Apple के बाद अब Nintendo की बारी, यूरोप के नियमों की वजह से Switch 2 में होगा ये बड़ा बदलाव

Nintendo Switch 2 Battery Update: Nintendo Switch 2 को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। PCMAG की रिपोर्ट के मुताबिक, अब यूजर्स खुद अपने कंसोल की बैटरी बदल सकेंगे। यूरोपियन यूनियन के नए नियमों की वजह से Nintendo अपने हार्डवेयर में ये बड़ा बदलाव करने जा रहा है।

Update: 2026-03-21 13:58 GMT

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Nintendo Switch 2 Battery Update: गेमिंग वर्ल्ड से एक बहुत बड़ी अपडेट सामने आ रही है। PCMAG की रिपोर्ट के मुताबिक, Nintendo अपने नए Switch 2 में यूजर्स को खुद बैटरी बदलने का ऑप्शन दे सकता है। ये खबर गेमर्स के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है, क्योंकि अभी तक बैटरी खराब होने पर डिवाइस को सर्विस सेंटर ले जाना ही पड़ता था और खुद खोलने पर वारंटी का डर रहता था। अब Nintendo ये बड़ा बदलाव यूरोपियन यूनियन (EU) के नए रूल्स की वजह से कर रहा है। अगर ये फीचर आता है, तो गेमिंग का पूरा एक्सपीरियंस ही बदल जाएगा।

यूरोप के नए कानून का बड़ा असर

असल में ये सारा बदलाव यूरोपियन यूनियन के नए 'बैटरी रेगुलेशन' की वजह से हो रहा है, जो फरवरी 2027 से लागू होगा। इस नए नियम के मुताबिक, कंपनियों को अपने गैजेट्स ऐसे बनाने होंगे ताकि लोग आसानी से घर पर ही बैटरी बदल सकें। एनवायरनमेंट को ध्यान में रखकर और ई-वेस्ट कम करने के लिए लिए गए इस फैसले ने Nintendo को अपनी प्लानिंग बदलने पर मजबूर कर दिया है। ये बिल्कुल वैसा ही है जैसे Apple ने यूरोप के दबाव में आकर iPhone से अपना पुराना चार्जर हटाकर USB-C पोर्ट दिया था। अब बारी Nintendo की है जो अपने हार्डवेयर में बड़े सुधार की तैयारी कर रहा है।

गेमर्स को रिपेयरिंग सेंटर के चक्कर से मिलेगी राहत

अभी तक की स्थिति यह है कि अगर आपके Nintendo Switch की बैटरी खराब होती है, तो उसे अधिकृत रिपेयर सेंटर पर ही ले जाना पड़ता है। अगर कोई यूजर खुद इसे खोलने या रिपेयर करने की कोशिश करता है, तो डिवाइस की वारंटी खत्म हो जाती है। लेकिन Switch 2 के साथ यह परेशानी खत्म हो जाएगी। Nikkei Asia की रिपोर्ट बताती है कि कंपनी सबसे पहले अपने डिटेचेबल Joy-Con कंट्रोलर्स के लिए यह फीचर रोलआउट करेगी। इससे न केवल रिपेयरिंग आसान होगी, बल्कि कंसोल की लाइफ भी बढ़ जाएगी।

लंबी फ्लाइट और ट्रैवलिंग में गेमिंग होगी और भी आसान

इस नए फीचर का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो ट्रैवलिंग के दौरान गेमिंग करना पसंद करते हैं। मान लीजिए आप एक लंबी फ्लाइट में हैं और आपके कंसोल की बैटरी 1% पर पहुंच गई है, तो आपको चार्जिंग पॉइंट ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप बस पुरानी बैटरी निकाल कर दूसरी चार्ज्ड बैटरी लगा सकेंगे और पलक झपकते ही आपका गेम 100% बैटरी के साथ फिर से शुरू हो जाएगा। यह पोर्टेबिलिटी और सुविधा के लिहाज से गेमिंग इंडस्ट्री में एक रिवोल्यूशनरी कदम साबित हो सकता है।

क्या भारत और अन्य देशों में मिलेगा यह फीचर

फिलहाल यह साफ नहीं है कि Nintendo इस रिप्लेसेबल बैटरी वाले फीचर को ग्लोबल लेवल पर लॉन्च करेगा या नहीं। अभी के लिए यह योजना केवल यूरोप के लिए नजर आ रही है। हालांकि, अमेरिका के कई राज्यों जैसे कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क में 'Right to Repair' कानून सख्त हो रहे हैं, जिसे देखते हुए उम्मीद है कि कंपनी इसे दुनिया भर में पेश कर सकती है। अगर Nintendo ऐसा करता है, तो यह गेमिंग कंसोल के मार्केट में एक नया स्टैंडर्ड सेट कर देगा, जहां यूजर का अपने डिवाइस पर पूरा कंट्रोल होगा।

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