सावधान! बच्चों के सीक्रेट्स हुए लीक: AI खिलौने की बड़ी लापरवाही ने 50000 से ज्यादा चैट्स को किया सरेआम

Bondu AI Toy Data Leak News: Bondu कंपनी से जुड़े AI स्मार्ट खिलौने की लापरवाही सामने आई है। सुरक्षा चूक के कारण बच्चों और खिलौनों के बीच हुई 50 हजार से ज्यादा निजी चैट्स इंटरनेट पर देखी गईं। मामले के बाद कंपनी ने पोर्टल बंद किया, लेकिन बच्चों की प्राइवेसी और सुरक्षा पर सवाल बने हुए हैं।

Update: 2026-01-31 14:53 GMT

Image Source: bondu.com

Bondu AI Toy Data Leak: अगर आप अपने बच्चों के लिए बोलने वाली गुड़िया या इंटरनेट से जुड़े स्मार्ट खिलौने खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। हाल ही में एक AI खिलौना बनाने वाली कंपनी Bondu से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। कंपनी की एक बड़ी लापरवाही की वजह से बच्चों की निजी बातें और जानकारी इंटरनेट पर बिना सुरक्षा के दिखाई देने लगीं। इस घटना ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और ऐसे खिलौनों की सेफ्टी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

कैसे सामने आई यह सुरक्षा चूक

इस मामले का खुलासा दो साइबर सुरक्षा रिसर्चर्स, जोसेफ थैकर और जोएल मार्गोलिस ने किया। उन्होंने जब Bondu कंपनी के एक ऑनलाइन पोर्टल की जांच की, तो उन्हें चौंकाने वाली बात पता चली। इस पोर्टल तक पहुंचने के लिए किसी तरह की हैकिंग या खास तकनीक की जरूरत नहीं थी। कोई भी सामान्य व्यक्ति सिर्फ एक Gmail अकाउंट से लॉग-इन कर सकता था। यह पोर्टल असल में माता-पिता और कंपनी के कर्मचारियों के लिए बनाया गया था, लेकिन यहां बच्चों और खिलौनों के बीच हुई निजी बातचीत साफ-साफ देखी जा सकती थी।

कितना और कैसा डेटा हुआ लीक

रिसर्चर्स के मुताबिक, इस पोर्टल पर करीब 50,000 से ज्यादा चैट रिकॉर्ड मौजूद थे। इनमें बच्चों के नाम, जन्मतिथि, परिवार से जुड़ी बातें और रोज की निजी जानकारी शामिल थी। सुरक्षा जानकारों का कहना है कि इस तरह का डेटा गलत हाथों में पड़ जाए, तो बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। कोई भी शख्स इन जानकारियों का गलत इस्तेमाल कर बच्चों को आसानी से बहका सकता है।

कंपनी ने क्या कदम उठाए

जब इस लापरवाही की जानकारी Bondu कंपनी को दी गई, तो कंपनी ने तुरंत उस पोर्टल को बंद कर दिया। Bondu कंपनी के CEO फातिन अनम रफीद के अनुसार, जानकारी मिलने के कुछ ही मिनटों में एक्सेस रोक दिया गया और अगले दिन सिस्टम को बेहतर सुरक्षा के साथ अपडेट किया गया। कंपनी का दावा है कि इन दो रिसर्चर्स के अलावा किसी और ने इस डेटा को नहीं देखा। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एक बार डेटा खुला हो जाए, तो यह पूरी तरह सुरक्षित रहा या नहीं, इसका भरोसा करना मुश्किल होता है।

स्मार्ट खिलौने और बच्चों की प्राइवेसी का सवाल

रिपोर्ट्स बताती हैं कि ऐसे स्मार्ट खिलौने बड़ी टेक कंपनियों की तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, जिससे बच्चों की बातचीत प्रोसेस होती है। Bondu का कहना है कि वह केवल लिखी हुई बातचीत को सेव करता है और आवाज से जुड़ी फाइलें तुरंत हटा दी जाती हैं। फिर भी, बच्चों का डेटा बाहर के सिस्टम तक पहुंचना चिंता का विषय है। यही वजह है कि अमेरिका के कुछ इलाकों, जैसे कैलिफोर्निया, में अब ऐसे इंटरैक्टिव खिलौनों पर रोक लगाने की मांग तेज हो रही है।

यह मामला साफ बताता है कि बच्चों के लिए कोई भी स्मार्ट डिवाइस खरीदने से पहले उसकी सुरक्षा और प्राइवेसी को गंभीरता से जांचना बेहद जरूरी है।

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