तेंदूपत्ता लेने से किया इंकार, ग्रामीणों ने किया हंगामा…. देर रात तक जुटी रही ग्रामीणों की भीड़

Update: 2021-05-24 10:51 GMT

धमतरी 24 मई 2021. सिहावा क्षेत्र रतावा समिति अंतर्गत संचालित पांडरवाही तेंदूपत्ता फड़ में ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा तेंदूपत्ता खरीदने से इंकार किये जाने के बाद ग्रामीणों ने संग्राहकों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा मचाया. ग्रामीणों की भीड़ तेंदूपत्ता ठेकेदार और उनके कर्मचारियों पर कार्यवाई की मांग को लेकर देर रात तक जुटी रही. गौरतलब है कि हर साल की तरह इस साल भी पूरे जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य चल रहा है. वन विभाग द्वारा इस साल कुल 27300 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी पूर्ति के लिए हजारों संग्राहक परिवार दिन रात जुटे हुए हैं. लेकिन कई जगहों से ठेकेदार की मनमानी की शिकायतें सामने आ रही है, जिसके चलते ग्रामीणों में काफी नाराजगी है. ऐसा ही एक मामला रतावा समिति अंतर्गत पांडरवाही तेंदूपत्ता फड़ में सामने आया है, जहां ठेकेदार और उनके कर्मचारियों की मनमानी और गैर जिम्मेदाराना जवाब के चलते ग्रामीणों ने जमकर हंगामा मचाया. तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में जुटे लक्ष्मी नेताम, वनीता छेदइया समेत अन्य संग्राहकों और ग्रामीणों ने बताया कि हर साल वे तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य पूरे परिवार के साथ करते आ रहे हैं, जिससे परिवार की रोजी रोटी का इंतजाम होता है, इस साल भी सुबह से जंगल में जाकर तेंदूपत्ता तोड़कर लाने के बाद उसे फड़ में बेचने के लिए बंडल बनाकर तैयार कर चुके थे, लेकिन इसी बारिश होने के कारण ठेकेदार के कर्मचारियों ने पत्तों को अपने घर में ही सुखाकर रखने और मौसम साफ होने के बाद बिक्री के लिए फड़ में लाने कहा था, लेकिन जब रविवार को तेंदूपत्ता लेकर फड़ में पहुंचे तो कर्मचारियों ने पत्ता लेने से इनकार कर दिया और कहा कि ठेकेदार ने खरीदी बंद करने के लिए कहा है, लेकिन खरीदी क्यों और किस वजह से बंद किया गया है इस बात की जानकारी ग्रामीणों को नहीं दी जा रही है. जिससे सभी काफी आक्रोशित हैं. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने दिन रात मेहनत करके तेंदूपत्ता तोड़ाई और बंडल बनाने का काम किया है, और जब उसे बेचने की बारी आई तब लेने से इंकार किया जा रहा है, जो कि बिल्कुल भी उचित नहीं है. ठेकेदार की मनमानी के चलते ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और तेंदूपत्ता तत्काल खरीदने सहित ठेकेदार के कर्मचारी पर कार्रवाई को लेकर देर रात तक फड़ में जुटे रहे. हंगामे की जानकारी मिलने पर घटुला सरपंच राजू पटेल भी मौके पर पहुंचे थे. सरपंच ने कहा कि यही वो सीजन होता है जिसमें ग्रामीण जंगलों में जाकर लघु वनोपज तेंदूपत्ता की तोड़ाई करते हैं और अपने जीवन यापन के लिए कुछ राशि जुटाते हैं. ग्रामीणों की कड़ी मेहनत के बाद उनके पत्ते नहीं खरीदा जाना काफी गलत है. ठेकेदार को तत्काल तेंदूपत्ता खरीदना चाहिए, वहीं विभागीय अधिकारियों को इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही करना चाहिए. जनपद सदस्य ने भी तेंदूपत्ता खरीदी करने की मांग की है.

कर्मचारी नहीं दे पाए कोई जवाब

तेंदूपत्ता खरीदने से इनकार करने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों से घिरे मुंशी ध्रुव कुमार कुंजाम और कुलेश यादव मीडिया कर्मियों को भी कोई जवाब नहीं दे पाए. ध्रुव कुमार कुंजाम का कहना है कि कि वह वर्ष 1989 से यहां मुंशी का काम करते आ रहे हैं, हर साल यहां लक्ष्य के अनुरूप तेंदूपत्ता खरीदी किया जाता है. इस साल लगभग 1 लाख 40 हजार तेंदूपत्ता बंडल खरीदी किया जाना है, अभी 70 हजार बंडल की खरीदी हो चुकी है, आगे खरीदी बंद करने कहा गया है, लेकिन खरीदी बंद करने के कारण की की जानकारी उसे नहीं है. कर्मचारी कुलेश यादव का कहना है कि ठेकेदार ने उसे बस इतना कहा है कि तेंदूपत्ता खरीदी बंद करना है लेकिन उन्होंने कारण कुछ नहीं बताया.

फ्रेश पत्ते की होती है खरीदी- कोशरिया

इधर लघु वनोपज शाखा प्रभारी एसडीओ एफ आर कोशरिया ने बताया कि ठेकेदारों द्वारा हरा और फ्रेश पत्ता ही खरीदी किया जाता है, पांडवाही में ग्रामीणों द्वारा पत्तों को सुखाकर लाये जाने के कारण ठेकेदार द्वारा पत्ता खरीदने से इनकार किये जाने की जानकारी मिल रही है. इस पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई करेंगे…

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