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बिलासपुर हाई कोर्ट: भारी भरकम गुजारा भत्ता की शर्त पर पति पत्नी के बीच तलाक का हुआ समझौता, हाई कोर्ट ने दी तलाक की मंजूरी...

Bilaspur High Court: जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति से तलाक को मंजूरी दी है। इसके साथ ही पति पत्नी के बीच 20 साल से चले आ रहे रिश्ते का दुःखद अंत हो गया है।

Bilaspur High Court
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फोटो सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर।13 मार्च 2026| जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति से तलाक को मंजूरी दी है। डिवीजन बेंच ने यह फैसला दंपती के बीच सुलह की संभावनाओं के खत्म होने और दो बेटियों के भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुनाया है।

मध्यस्थता केंद्र में हुए समझौते के तहत पति ने पत्नी को 51 लाख रुपए गुजारा भत्ता और अपनी दोनों बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए 15-15 लाख रुपए की FD कराने पर सहमति जताई है।

अब पढ़िए क्या है मामला

महाराष्ट्र के राजोली निवासी व्यक्ति की शादी छत्तीसगढ़ निवासी महिला के 21 मई 2006 को हिंदू रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। उनकी दो बेटियां हैं। विवाह के कुछ साल बाद दोनों के बीच वैचारिक मतभेद शुरू हो गए, जिसके कारण अक्टूबर 2018 से अलग रहने लगे थे।

पति ने फैमिली कोर्ट में दायर की याचिका

अलग रहने के दौरान पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी थी। मामले की सुनवाई के बाद फैमिली कोर्ट ने क्रूरता साबित नहीं होने का हवाला देते हुए 6 जुलाई 2024 को याचिका को खारिज कर दिया था।

फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट मदायर की थी याचिका

फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ पति ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने मामला सुलझाने के लिए पति पत्नी को मध्यस्थता भेजा। वहां दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा हुई और आखिरकार 18 अगस्त 2025 को दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया।

मध्यस्थता केंद्र में हुआ समझौता

समझौते के अनुसार पति, पत्नी को 51 लाख रुपए की राशि देने पर सहमत हुआ। अपनी दो बेटियों के नाम पर 15-15 लाख रुपए के दो एफडी करने पर सहमति बनी। पत्नी को अलग-अलग किस्तों में डिमांड ड्राफ्ट के जरिए राशि सौंपी गई। 23 फरवरी 2026 तक बाकी 46 लाख रुपये का भुगतान भी पूरा कर दिया गया, जिसे पत्नी ने स्वीकार कर लिया है। मध्यस्थता केंद्र में हुए समझौते के आधार पर हाई कोर्ट ने पति को तलाक की मंजूरी दे दी है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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