Bilaspur High Court: DG जेल का सनसनीखेज खुलासा: पैरोल पर छूटे 38 में से 37 कैदी फरार! हाई कोर्ट अवाक, अब इस मामले की हाई कोर्ट करेगा मॉनिटरिंग
Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ की जेलों से पैरोल पर छोड़े गए 38 में से 37 कैदी तय डेडलाइन के बाद भी सरेंडर नहीं किया है। सरेंडर करने के बजाय फरारी काट रहे हैं। डीजी जेल ने हलफनामा पेश कर हाई कोर्ट को जानकारी दी है।

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बिलासपुर। 27 फरवरी 2026|छत्तीसगढ़ की जेलों से पैरोल पर छोड़े गए 38 में से 37 कैदी तय डेडलाइन के बाद भी सरेंडर नहीं किया है। सरेंडर करने के बजाय फरारी काट रहे हैं। डीजी जेल ने हलफनामा पेश कर हाई कोर्ट को जानकारी दी है।
DG जेल ने शपथपत्र में बताया है, 38 में से 37 कैदी फरार हैं,अब तक एक कैदी को ही गिरफ्तार किया गया है। डीजीपी जे इस खुलासे के बाद हाई कोर्ट ने मामले को मॉनिटरिंग के लिए तय कर दिया है।
छत्तीसगढ़ की जेलों से पैरोल पर मुक्त किए गए बंदियों के मामले में हाई कोर्ट ने स्वतःसंज्ञान लाकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ शुरू की है। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में बीते वर्ष हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पैरोल पर छोड़े गए कैदियों की वापसी नहीं होने के मामले में जेल डीजी से शपथ पत्र के साथ जवाब मांगा था, जिसके बाद डीजी जेल ने हाई कोर्ट में जानकारी दी थी कि, छत्तीसगढ़ में कुल पांच सेंट्रल जेल रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और अंबिकापुर में हैं। इसके अलावा 12 जिला और 16 उपजेल हैं।
केंद्रीय जेलों के अलावा इन जेलों के 83 कैदी पैरोल से नहीं लौटे थे। इनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया और 3 की मृत्यु हो गई। इसी मामले में चल रही सुनवाई में 10 फरवरी 2026 को डीजी जेल ने हाई कोर्ट में शपथपत्र
प्रस्तुत किया है। इसमें बताया है कि, प्रदेश की जेलों में से 38 कैदी पेरोल पर बाहर हैं, जिनमें से 37 अब तक फरार हैं और सिर्फ एक को ही पकड़ा जा सका है। इसके बाद हाई कोर्ट ने यह मामला मॉनिटरिंग के लिए निर्धारित कर दिया है।
अच्छी चाल-चलन वाले बंदियों को छोड़ा गया
दरअसल COVID 19 के दौरान संक्रमण को देखते हुए जेलों में भीड़ कम करने के लिए जेल प्रशासन ने अच्छी चाल-चलन वाले बंदियों को पैरोल पर भेजा था। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कई बार पैरोल की अवधि बढ़ाई गई थी। महामारी का दौर बीत जाने के बाद भी बंदी वापस नहीं लौटे।
