Begin typing your search above and press return to search.

अफीम की खेती: कांग्रेसी इस दिन करेंगे का बड़ा पॉलिटिकल शो, प्रदेशभर में भाजपा कार्यालयों का करेगी घेराव

CG Congress Politics: 12 मार्च को छत्तीसगढ़ में पीसीसी के बैनर तले बड़ा पॉलिटिकल शो होगा। अफीम की खेती और खेती करने वाले भाजपा नेता को संरक्षण देने के विरोध में कांग्रेस प्रदेशभर के भाजपा कार्यालयों का घेराव करेगी।

अफीम की खेती: कांग्रेसी इस दिन करेंगे का बड़ा पॉलिटिकल शो, प्रदेशभर में भाजपा कार्यालयों का करेगी घेराव
X

इमेज सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

रायपुर। 10 मार्च 2026|12 मार्च को छत्तीसगढ़ में पीसीसी के बैनर तले बड़ा पॉलिटिकल शो होगा। अफीम की खेती और खेती करने वाले भाजपा नेता को संरक्षण देने के विरोध में कांग्रेस प्रदेशभर के भाजपा कार्यलयों का घेराव करेगी।

छत्तीसगढ़ दुर्ग जिले के समोदा में अवैध अफीम की खेती को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। बीते दो दिनों से सदन में मामला गरमाया हुआ है। कांग्रेस ने 12 मार्च को प्रदेशभर के भाजपा जिला कार्यालयों के घेराव करने की घोषणा की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है, भाजपा के संरक्षण में प्रदेश में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। पार्टी से जुड़े नेता आरोपियों को बचाने में लगे हैं और संरक्षण दे रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि, इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर की भूमिका गंभीर है, लेकिन उसे मुख्य आरोपी बनाने के बजाय सह-अभियुक्त बनाया गया है। पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।

पढ़िए क्या है पूरा मामला ?

छत्तीसगढ़ दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध तरीके से तकरीबन 5 साल से अफीम की खेती की जा रही थी। किसी को कानों- कान इसकी भनक तक नहीं लगी। 6 मार्च 2026 को मामला तब सामने आया, जब गांव के कुछ बच्चों को खेत में अजीब तरह के पौधे मिले। बच्चों ने इसकी तस्वीर इंटरनेट पर सर्च की, तो पता चला कि यह अफीम का पौधा है। इसके बाद पूरे गांव में चर्चा शुरू हो गई और मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता विनायक ताम्रकर को गिरफ्तार किया और खेत से करीब 8 करोड़ रुपए कीमत के अफीम के पौधे जब्त किए।

विनायक ताम्रकर का था गांव में दबदबा

इस मामले में ग्रामीणों ने भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। गांव की महिलाओं का कहना है कि, विनायक ताम्रकर का गांव में इतना दबदबा था, उनकी अनुमति के बगैर कोई भी उनके खेतों के आसपास जाने की हिम्मत नहीं करता था।

फार्महाउस में पुख्ता सुरक्षा, बाउंसर्स की तैनाती

जिस जगह अफीम की खेती की जा रही थी, वहां चारों तरफ गेट लगाए गए थे। इस कारण आम लोगों का वहां जाना लगभग असंभव था। ग्रामीणों का कहना है कि, गांव के लोगों ने पहले कभी अफीम का पौधा देखा ही नहीं था। ऊपर से ताम्रकर के डर के कारण कोई भी उस इलाके की तरफ जाने से बचता था। इसी वजह से इतने बड़े इलाके में अफीम की खेती होती रही और किसी को भनक तक नहीं लगी। वाली सड़क पर भी उनका दबदबा था। गांव के लोगों को इन जगहों का इस्तेमाल करने से भी कई बार रोका जाता था।

लीज की जमीन पर अफीम की खेती

पुलिस जांच में सामने आया है कि, जिस जमीन पर अफीम के पौधे मिले, वह जमीन राजस्थान के जोधपुर निवासी आचल दास ने लीज पर ली हुई थी। गिरफ्तार आरोपी विकास विश्नोई ने पूछताछ में बताया कि बीते चार साल से समोदा गांव में रह रहा था और विनायक ताम्रकर की करीब 13 एकड़ जमीन लीज पर लेकर खेती कर रहा था। यहां पहले कपास की खेती की जाती थी। पुलिस का कहना है, आचल दास फिलहाल होली मनाने अपने गृहग्राम गया हुआ है। इस मामले में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

Read MoreRead Less

Next Story