इंडोर स्टेडियम में बने अस्थायी कोविड अस्पताल में मरीजों का उपचार जारी….हर मरीज के भोजन, मनोरंजन व स्वच्छ्ता विशेष व्यवस्था…
रायपुर 27 जुलाई 2020।कोरोना संक्रमित मरीजों को संपूर्ण सुविधा सुलभ कराने स्व. बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम को अस्थायी कोविड-19 अस्पताल में परिवर्तित किया गया है। इस अस्पताल में मरीजों की समुचित देखभाल के लिए चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाॅफ के साथ ही नगर निगम के एक विशेष दस्ते को 24 घंटे इस परिसर में तैनात किया गया है। उपचार हेतु भर्ती मरीजों को मनोवैज्ञानिक रूप से मजबूत बनाने प्रेरक फिल्में व धारावाहिक दिखाने के साथ ही इंडोर खेल गतिविधियों के जरिए मनोरंजन की व्यवस्था भी रायपुर नगर निगम व स्मार्ट सिटी ने मिलकर की है। 266 बिस्तरों वाले इस अस्थायी अस्पताल में अभी 226 मरीज उपचार हेतु भर्ती हैं।
कोरोना संक्रमण की वजह से बढ़े मरीजों की संख्या को देखते हुए इंडोर स्टेडियम में बने इस अस्थायी कोविड अस्पताल को 25 जुलाई से शुरू किया गया है। पहले दिन यहां 19, दूसरे दिन 52 एवं 155 मरीज भर्ती किए गए। इन मरीजों को सुरक्षा किट के तौर पर फेस मास्क, सेनेटाइजर, साबुन, ब्रश, टूथ पेस्ट आदि जरूरी सामग्री भी दाखिले के दौरान मुहैया कराई जा रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के अधीन डाक्टर व नर्सिंग स्टाॅफ 24 घंटे हर मरीज का उपचार कर रहा है। इन मरीजों की जरूरतों को पूरा करने क्लोज सर्किट कैमरे के जरिए हर पल निगरानी की जा रही है। इसके लिए हास्पिटल के अंदर ही कमान संेटर स्थापित किया गया है, जहां डाक्टर व नर्सिंग स्टाॅफ मरीजों से संपर्क बनाए रखते हैं।
इस हाॅस्पिटल के अंदर सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाता है एवं तैनात स्वच्छता कर्मियों को पीपी किट पहनकर ही अंदर जाने की अनुमति दी जाती है। इन मरीजों के स्वल्पाहार व भोजन की संपूर्ण व्यवस्था जिला प्रशासन, नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में अक्षय पात्र संस्था कर रही है। पेय जल हेतु आरओ मशीन भी जगह-जगह लगाए हैं। मरीजों के लिए हर वार्ड में पंखे व रौशनी की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई। इस पूरे परिसर को लगातार सेनेटाइज करने नगर निगम के विशेष अमले को परिसर में ही कैंप कराकर संपूर्ण व्यवस्था नगर निगम मुख्यालय व जोन के अधिकारियों एवं अभियंताओं देखरेख में की जा रही है। मेडिकल वेस्ट के निपटारे के लिए भी नगर निगम ने पृथक व्यवस्था की है एवं इसके लिए पृथक से एजेंसी अधिकृत कर शहर के बाहर इसका निपटान सुनिश्चित किया जा रहा है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों के दैनिक कर्म से उत्पन्न अपशिष्ट के निपटान के भी इंडियन काउंसिल आॅफ मेडिकल रिसर्च और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तय मापदंडों का पालन करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं इस परिसर में ही की गई हैं। मलमूत्र के निकास से किसी भी तरह का संक्रमण न हो इसके लिए इस परिसर में पंप के साथ छह डोजिंग मशीन लगाए गए हैं।विश्व स्वास्थ्य संगठन की वर्तमान गाईड लाइन जिसमें न्यूनतम एक प्रतिशत डोजिंग का सुझाव दिया गया है, वहां पर्याप्त सतर्कता बरतते हुए दूषित जल में तीन प्रतिशत की डोजिंग नगर निगम द्वारा की जा रही है। इस काम के लिए 15 हजार लीटर सोडियम हाईपोक्लोराइट का स्टाॅक भी इस परिसर में अलग से रखा गया है। इस कार्य हेतु तीन स्टाॅफ अलग से लगाए गए हैं, जो इसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।