शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया,अटैचमेंट,युक्तियुक्तकरण और प्रमोशन में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए संभागायुक्त और संभागीय संयुक्त संचालक को इसके पहले भी पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा विभाग में नियमों को दरकिनार कर कई फैसले लिए गए, जिनसे विभाग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों पर सवाल खड़े हुए हैं। शिकायत के बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने सीधे संयुक्त संचालक से मुलाकात कर अपने पत्र पर कार्रवाई की मांग की और यह भी आरोप लगाया कि संभागायुक्त के निर्देशों की अनदेखी करते हुए जिला स्तर पर जांच शुरू करने में जानबूझकर टालमटोल की गई।

पहले की जांच और ‘क्लीन चिट’ पर विवाद

बता दें, अनुकंपा नियुक्ति में गड़बड़ी की जांच की मांग को लेकर केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से शिकायत की थी। तोखन साहू ने कलेक्टर को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। कलेक्टर ने जांच का निर्देश दिया। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। जांच टीम में बिल्हा और मस्तूरी के बीईओ को शामिल किया गया। जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी और स्थापना शाखा के बाबू सुनील यादव को क्लीन चिट दे दी गई। गौरहा का आरोप है कि तकनीकी रूप से कोई बीईओ जिला शिक्षा अधिकारी की जांच नहीं कर सकता, इसके बावजूद ऐसी जांच कराकर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई।

नई जांच समिति पर भी गंभीर सवाल

संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा गठित नई तीन सदस्यीय जांच समिति पर भी अब विवाद खड़ा हो गया है। अंकित गौरहा ने कहा कि समिति में शामिल बिल्हा विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक पहले भी उस दो सदस्यीय जांच टीम के सदस्य रह चुके हैं, जिसने जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे और बाबू सुनील यादव को क्लीन चिट दी थी। जिस अधिकारी ने पहले ही आरोपी अधिकारियों को निर्दोष बताकर रिपोर्ट दे दी, वही अब दोबारा जांच समिति में शामिल होकर निष्पक्ष जांच कैसे कर सकते हैं। इससे पूरी जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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