कलिंगा विश्वविद्यालय परिसर में आज मासिक पत्रिका ‘‘कलिंगा बज‘‘ का विमोचन….
रायपुर 19 दिसंबर 2020. कलिंगा विश्वविद्यालय परिसर में आज मासिक पत्रिका ‘‘कलिंगा बज‘‘ का विमोचन किया गया। कलिंगा विश्वविद्यालय की इस मासिक पत्रिका में रचनात्मक सामग्री के साथ ज्ञान विज्ञान, साहित्य और शोध आधारित आलेखों का नियमित प्रकाषन किया जाएगा। इस अवसर पर कलिंगा विष्वविद्यालय के प्राध्यापकों को उनकी शोध उपलब्धि, खोज एवं पैटेंट प्राप्त करने पर सम्मानित भी किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति डाँ. आर श्रीधर, महानिदेशक डाँ. बैजू जाॅन, कुलसचिव डाँ संदीप गांधी, आईक्यूएसी सेल की निदेषक डाँ. अभिलाषा गौर, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डाँ. आशा अंभईकर और अकादमिक मामले के प्रमुख राहुल मिश्रा की उपस्थिति में ज्ञान और विद्या की देवी माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के पष्चात विमोचन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस मौके पर मासिक पत्रिका ‘‘कलिंगा बज‘‘ की संपादक डाँ. विनीता दीवान ने पत्रिका की पृष्ठभूमि पर प्रकाष डालते हुए कहा कि इस पत्रिका में समाज के सभी पहलुओं पर बराबर जोर दिया गया है। जिसमें कला, साहित्य, ज्ञान विज्ञान आदि समस्त विधाओं के गुणवत्तापूर्ण सामग्री का समावेष रहेगा। इस परिचय सत्र के उपरांत मुख्य अतिथिओं के द्वारा पत्रिका के प्रवेषांक का विमोचन किया गया।
इस मौके पर कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डाँ. आर श्रीधर ने पत्रकारिता की विधाओं से परिचित कराते हुए कहा कि जिस कलेवर के साथ इस पत्रिका का शुभारंभ किया गया है। उससे पता चलता है कि निष्चित रूप से यह पत्रिका अपने उद्देष्य में सफल रहेगी। गुणवत्तापूर्ण सामग्री संकलन से उसके सुनहरे भविष्य की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
कलिंगा विश्वविद्यालय के महानिदेषक डाँ. बैजू जाॅन ने इस मौके पर समाज में पत्रकारिता के महत्व को समझाते हुए कहा कि मीडिया समाज का आईना है और उसमें सबसे अहम रोल पत्रिकाएँ निभाती हैं क्योकि इसमें खबरों की गहराई तक की रिर्पोटिंग होती है और साथ ही उसका विष्लेषण भी किया जाता है। विश्वविद्यालयीन पत्रिका में शोध आाधारित गुणवत्तापरक सामग्री इस पत्रिका को खास बनाती है।
कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाँ संदीप गांधी ने कहा कि मुझे यह उम्मीद है कि यह पत्रिका अपने मिषन में कामयाब होगी और विष्वविद्यालयीन पत्रकारिता जगत में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि कलिंगा विष्वविद्यालय अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का बखूबी पालन करता रहा है। ‘‘कलिंगा प्लस‘‘ के डिजिटल प्लेटफार्म के मदद से हम स्कूली विद्यार्थियों को निःषुल्क षिक्षा एवं मार्गदर्षन देने का काम भी कर रहे हैं। ‘‘कलिंगा बज‘‘ पत्रिका भी देष के समस्त विष्वविद्यालयों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
उक्त समारोह में डाँ. वी.पी. कोला ने इस समारोह में शोध पत्र एवं शोध आलेख लेखन के महत्व को ध्यान में रखते हुए शोध प्रविधि के विविध रूपों पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। विमोचन समारोह के दौरान कलिंगा विष्वविद्यालय के प्राध्यापक अभिषेक कुमार पाण्डेय के नए इनोवेषन कलिंगा च्यवनप्राष, काल्पिक टायलेट क्लीनर एवं अन्य उत्पादों के लिए सम्मानित किया गया। गुगल साईटेषन में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए डाँ. वी. पी. कोला, डाँ. आषा अंभईकर, डाँ. मनोज सिंह, डाँ. अंजू मैश्राम, शैलेष देषमुख, राहुल चावडा, डाँ. हिन्डोल घोष, डाँ. सुषमा दुबे, डाँ. संयोगिता शाही और डाँ. प्रतीक कुमार जगताप सहित दस प्राध्यापकों को सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में नए पैटेंट का आवेदन जाम करने के लिए राहुल मिश्रा, डाँ. पारितोष दुबे, डाँ. हर्षा पाटिल, डाँ. एम. एस. मिश्रा, राहुल चावडा, शोभा सिंह ठाकुर,सुदीप कुमार और डाँ. षिल्पी श्रीवास्तव सहित आठ प्राध्यापकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कपिल केलकर और डाँ. विनीता दीवान ने किया। जिसका तकनीकी सहयोग राहुल चावडा ने किया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डाँ. आषा अंभईकर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस समारोह में विष्वविद्यालय के समस्त प्राध्यापक और विभागाध्यक्ष उपस्थित थें। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण माइक्रोसाॅफ्ट टीम तथा फेसबुक लाईव के माध्यम से भी किया गया जिसमें विश्वविद्यालय के अनेक विद्यार्थियों एवं षिक्षकों ने भाग लिया।