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अनुकंपा नियुक्ति में फर्जीवाड़ा: जेडी कार्यालय पहुंचा मामला, खटराल अफसर और बाबू को बचाने की हो रही कोशिश, मंत्री के निर्देश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

CG News: CG News: छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अनुकंपा नियुक्ति में फर्जीवाड़ा का मामला अब डीईओ कार्यालय से जेडी कार्यालय पहुंच गया है। मंत्री के निर्देश के बाद जांच तो हुई, जिस तरह अधिकारी की नियुक्ति की गई उसे लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।

अनुकंपा नियुक्ति में फर्जीवाड़ा: जेडी कार्यालय पहुंचा मामला, खटराल अफसर और बाबू को बचाने की हो रही कोशिश, मंत्री के निर्देश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
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इमेज सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर।06 मार्च 2026| जिला शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति को फर्जीवाड़े का मामला अब संभाग स्तर तक पहुंच गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग बिलासपुर संभाग आरपी आदित्य से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में देरी हुई या मामले को दबाने की कोशिश की गई तो वह इस मुद्दे को हाई कोर्ट तक ले जाएंगे।

एक महीने से लंबित शिकायत पर उठे सवाल

संयुक्त संचालक से मुलाकात के दौरान गौरहा ने बताया कि उन्होंने लगभग एक महीने पहले संभागायुक्त और संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत कर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक न तो शिकायत का कोई जवाब मिला और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई।

अनुकंपा नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी’

अंकित गौरहा ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा विभाग में एक दर्जन से अधिक अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। पात्र आवेदकों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को नौकरी दी गई और इस पूरी प्रक्रिया में कथित तौर पर भारी लेन-देन हुआ है।

बता दें, इस मामले में पहले केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कलेक्टर को जांच के निर्देश दिये थे। कलेक्टर के आदेश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने स्तर पर जांच के निर्देश जारी किए थे, लेकिन जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

डीईओ की जांच बीईओ से कराना गलत’

शिकायत में कहा कि जिस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी और स्थापना शाखा के बाबू सुनील यादव पर आरोप लगाए गए हैं, उसकी जांच ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से कराना तकनीकी रूप से उचित नहीं है। जिला स्तर के अधिकारियों की जांच संभागीय स्तर की टीम से कराई जानी चाहिए, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।


अन्य जिलों के आवेदकों की नियुक्ति का भी आरोप

गौरहा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में अन्य जिलों के आवेदकों को भी अनुकंपा नियुक्ति दी गई है, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने पूरे मामले की व्यापक जांच की मांग की।


संयुक्त संचालक ने दिए जांच के संकेत

संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग आरपी आदित्य ने कहा कि वह हाल ही में लंबी छुट्टी से लौटे हैं और संभव है कि शिकायत पत्र उनके संज्ञान में नहीं आया हो। उन्होंने तत्काल दोनों शिकायत पत्र मंगवाकर मामले की समीक्षा करने की बात कही। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामला गंभीर है और इसकी जांच के लिए जल्द ही एक टीम गठित की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ शिकायत की जांच बीईओ स्तर पर कराना उचित नहीं है।

युक्तियुक्तकरण में भी गड़बड़ी का आरोप

मुलाकात के दौरान अंकित गौरहा ने जिले में चल रही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में भी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनदेखी करते हुए जिला स्तर पर इस प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां हुई हैं और कुछ मामलों में लेन-देन कर निर्णय बदले गए।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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