हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा एयरपोर्ट में क्यों नहीं हो पा रही है नाइट लैंडिंग? शपथ पत्र के साथ मांगी जानकारी
Bilaspur High Court: चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डीविजन बेंच में बिलासपुर में हवाई सुविधा विस्तार से जुड़ी जनहित याचिकाओं की सुनवाई हुई।

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बिलासपुर। 6 अप्रैल 2026| चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डीविजन बेंच में बिलासपुर में हवाई सुविधा विस्तार से जुड़ी जनहित याचिकाओं की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान डीविजन बेंच ने बिलासपुर एयरपोर्ट में चल रहे कार्य की प्रगति के अलावा उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए अलायंस एयर के अलावा अन्य विमानन कंपनी को आमंत्रित करने के बारे में जानकारी मांगी। कोर्ट ने शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने कहा है।
सोमवार को हाईकोर्ट के डीविजन बेंच के सामने यह मुद्दा भी आया। 6 फरवरी को नाइट लैंडिंग लाइसेंस मिलने के बावजूद अब तक इस समय कोई उड़ान के प्रारंभ ना होने के मसले को याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव और सुदीप श्रीवास्तव ने उठाया।
अधिवक्ताओं ने बताया, एयरलाइन उड़ने संचालित कर रही है वह किसी तकनीकी कमी के कारण अभी तक रात को उड़ाने संचालित करने की सहमति नहीं दी है।
राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने कहा, इस मसले पर बातचीत जारी है और इसे शीघ्र ही हल कर लिया जाएगा। डीविजन बेंच ने इस मामले को भी शपथ पत्र में शामिल करने के निर्देश दिए।
सैन्य अफसर जमीन ट्रांसफर की औपचारिकता कर रहे पूरी
केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने जानकारी दी, आज सेना के अधिकारियों की टीम बिलासपुर में है और वह जमीन ट्रांसफर की औपचारिकता पूरी कर रही है। इन सभी बातों को रिकॉर्ड में लेने के बाद हाई कोर्ट ने जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
